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मरणासन्न कर जिंदा दफनाने की कोशिश

Farrukhabad Updated Wed, 13 Feb 2013 05:31 AM IST
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बहन की ससुराल में प्रेम प्रपंच, ईंटों से कुचला
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कमालगंज (फर्रुखाबाद)। बहन की ससुराल में पंचायत के बावजूद प्रेमालाप से बाज न आने पर बहनोई के चचेरे भाइयों ने युवक पर जानलेवा हमला कर दिया। वह खेतों में रंगे हाथ बहनोई की चचेरी बहन के साथ पकड़ लिया गया था। लड़की के भाइयों ने अधमरा करने के बाद उसे जिंदा दफनाने की कोशिश की। गंभीर हालत में उसे लोहिया अस्पताल में भरती कराया गया है। हमलावर गांव से फरार हैं। उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हो गई है।
सौरिख (कन्नौज) क्षेत्र की एक युवती कमालगंज के एक गांव में ब्याही है। उसका भाई ज्ञानसिंह पंजाब में ठेकेदारी करता है। उसका बहनोई की चचेरी बहन से लंबे समय से प्रेम-प्रसंग चल रहा है। दो दिन पहले वह अपनी बहन के यहां आया था। सोमवार देर शाम खेतों में उसने अपनी प्रेमिका को भी बुला लिया। भनक लगते ही लड़की के परिजनों ने उसे रंगेहाथ पकड़ लिया। शोरगुल मचने पर ज्ञान सिंह के बहन-बहनोई भी मौके पर पहुंच गए। झगड़ने पर लड़की के भाइयों ने युवक की बहन और बहनोई को कमरे में बंद कर दिया।

इसके बाद लड़की को घर भेजकर उसके भाई खेत पर बंधक ज्ञान सिंह की पिटाई करने लगे। ईंटों और लाठी-डंडों से उसे अधमरा कर दिया। उसे खेत में ही दफनाने के लिए गड्ढा खोदा जाने लगा। तभी गांव के कुछ लोग मौके पर आ गए। उनमें से किसी ने कह दिया कि ज्ञान सिंह तो मर चुका है। इतना सुनते ही हमलावर गांव से फरार हो गए। झमेले में न पड़ने के लिए अन्य ग्रामीण भी चुपचाप वहां से खिसक लिए।
मंगलवार सुबह किसी तरह ज्ञानसिंह का बहनोई बाहर निकलकर खेतों पर पहुंचा। ज्ञानसिंह वहीं अधमरा पड़ा था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस से ज्ञानसिंह को लोहिया अस्पताल पहुंचवाया। चिकित्सकों ने देर शाम बताया कि ज्ञानसिंह की हालत गंभीर है। थाना प्रभारी नन्हेलाल यादव ने बताया कि हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हो गई है। मामले की जांच की जा रही है। घायल के परिजन भी अस्पताल पहुंच गए हैं। हमलावर घर पर ताला लगाकर सपरिवार फरार हो गए हैं। बताया गया है कि इस मामले में पहले भी पंचायत हो चुकी है।
ज्ञानसिंह को मिली दिल लगाने की सजा
कमालगंज। बहनोई की चचेरी बहन से दिल लगाने का खुलासा होने पर ज्ञानसिंह राजपूत के गांव में आने की मनाही थी। प्रेम प्रसंग के मामले को लेकर पहले भी थाने में पंचायत हो चुकी है।
बताया जाता है कि ज्ञान सिंह राजपूत करीब दो माह पहले भी बहनोई की चचेरी बहन के साथ पकड़ा गया था। मामला थाने तक भी पहुंच गया था। तत्कालीन थानाध्यक्ष ने पंचायत कर मामला रफा-दफा करने के साथ परिवार का हवाला देकर रिपोर्ट दर्ज कराने से मना कर दिया था। इस पर परिवार के लोग मान गए थे और ज्ञान सिंह को चेतावनी दी गई थी कि वह दोबारा गांव में न आए। इस पंचायत के बाद से ज्ञानसिंह के बहनोई ने उसे घर पर आने से रोक दिया था। बहनोई के चचेरे भाइयों ने भी चेतावनी दी थी कि ज्ञान सिंह यहां आया तो उसे जान से मार दिया जाएगा। दो माह बाद जब ज्ञान सिंह गांव पहुंचा तो उसकी बहन ने उसे समझाया। बहन का कहना है कि वह रात में ही भाई को वापस भेज रही थी, लेकिन उसने कहा कि सुबह वह घर से चला जाए। इसी वजह से उसे घर में रहने दिया। देर शाम ज्ञान सिंह ने अपनी प्रेमिका को खुद के आने की खबर दी और दोनों निर्धारित समय पर घर से बाहर निकल गए थे, जहां वे रंगेहाथ पकड़े गए।
पूरी रात खेत में पड़ा रहा ज्ञानसिंह
कमालगंज। ज्ञान सिंह को मारपीट करने के बाद उसे अधमरा छोड़ कर हमलावार वहां से फरार हो गए थे। ज्ञानसिंह पूरी रात खेत में पड़ा रहा। इससे उसका काफी खून बह गया। मंगलवार को जब इसकी जानकारी होने घायल का पिता और भाई अस्पताल पहुंच गए। बेटे की दशा देख कर वह लोग चकित थे। युवक की बहन ने बताया कि उसके जेठ और अन्य लोगों ने उसके भाई को मारपीट कर अधमरा कर दिया था। पिटाई करने वालों ने उसे मृत समझ लिया था। यही वजह थी कि सभी रात में ही फरार हो गए थे।
बहनोई के भाई समेत तीन पर रिपोर्ट
कमालगंज। गंभीर रूप से घायल ज्ञानसिंह के पिता ने दोपहर बाद रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें ज्ञान सिंह के बहनोई के बड़े भाई अर्जुन के अलावा पुष्पेंद्र, लव कुमार को नामजद किया गया है। पुलिस ने हमलावरों के तलाश में छापेमारी की लेकिन कोई भी आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं लगा।
हमलावरों के घरों पर लगे ताले
कमालगंज। सुबह जब घर से बाहर निकले बहनोई ने पुलिस को सूचना दी तो उसके भाई अर्जुन व अन्य लोग फरार हो चुके थे। ये लोग रात में ही घर में ताला लगाकर गायब हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस को कुछ भी हाथ नहीं लगा। चूंकि गंभीरावस्था में ज्ञान सिंह को लेकर बहने और उसकी पत्नी लोहिया अस्पताल पहुंच गए थे। दोपहर में पुलिस ने इन लोगों से जानकारी की। बहनोई का कहना है कि वह तो घर के अंदर बंद हो गया था। उसके भाई और चचेरे भाई कहां गए, इसकी जानकारी उसे भी नहीं है।

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