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शिक्षिका के पिता ने खंड शिक्षाधिकारी को पीटा

Farrukhabad Updated Fri, 12 Oct 2012 12:00 PM IST
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फर्रुखाबाद। अंतर्जनपदीय स्थानांतरण पर गई शिक्षिका के पिता ने राजेपुर विकास खड के खंड शिक्षाधिकारी की गुरुवार को उसके घर पर जाकर पिटाई कर दी। वह एक सप्ताह से पुत्री का अंतिम भुगतान प्रमाण पत्र पाने को कार्यालय के चक्कर काट रहा था। पुलिस शिक्षिका के पिता को पकड़कर थाने ले आई। दोपहर बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया। सेवा निवृत्त होने से पहले शिक्षिका के पिता जिलाधिकारी के पेशकार के पद पर तैनात था।
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फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला मछली टोला निवासी सरदार अवतार सिंह की पुत्री कुलदीप कौर राजेपुर विकास खड़ के प्राथमिक विद्यालय निविया में प्रधानाध्यापक के पद पर तैनात थी। उसका अंतर्जनपदीय स्थानांतरण पीलीभीत जिले में हो गया था। एक सितंबर को जिले से रिलीव हो कर चली गई। बेसिक शिक्षा विभाग से अंतिम भुगतान प्रमाण पत्र (एलपीसी) अभी तक नहीं मिला था। अवतार सिंह एक सप्ताह से लगातार पुत्री का अंतिम भुगतान प्रमाण पत्र पाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग के चक्कर काट रहे थे। वह कई वार खंड शिक्षाधिकारी सुमित वर्मा से मिले। उन्होंने टहला दिया। खंड शिक्षाधिकारी और बेसिक शिक्षाधिकारी कार्यालय के चक्कर काटते उसका गुस्सा फूट गया। गुरुवार को शिक्षिका के पिता अवतार सिंह नेकपुर चौरासी में किराए के मकान पर रहने वाले खंड शिक्षाधिकारी सुमित वर्मा के आवास पर सुबह सात बजे पहुंचे। घर के अंदर दोनों लोगों में विवाद होने लगा। दोनों लोगों में मारपीट हो गई। मारपीट होने पर मकान मालिक और वही आसपास रहने वाले शिक्षक मौके पर पहुंचे। उन्होंने बीच बचाव किया। इसकी जानकारी पर फतेहगढ़ पुलिस ने मौके पर पहुंच कर सरदार अवतार सिंह को हिरासत में ले लिया। उनको कोतवाली में ले आई। खंड शिक्षाधिकारी सुमित वर्मा ने बताया कि सरदार अवतार सिंह ने घर पर आकर उनके साथ हाथापाई कर दी। वहीं अवतार सिंह का कहना हैं कि वह खंड शिक्षाधिकारी ने बुलाया था इसलिए उनसे मिलने गए थे। उन्होंने कोई मारपीट नहीं की। बल्कि उनके साथ मारपीट की गई। फतेहगढ़ कोतवाल जितेन्द्र सिंह परिहार ने बताया कि दोनों पक्षों में आपस में विवाद हो गया था। दोनोंपक्षों में समझौता हो गया। सरदार अवतार सिंह जिलाधिकारी के पेशकर पद पर रहे चुके हैं। वर्तमान में वह सेवानिवृत्त हैं।

खंड शिक्षाधिकारी और जिलाधिकारी के पूर्व पेशकार के साथ हुई मारपीट घटना की जानकारी पर शिक्षक और सपा नेता कोतवाली पहुंच गए। दोनों पक्ष समझौता करने के प्रयास में लग गए। शैक्षिक महा संघ के जिलाध्यक्ष संजय तिवारी ने इस घटना की निंदा की।
अंतर्जनपदीय स्थानांतरण होने वाले शिक्षकों को एलपीसी देने का कोई प्रावधान नहीं हैं। यह विभागीय अभिलेख होता हैं। इसको सीधे शिक्षक के स्थानांतरण होने वाले जनपद के बीएसए को रजिस्ट्रर्ड डाक से भेजा जाता हैं। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी भगवत प्रसाद ने बताया कि जानकारी पर वह कोतवाली गए थे। उनके साथ खंड शिक्षाधिकारी पोप सिंह और प्रवीन शुक्ला थे। समझौता होने के बाद खंड शिक्षाधिकारी सुमित वर्मा को साथ लेकर चले आए। शिक्षिका के पिता द्वारा घर पर बुलाने का आरोप गलत हैं। तीन दिन पूर्व सभी खंड शिक्षाधिकारी को अंतर्जनपदीय स्थानांतरण होने वाले शिक्षकों की एलपीसी तैयार कर कार्यालय में उपलब्ध कराने के आदेश दिए थे।

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