...तो सहनी पड़ेंगी सर्द हवाएं

Farrukhabad Updated Sat, 15 Dec 2012 05:30 AM IST
फर्रुखाबाद। लोहिया अस्पताल के आवासों की मरम्मत के लिए बजट आ गया है। लेकिन चतुर्थश्रेणी कर्मचारियों के आवासों की टूटी खिड़कियां एवं दरवाजे नहीं बदले जाएंगे। इन कर्मचारियों को सर्द हवाओं के थपेड़े सहने पड़ेंगे।
लोहिया अस्पताल में चतुर्थश्रेणी कर्मचारियों के आवास सबसे पीछे पूर्व दिशा की ओर बनाया गया था। इन में आधा दर्जन बिल्ंिडगें तीन मंजिला बनी हैं। एक बिल्ंिडग में एक दर्जन आवास हैं। इनमें इस समय करीब 50 कर्मचारियों के परिवार रहते हैं। कुछ आवासों की दशा इतनी खराब है कि उनमें कोई भी कर्मचारी रहने को तैयार नही होता। इन आवासों में रह रहे आधा दर्जन परिवार बाहरी है। कर्मचारियों के आवासों की खिड़कियां टूटी हुई हैं। परिवार की महिलाएं मोमिया बांधकर जैसे तैसे काम चला रही हैं। इसके साथ ही किचन की दरवाजे भी टूटे हैं। शौचालय का टैंक बंद होने के कारण गंदगी आवास के पीछे गिर रही है। आवासों के पूर्व दिशा की ओर आवासों का पानी एकत्रित हो रहा है। निकास न हो पाने के कारण गंदा पानी आवासों में भर रहा है। टैंक बंद होने के कारण कुछ कर्मचारियों ने अपने पाइप तोड़ दिए जिससे गंदगी बाहर गिर रही है। बरसात के दिनों में तो छतों से पानी टपकता है और खिड़कियों से पानी अंदर आता है। एक कर्मचारी का कहना था कि वर्ष 1995 में जब अस्पताल बना कर तैयार हुआ तभी से वह इस आवास में रह रहा है। कभी भी इन आवासों में रंगाई पुताई नहीं हुई। कर्मचारियों ने कई बार सीएमएस को लिखने के बाद दीवार की मरम्मत तो शुरू करा दी गई है, लेकिन खिड़कियों एवं दरवाजे व अन्य व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए बजट की व्यवस्था नहीं है।
बजट के बारे में एक दूसरे पर टालते रहे
फर्रुखाबाद। प्रभारी सीएमएस डा. नरेंद्रबाबू कटियार ने बताया कि आवासाें की मरम्मत के लिए बजट आ गया है। कुछ आवासों में काम शुरू करा दिया गया है। इसके बाद अन्य काम होगें। जब उनसे पूछा गया कि बजट कितना आया तो वह बोले कि वरिष्ट लिपिक राममोहन कटियार से पूछ ले। जब राममोहन कटियार से पूछा गया तो वह बोले कि स्थास्थ्य विभाग के जेई एमसी मिश्रा को जानकारी है। वही ही यह काम देख रहे है। इस संबध में जेई से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि बाबू या फिर सीएमएस को ही जानकारी होगी। वह तो काम करा रहे है।

Spotlight

Most Read

Pratapgarh

अभी तक एक भी अपात्र से नहीं हुई रिकवरी

अभी तक एक भी अपात्र से नहीं हुई रिकवरी

20 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: अब ये खास अंडरवियर बचाएगी बहू-बेटियों की आबरू

साल 2016 में देश में सबसे ज्यादा रेप के मामले उत्तर प्रदेश से सामने आए। अब यूपी की ही एक बेटी ने एक महिलाओं की इज्जत-आबरू को बचाने का बेड़ा उठाया है। इस बेटी ने एक ऐसा अंडरवियर बनाया है जो रेप प्रूफ है। देखिए क्या है इसकी खासियत।

11 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper