चार माह बाद भी कटैला में पसरा है सन्नाटा

Farrukhabad Updated Sat, 13 Oct 2012 12:00 PM IST
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अमृतपुर/फर्रुखाबाद। कटैला गांव में चार माह बाद भी हालात पहले जैसे ही हैं। ग्रामीणों में अभी भी दूसरे पक्ष के लोगों का भय है। शासन और जिला प्रशासन की ओर से पीड़ितों को अभी तक न तो इंदिरा आवास मिले और न ही हैंडपंप लगवाए गए हैं। पीड़ित पालीथिन आदि डालकर रहने को मजबूर हैं।
गौरतलब है कि 21 मई 2012 को कटैला गांव का द्वारपाल पुत्र सुरेशचंद्र पड़ोसी गांव की दूसरी जाति की युवती को भगा ले गया था। इसके बाद 1 जून की रात को खाकिन के करीब चार सैकड़ा से ज्यादा ग्रामीणों ने कटैला गांव में कच्चे तथा पक्के घरों में तोड़फोड़ करके लूटपाट की थी। 4 जून को राज्य मंत्री नरेंद्र सिंह यादव गांव पहुंचे थे और उन्होंने पीड़ितों को आश्वासन दिया था कि शासन से उनके घरों की तोड़फोड़ का मुआवजा दिलवाया जाएगा। जिलाधिकारी के आदेश पर पूर्व एसडीएम ने निरीक्षण के बाद पीड़ितों को इंदिरा आवास दिलवाने और हैंडपंप लगवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक मदद नहीं मिली है।
शुक्रवार को दोपहर 1 बजे बुद्घपाल कठेरिया के घर की महिला पालीथिन के नीचे भोजन बना रही थी। घर का कुछ हिस्सा टूटा पड़ा था। द्वारपाल का पिता सुरेशचंद्र अपने दूसरे पुत्रों कुनेंद्रपाल कठेरिया और ध्यानपाल कठेरिया के साथ आज ही गांव आया था। पूछने पर उसने घर दिखाते हुए कहा कि घर अभी भी टूटा पड़ा है। कोई मदद भी तो नहीं मिली है। इस संबंध में एसडीएम अरूण कुमार ने बताया कि घटना उनके समय की नहीं है। इस कांड में किसी भी पीड़ित को कोई समस्या आ रही हो तो वह उनसे आकर शिकायत कर सकता है। वह समाधान करवाएंगे। उन्होंने बताया कि शासन से जो मदद मिलेगी, वह पीड़ितों को दी जाएगी।

चार माह बाद भी नहीं लौटे कई परिवार
अमृतपुर। कटैला कांड को चार माह बीत गए, लेकिन पीड़ितों में इतना भय है कि चार माह बाद भी कई परिवार गांव नहीं लौटे हैं। इनमें बाबूराम, रतिराम, दाताराम, वीरपाल, रामबाबू के परिवार भी हैं। बुद्घपाल, मदनपाल, सूरजमुखी, रमेशचंद्र, मदनपाल, मनीराम के परिवार गांव में रहकर जैसे-तैसे गुजारा कर रहे हैं। इनमें से अधिकतर के पास तो खेती ही नहीं है और जिनके पास है उनके पास नाममात्र की एक या डेढ़ बीघा ही है।

तनाव बरकरार, मंत्री भी नहीं आए दोबारा
अमृतपुर। मनीराम ने कहा कि गांव में भले ही पीएसी तैनात है लेकिन अभी भी तनाव है। यह डर हमेशा सताता है कि कहीं कोई फिर से बवाल न हो जाए। कहा कि इंदिरा आवास दिलवाने और हैंडपंप लगवाए जाने का अफसरों ने भरोसा दिया था लेकिन अभी तक न तो इंदिरा आवास मिले और न ही हैंडपंप लगे हैं।
ग्रामीण रमेशचंद्र ने कहते हैं कि चार माह बीत चुके हैं लेकिन जिला प्रशासन ने अब तक कोई आर्थिक मदद नहीं दी है। राज्यमंत्री ने भी शासन से मदद दिलवाने का भरोसा दिया था लेकिन वह दोबारा गांव झांकने तक नहीं आए। अफसरों ने भी शायद किए गए अपने वादे ठंडे बस्ते में डाल दिए हैं।

दोषी होंगे गिरफ्तार-सीओ
कटैला कांड में 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज हुई दलित उत्पीड़न रिपोर्ट की विवेचना कर रहे सीओ अमृतपुर डीएस गर्ब्याल ने बताया कि मामले की जांच कर रहे हैं। इसमें जो भी दोषी मिला उसे गिरफ्तार किया जाएगा। किसी निर्दोष को नहीं फांसा जाएगा। उधर, पुलिस प्रशासन ने गांव में पीएसी तैनात कर रखी है। प्राथमिक विद्यालय खाकिन में पीएसी कैंप कर रही है। पीएसी कमांडर सियाराम ने बताया कि दिन और रात में कटैला गांव में गश्त कर रहे हैं। उन्होंने ने भी स्वीकार किया कि कटैला निवासियों के दिल से हमलावरों का खौफ निकल नहीं रहा है।

पुलिस बरामद नहीं कर सकी प्रेमी-युगल
कटैला गांव के ग्रामीण द्वारा खाकिन की लड़की भगा ले जाने के मामले में पुलिस प्रेमी युगल को बरामद नहीं कर सकी है। हालांकि राज्यमंत्री के आदेश के बाद पूर्व थानाध्यक्ष सुनीलदत्त ने कई जगह दबिशें दी थीं लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। इसके बाद उनका तबादला हो गया और सुनील वर्मा ने थाने का चार्ज संभाल लिया। इस संबंध में एसओ सुनील वर्मा कहते हैं कि मुखबिरों को लगा रखा है। जल्द ही उन्हें पकड़ लिया जाएगा।

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