आलू उत्पादन में इफको और नाबार्ड की भागीदारी हो

Farrukhabad Updated Fri, 04 May 2012 12:00 PM IST
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फर्रुखाबाद। आलू उत्पादन में उन्नतशील खेती के लिए इफको और नाबार्ड संस्थाओं की भागीदारी पर बल देते हुए इसकी महती आवश्यकता शासन के समक्ष प्रस्तुत की गई है। गुरुवार को लखनऊ के सचिवालय में फर्रुखाबाद, कन्नौज, इटावा और आगरा जिलों के प्रतिनिधियों के साथ खाद्य एवं औद्यानिक मिशन के प्रमुख सचिव की महत्वपूर्ण बैठक हुई। जिसमें आलू उत्पादन में और भी प्रगति के लिए प्रतिनिधि मंडल को नीदरलैंड भेजने और शोध केंद्रों को उत्तर प्रदेश में स्थापित करने की जरूरत भी बताई गई।
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सचिवालय में हुई इस बैठक में इंडियन पोटैटो ग्रोवर एंड एक्सपोर्ट सोसाइटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुधीर कुमार शुक्ला, आगरा से राष्ट्रीय महासचिव नेमी चंद्र जादौन, आलू निर्यातक राजकुमार जुएल, आगरा से ही आलू उत्पादक एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डूंगर जी महाराज शामिल हुए। शासन की ओर से इस बैठक की अध्यक्षता खाद्य एवं औद्यानिक मिशन के प्रमुख सचिव राजन शुक्ला ने की जबकि उद्यान विभाग के उप निदेशक डी एन पांडे व आलू विकास अधिकारी जे.के. गुप्ता शामिल हुए।
बैठक में नेमीचंद्र जादौन ने कहा कि प्रदेश में आलू प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना होनी चाहिए। इसके लिए आलू उत्पादकों का एक प्रतिनिधि मंडल नीदरलैंड भेजा आए। क्योंकि वहां आलू का 65 फीसदी उत्पादन प्रोसिंग के आधार पर होता है। कहा कि इस प्रकार की प्रोसेसिंग यूनिट से उत्तर प्रदेश में आलू किसानों का भला होगा। रामकुमार जुएल ने आलू उत्पादन में लागत घटाने के लिए जैविक खाद के अधिक से अधिक प्रयोग पर बल दिया।
सुधीर कुमार शुक्ला ने बैठक में प्रमुख रूप से यह बात उठाई कि फर्रुखाबाद, आगरा, इटावा और कन्नौज में हो रहे आलू उत्पादन में इफको और नाबार्ड की भागीदारी हो जाए तो किसानों के लिए यह सोने पर सुहागा होगा। प्रमुख सचिव ने कहा कि वे इन दोनों संस्थाओं के प्रबंधक निदेशक से वार्ता करके इस दिशा में कोई पहल करवाएंगे। सुधीर कुमार शुक्ला ने बैठक में यह भी कहा कि राज्य सरकार सेंट्रल पोटैटो रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्थापना का प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास भेजे। इससे अगर उत्तर प्रदेश में ही शोध केंद्र स्थापित हो जाएंगे तो आलू की गुणवत्ता में सुधार आएगा। वे कंपनियां जो देश के अन्य हिस्सों में शोध केंद्र लगाती हैं वे उत्तर प्रदेश की ओर भी अग्रसर होंगी। इससे आलू उत्पादक किसानों को काफी लाभ मिलेगा।
यह भी कहा कि मंडी परिषद द्वारा आलू निर्यात को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश पोटैटो एक्सपोर्ट फैसिलेटेशन सोसाइटी को सक्रिय किया जाना चाहिए साथ ही आलू निर्यात की समीक्षा भी समय-समय पर की जानी चाहिए।
इस बैठक में आलू उत्पादक किसान एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डूंगर जी महाराज ने प्रमुख सचिव से तीन बातों पर अधिक देने की बात कही। जिसमें उन्नतशील आलू उत्पादन और विपणन की बेहतर व्यवस्था तथा प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना की बात प्रमुख रही। प्रतिनिधियों से हुई इस वार्ता के दौरान प्रमुख सचिव राजन शुक्ला ने कहा कि वे मुख्यमंत्री से इस संबंध में वार्ता करेंगे। प्रस्तावों से उन्हें अवगत कराएंगे। साथ ही इफको और नाबार्ड की भागीदारी पर भी उनसे चर्चा करेंगे। बताया कि प्रदेश में आलू उत्पादन मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में है।
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