केंद्रों पर नहीं, बिचौलियों के पास है बारदाना

Farrukhabad Updated Thu, 03 May 2012 12:00 PM IST
फर्रुखाबाद। जिले की मंडी समितियों में क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद बंद पड़ी है। बारदाना खाद्य एवं विपणन विभाग से निर्धारित क्रय केंद्रों में नहीं है लेकिन मंडी में ही बैठे दलालों के पास सरकारी छाप वाला बारदाना स्टाक में भरा पड़ा है। किसान मजबूरी में दलालों के हाथ गेहूं बेचकर पौने दो सौ रुपए कुंटल का नुकसान उठा रहे हैं। जबकि खरीद केंद्रों के आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैँ। मंडी समितियों में क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा है और ट्रैक्टर से गेहूं लादकर आने वाले किसानों को घंटों इंतजार भी करना पड़ता है। गेहूं खरीद में जारी इस अनियमितता पर संबंधित जिम्मेदार अधिकारी अब भी यह दावा करते नहीं थक रहे कि खरीद हो रही है और सीधे किसानों से की जा रही है।
फर्रुखाबाद की प्रमुख सातनपुर मंडी में गेहूं खरीद वैसे तो कई दिनों से क्रय केंद्रों पर नही हो रही है। सातनपुर मंडी ही नहीं, कायमगंज और अमृतपुर तहसील की मंडियों में भी किसानों से गेहूं बिचौलिए ही खरीद रहे हैँ। लेकिन अब केंद्र प्रभारियों ने यह खुले तौर पर भी कह दिया है कि दो दिनों से खरीद बंद है। राजकीय खरीद केंद्र सातनपुर के विपणन सहायक सुरेंद्र यादव ने बताया कि बारदाना न होने के कारण खरीद दो दिनों से बंद है। मौके पर केंद्र प्रभारी विजय सिंह यादव नहीं मिले। राज्य कर्मचारी कल्याण निगम के जिला प्रभारी मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि बारदाना खत्म हो जाने के कारण दो दिनों से खरीद प्रभावित है। कहा कि चावल मिलों से अगर कहीं से बारदाना मिल जाता है तो लेकर किसानों से गेहूं खरीद कर ली जाती है। बुधवार को गेहूं से भरे ट्रैक्टर लेकर सुबह से खड़े अर्जुनपुर निवासी रामलखन, जलालपुर पट्टिया जहानगंज निवासी किसान शीशराम, अर्जुनपुर निवासी ढुनगूराम, बर्रा खेड़ा निवासी लल्लाबाबू, रामदीन तथा भोड़रा बर्रा निवासी रामरतन ने बताया कि खरीद केंद्रों पर सन्नाटा पसरा है। कोई केंद्र वाला सीधे मुंह बात नहीं कर रहा। किसानों ने बताया कि बिचौलिए 11 सौ रुपए प्रति कुंटल गेहूं खरीदने की बात कह रहे हैं लेकिन किसी अधिकारी के निरीक्षण की संभावना पर उन्होंने भी खरीद बंद कर रखी है। इन किसानों में किसी को गेहूं से मिलने वाले पैसे के बदले अपने ट्रैक्टर सही कराना था। किसी को डीजल खरीदना था। किसी के घर में दो दिनों बाद शादी है तो कई किसानों ने बताया कि मंडी से लौटने तक में खर्च के लिए पैसे जेब में नही हैं। यह सभी किसान बुधवार को दोपहर बाद अपने गेहूं बिचौलियों के हाथों ही बेचकर वापस रवाना हुए। दूसरी ओर मंडियों में जो बिचौलिए किसानों से 11 सौ रुपए प्रति कुंटल पर गेहूं की खरीद कर रहे हैं उनके पास उत्तर प्रदेश सरकार खाद्य विभाग के छाप वाले बारदाने उपलब्‍ध हैं। गेहूं की भरती उन्हीं बारदानों में की जा रही है। वहीं क्रय केंद्र प्रभारी बारदाना न होने का रोना रोकर किसानों को टरका दे रहे हैं।

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