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गलत हाथों में तो नहीं पहुंच गई इनसास!

Farrukhabad Updated Wed, 30 Jan 2013 05:30 AM IST
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फर्रुखाबाद। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की माहभर पहले गायब हुई इनसास राइफल का अभी तक सुराग नहीं लग पाया है। ऐसे में आशंका बनी है कि राइफल गलत हाथों में तो नहीं पहुंच गई। मामले की जांच में जुटी जीआरपी भी दबी जुबान यह मानती है। एसओ विनोद मिश्रा कहते हैं कि असलहा बरामदगी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
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गुजरात में हुए चुनाव के बाद एक स्पेशल ट्रेन एसएसबी के जवानों को लेकर 24/25 दिसंबर की रात मथुरा-फर्रुखाबाद से होते हुए लखनऊ जा रही थी। इसी दौरान दो जवानों ने बोगी से चार इनसास और एक कार्रबाइन के साथ ही मैग्जीनों को फेंक दिया था। एसएसबी के जवानों के असलहे गायब होने की जानकारी होते ही जिला प्रशासन के साथ ही जीआरपी के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे। कई दिनों की पड़ताल के बाद तीन इनसास, एक कारबाइन, 15 मैग्जीन बरामद कर ली गईं। जीआरपी ने इस मामले में एसएसबी के दो जवानों को असलहे फेंकने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामले की जांच फर्रुखाबाद जीआरपी कर रही है। एक माह बीत जाने के बाद भी एक इनसास और एक मैग्जीन के बारे में सुराग नहीं लगा है। बीते दिनों जीआरपी और एसएसबी के जवानों ने दो दिन तक कायमगंज इलाके के घर-घर छापा मारा था। अलग-अलग दिन हुई छापेमारी में भूसे तक में तलाशी ली गई थी। इसके बावजूद इनसास राइफल और मैग्जीन हाथ नहीं लगी। मामले की जांच कर रहे जीआरपी एसओ विनोद मिश्र मामले की जांच जारी होने की बात कहते हैं। वह राइफल के किसी अपराधी के हाथ लगने की आशंका से इनकार नहीं करते। साधारण व्यक्ति इनसास को रखने की हिम्मत नहीं जुटा पाएगा। जांच अधिकारी का कहना कि उनकी टीम सुराग लगाने में जुटी है। जिसके भी पास असलहा मिला, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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