श्रीराम की सेना में छाई खुशी

Lucknow Bureauलखनऊ ब्यूरो Updated Sat, 24 Oct 2020 09:02 PM IST
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अयोध्या। फिल्मी सितारों से सजी वर्चुअल रामलीला के आठवें दिन मूर्छित लक्ष्मण के होश में आने और कुंभकरण व मेघनाथ वध की लीला ने दर्शकों को खूब रोमांचित किया। हनुमान जी संजीवनी बूटी लेकर आते हैं। सुषेण वैद्य बूटी लक्ष्मण को खिलाते हैं तो वह होश में आ जाते हैं। इससे राम दल में खुशी छा जाती है। श्रीराम के जयकारे लगने लगते हैं।
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दूसरे दृश्य में लंकापति रावण को लक्ष्मण के जीवित होने का समाचार मिलता है तो वह दुखी हो जाता है। रावण कुंभकरण को नींद से जगाने का आदेश देता है। सभी ढोल-नगाड़े बजाते हैं। इस पर कुंभकरण जागता है और कहता है भैया इस घोर निद्रा से जगाने का क्या कारण है। रावण कुंभकरण को सीता हरण की जानकारी देता है और राम-लक्ष्मण के बारे में बताता है।
कुंभकरण रावण से कहता है तो फिर आपसे बहुत बड़ा अपराध हो गया है। जो स्त्री अपहरण करके लाए हैं वह साक्षात जगत जननी माता हैं और राम-लक्ष्मण राजा के पुत्र नहीं बल्कि नर के रूप में नारायण हैं। रावण के निर्देश पर सैनिक कुंभकरण को भोजन व मदिरापान कराते हैं। इसके बाद राम व कुंभकरण का युद्ध होता है। जिसमें कुंभकरण मारा जाता है। इसके बाद रावण मेघनाथ को युद्ध के लिए भेजता है।
अगले दृश्य में मेघनाथ अजेय यज्ञ कर रहा होता है। विभीषण के कहने पर लक्ष्मण मेघनाथ का यज्ञ नष्ट करते हैं। इसके बाद मेघनाथ क्रोधित हो जाते हैं और लक्ष्मण से युद्ध शुरू हो जाता है। दोनों में घमासान युद्ध होता है। लक्ष्मण मंत्र पढ़कर बाण छोड़ते हैं। इससे मेघनाथ का शरीर कई भागों में विभक्त हो जाता है। ये देखकर राक्षस भाग जाते हैं। मेघनाथ के निधन का समाचार सुनकर रावण शोक में डूब जाता है।
मेघनाथ की पत्नी सुलोचना विलाप करती है। ये दृश्य देखकर दर्शक भावविभोर हो जाते हैं। अगले दृश्य में रोती हुई सुलोचना युद्ध स्थल पर आती है और राम से कहती है प्रभु अपने पतिदेव का शीश मांगने आई हूं। राम हनुमान को आदेश देते हैं, जाओ मेघनाथ का शीश सादर ले आओ। सुलोचना शीश लेकर वापस जाती है।
कुंभकरण के रोल में मेरठ के भाजपा नेता मुखिया गुर्जर ने अपनी मजबूत संवाद शैली व अभिनय से दर्शकों का दिल जीत लिया। युद्ध स्थल में प्रवेश करते ही कुंभकरण कहते हैं कहां हैं राम मेरे सामने आओ। मुझसे युद्ध करो। विभीषण के सामने आने पर कुंभकरण उन्हें गले लगाते हैं।
विभीषण बताते हैं कि रावण ने उन्हें निकाल दिया है। कुंभकरण कहते हैं- भाई विभीषण इस समय रावण काल के वश में है और किसी की नहीं सुनता। तुम जो राम की शरण में आए हो बहुत अच्छा किया। अच्छा मेरे सामने से हट जाओ, मुझे मुक्त हो जाने दो। कहां हैं, राम मुझसे युद्ध करो। कुंभकरण रामा दल में हाहाकार मचा देते हैं। कुंभकरण के अभिनय ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
फिल्मी सितारों की रामलीला में विजयादशमी पर रविवार को 40 फीट के रावण का दंभ भी चूर होगा। रामलीला समिति अध्यक्ष सुभाष मलिक ने बताया कि रामलीला के क्रम में बांस से 40 फीट के रावण का पुतला बनाया गया है जिसका विजयदशमी पर दहन किया जाएगा। विजयदशमी के दिन राम-रावण के युद्ध व पुतला दहन के साथ ही रामलीला का समापन हो जाएगा। बताया कि पुतला दहन के लिए प्रशासन से अनुमति ली गई है।
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