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आढ़तियों के जरिए खरीद की नीति से मंडी में गेहूं के दाम बढ़े

Farrukhabad Updated Wed, 02 May 2012 12:00 PM IST
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फर्रुखाबाद। गेहूं खरीद में सरकार की नई नीति से किसानों को फायदा पहुंचेगा जबकि मंडियों में दलालों का पत्ता इस आदेश से साफ हो जाएगा। पंजीकृत आढ़तियों और खरीद एजेंसियों को भी शासन के इस फैसले से राहत मिलेगी क्योंकि उन्हें शुद्ध रूप से कमीशन मिलेगा साथ ही गेहूं खरीद भी तेजी से बढ़ने की संभावना प्रबल हो गई है। जिले के अधिकारियों को फिलहाल खरीद की इस नई नीति के संबंध में शासनादेश मिलने का इंतजार है।
किसानों से गेहूं खरीद में दलालों के बढ़ते प्रभाव के मद्देनजर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 27 अप्रैल को लखनऊ में हुई मीटिंग के बाद नई खरीद नीति का ऐलान किया था। जिसमें उन्होंने बताया था कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रत्येक दशा में दिलाए जाने के लिए मंडी समिति के पंजीकृत आढ़तियों और प्राइवेट कंपनियों के जरिए गेहूं खरीद की जाएगी। इन आढ़तियों को राज्य सरकार कमीशन देगी। लेकिन यह तभी होगा जब आढ़ती, किसानों से गेहूं खरीद कर उन्हें एकाउंट पेई चेक तत्काल देंगे। राज्य सरकार के इस फैसले से किसानों को समर्थन मूल्य मिलने के साथ ही गेहूं की खरीद भी तेजी से बढ़ेगी। सरकार के इस फैसले की जानकारी होने के बाद से बड़े व्यापारियों ने गेहूं का स्टाक करना शुरू कर दिया है क्योंकि इस शासनादेश के बाद गेहूं के दाम भी तेजी से बढ़ेंगे। जबकि गेहूं के दाम चालीस से पचास रुपए कुंटल अभी से बढ़ गए हैं। उधर मंडियों में गेहूं खरीद में तेजी भी आने लगी है। मंडियों में हालांकि गेहूं खरीद पहले के जैसे ही आढ़ती खरीद रहे हैं और सरकारी तथा प्राइवेट रजिस्टर्ड एजेंसियों में कोई न कोई बहाना बनाकर किसानों को टरकाया जा रहा है। मंडी पहुंचने वाले किसानों का कहना है कि सरकार का आदेश अभी जारी न होने से उनका गेहूं औने पौने दाम पर ही खरीदा जा रहा है। जबकि कई जागरुक किसानों ने तो अपने गेहूं को बिक्री करने से रोक ही लिया है ताकि शासनादेश जारी होने के बाद उन्हें पूरा न्यूनतम समर्थन मूल्य मंडियों में मिल सके। उधर राज्य सरकार के इस फैसले से मंडियों में छाए रहने वाले दलालों के होश फाख्ता हो गए हैं क्योंकि शासनादेश जारी होने के बाद उनका पत्ता ही इस व्यापार से साफ हो जाएगा। इस संबंध में जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी यादराम ने बताया कि राज्य सरकार के फैसले की उन्हें मौखिक जानकारी मिली है जबकि अभी कोई शासनादेश जारी नहीं हुआ है। बताया कि सभी मंडियों में खरीद जारी है और आढ़तियों के द्वारा नहीं बल्कि किसानों से एजेंसियों में गेहूं सीधे खरीदा जा रहा है। मंडी सचिव धर्मेंद्र सिंह यादव ने भी बताया कि उन्हें ऐसा कोई शासनादेश प्राप्त नहीं हुआ है। बताया कि किसानों से गेहूं सीधे एजेंसियों में खरीदे जा रहे हैं।

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