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मई दिवस पर छलका मजदूरों का दर्द

Farrukhabad Updated Wed, 02 May 2012 12:00 PM IST
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फर्रुखाबाद। मंगलवार को विभिन्न संगठनों ने मई दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किए, जिसमें वक्ताओं ने मजदूरों के हक के लिए जोरदार ढंग से आवाज उठाई और शिकागो के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
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नगर के कसरट्टा बाजार में भवन निर्माण यूनियन ने सभा का आयोजन किया, जिसमें असंगठित क्षेत्र, राजमिस्त्री, ईंटगारा मजदूर, रिक्शा चालक, जरदोजी मजदूरों ने न सिर्फ अपने अधिकारों की आवाज उठाई, बल्कि सरकारी उपेक्षा का दर्द भी बयान किया। अध्यक्ष इकबाल मुल्लाजी ने कहा कि मई दिवस मजदूर एकता का प्रतीक है। यही वह दिन है जब शिकागो में श्रमिक अधिकारों के लिए अनगिनत मजदूरों ने अपनी जान न्यौछावर कर दी और शोषित, पीड़ित लोगों को संघर्ष करने का सबक दे दिया।

महामंत्री कामरेड देवेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि सरकार असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के उत्थान के लिए तमाम योजनाएं संचालित करने का दावा कर रही है लेकिन लाल फीताशाही के आगे सारी योजनाएं धरातल पर दम तोड़ रही हैं।
डा. रामकृष्ण राजपूत ने कहा कि असंगठित क्षेत्र के मजदूरों का सर्वाधिक शोषण हो रहा है। आफताब आलम खां ने मजदूर एकता पर बल दिया। फय्यूम मिस्त्री, महेंद्र प्रताप, बाबूराम, मानसिंह, अजय पाल, मुर्तजा अली, नफीस आदि मौजूद रहे।
एनई रेलवे यूनियन ने भी सभा का आयोजन कर शिकागो के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। संस्था के उपाध्यक्ष एके द्विवेदी ने मई दिवस के इतिहास पर प्रकाश डाला और शिकागो के शहीदों से प्रेरणा लेकर मजदूर हितों के लिए उठ खड़े होने का आह्वान किया। ज्याउद्दीन ने कहा कि याद करो जब मजदूरों के साथ गुलामों की तरह सुलूक होता था। 16 से 18 घंटे काम करने पर विवश थे। ऐसे में जब शिकागो में मजदूर हितों की पहली बार आवाज उठी तो मजदूरों को जान न्यौछावर करनी पड़ी। राघवेंद्र वाजपेयी ने कहा कि अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना मजदूरों का अधिकार है और यह प्रेरणा शिकागो के शहीदों की कुर्बानी से मिलती है।
अजीत कुमार भट्ट, ओमप्रकाश, धर्मपाल, राजेश वर्मा, डीडी कटियार ने विचार व्यक्त किए। श्याम बिहारी, परमेश्वर दयाल, एके सक्सेना, आरबी सक्सेना, भइयालाल, संजीव, मोहम्मद उस्मान, आफताब खां, मुजाहिद, मुंशीलाल मौजूद रहे।
टाउनहाल पार्क में उत्तर प्रदेश मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष दिलीप द्विवेदी ने संगठित होकर संघर्ष करने का आह्वान किया। अतुल शर्मा सुरेश राजन रामेश्वर पंकज दीक्षित, रितेश अवस्थी, विवेक गुप्ता, आलोक त्रिवेदी, फैसल, आशीष, अजीत, धर्मेंद्र, विजय सिंह, नीरज वर्मा मौजूद रहे।

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