एसटी बच्चों में बढ़ी शिक्षा की ललक

Farrukhabad Updated Thu, 11 Oct 2012 12:00 PM IST
फर्रुखाबाद। अनुसूचित जनजाति वर्ग के बच्चों में शिक्षा के प्रति ललक बढ़ी है। इस वर्ग के बच्चे छह साल की आयु पूरी होते ही स्कूल में दाखिला करा लेते हैं, जबकि पिछड़े वर्ग के सभी बच्चे स्कूल नहीं जाते हैं। यह खुलासा हुआ है शिक्षा विभाग की ओर से कराए गए हाउस बोल्ड सर्वे में।
अनुसूचित जनजाति के ज्यादातर लोग मेहनत मजदूरी करते हैं, लेकिन वे अपने बच्चों की शिक्षा के प्रति पूरी तरह से जागरूक हैं। सर्व शिक्षा अभियान के तहत हुए सर्वे में टीम को अनुसूचित जनजाति का कोई भी बच्चा घूमता हुआ नहीं मिला और न ही किसी की पढ़ाई बीच में बंद हुई। जनपद में इस समय अनुसूचित जनजाति के 446 बालक और 385 बालिकाएं बेसिक शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। वर्तमान में बालकों में सात साल वाले 88, आठ साल वाले 60, नौ साल वाले 62, दस साल वाले 58, 11 साल वाले 65, 12 साल वाले 37, 13 साल वाले 42, 14 साल वाले 34 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इसी तरह बालिकाओं में सात साल उम्र की 70, आठ साल की 43, नौ साल की 66, दस साल की 62, 11 साल की 52, 12 साल की 36, 13 साल की 36, 14 साल की 20 छात्राएं पढ़ रही हैं। इतना ही नहीं अनुसूचित जनजाति के किसी बच्चे ने दाखिले के बाद स्कूल जाना बंद नहीं करता, जबकि अन्य वर्ग के कई बच्चों की पढ़ाई बीच में ही छूट गई या फिर वे विद्यालय ही नहीं जा रहे हैं।

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