भव्य राममंदिर के साथ दिव्य अयोध्या की परिकल्पना ले रही आकार

Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 05 Aug 2021 01:12 AM IST
The vision of divine Ayodhya taking shape with the grand Ram temple
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अयोध्या। रामनगरी में भव्य राममंदिर निर्माण के साथ-साथ दिव्य अयोध्या की परिकल्पना भी आकार ले रही है। इसकी नींव 05 अगस्त 2020 को ही पड़ गई थी, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राममंदिर निर्माण के लिए भूमिपूजन किया था।
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इसी दिन पीएम मोदी ने अपने भाषण में भव्य राममंदिर के साथ ही दिव्य अयोध्या के निर्माण का सूत्रपात भी कर दिया था। सब में राम, सबके राम...के साथ ही पीएम ने श्रीराम की रीति और नीति बतलाते हुए राम को भारत की अनेकता में एकता का सूत्र बताते हुए कहा था कि श्रीराममंदिर हमारी संस्कृति का आधुनिक प्रतीक बनेगा।

राममंदिर निर्माण का कार्य प्रारंभ की पहली वर्षगांठ गुरुवार को है। भूमिपूजन के साथ ही भव्य मंदिर व दिव्य अयोध्या की परिकल्पना को मूर्त रूप देने का का काम भी शुरू हो चला।
इस एक वर्ष की यात्रा में कोरोना के चलते बाधाएं भी आईं फिर भी राममंदिर निर्माण के साथ-साथ अयोध्या को दिव्य-भव्य रूप देने की योजनाएं भी धीरे-धीरे ही सही परंतु गतिमान रहीं।
हालांकि गुरुवार को भूमिपूजन की पहली वर्षगांठ को लेकर न तो ट्रस्ट और न ही विहिप की ओर से कोई कार्यक्रम की घोषणा की गई है फिर भी रामनगरी में इस तिथि को लेकर उत्साह दिख रहा है।
साधु-संत राममंदिर के कार्र्य प्रारंभ की तिथि को उत्सव के रूप में मनाने की तैयारी में जुटे हैं। बजरंग दल ने भी अपने कार्यकर्ताओं से 05 अगस्त को अपने-अपने घरों में सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ के आयोजन की अपील की है। रामनगरी के मठ-मंदिरों में संतों की ओर से दीप जलाकर, आरती कर खुशियां मनाने की तैयारी है।
इन योजनाओं से बनेगी दिव्य अयोध्या
- मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा।
- 1200 एकड़ में नव्य अयोध्या।
- अयोध्या में छह भव्य प्रवेश द्वार।
- अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय, पर्यटन सुविधा केंद्र।
- सरयू तट का विकास, स्मार्ट रोड।
- रिंग रोड, सोलर सिटी।
- वाल्मीकि रामायण कालीन वृक्षों का रोपण।
- मंदिर मॉडल की तरह रेलवे स्टेशन।
पूर्व सांसद व राममंदिर आंदोलन का अहम हिस्सा रहे डॉ.रामविलास दास वेदांती कहते हैं कि सदियों की परिकल्पना साकार हो रही है। 05 अगस्त की तिथि हमेशा अविस्मरणीय रहेगी। ये करोड़ों भक्तों की संकल्प की सिद्धि का दिन है। अयोध्या के उत्सवों की कड़ी में अब एक और दिन जुड़ गया है। फिलहाल राममंदिर बनने के साथ ही अयोध्या में नित नए उत्सव अब होते ही रहेंगे।
ज.गु.रामदिनेशाचार्य ने कहा कि पांच अगस्त की तिथि अब इतिहास के पन्नों में दर्ज हो चुकी है। राममंदिर का निर्माण नर को नारायण, लोक को आस्था व वर्तमान को अतीत से जोड़ने का महोत्सव है। यह दिन युगों-युुगों तक रामभक्तों के लिए पूजनीय रहेगा, इस दिन न सिर्फ हमारे रामलला के भव्य मंदिर की नींव पड़ी थी बल्कि दिव्य अयोध्या के निर्माण की आधारशिला भी राममंदिर निर्माण ही है।
विहिप के प्रांतीय प्रवक्ता शरद शर्मा कहते हैं कि राममंदिर निर्माण से दुनिया में भारत का यश बढ़ेगा। एक रामभक्त के रूप में, एक कारसेवक के रूप में, इससे बढ़के क्या प्रसन्नता हो सकती है कि हम राममंदिर निर्माण के साक्षी बन रहे हैं। रामनवमी, होली, दिवाली, दशहरा की तरह ही 05 अगस्त का दिन भी अब अयोध्यावासियों के लिए उत्सव का दिन हो गया है। आगामी वर्षों में इस दिन की भव्यता पूरी दुनिया देखेगी।
ज.गु.परमहंसाचार्य ने बताया कि वह 05 अगस्त की शाम को अपनी पीठ तपस्वी छावनी पर दीपोत्सव मनाएंगे। कहा कि कोरोन गाइडलाइन का पालन करते हुए 501 दीप जलाकर भूमिपूजन की वर्षगांठ मनाई जाएगी। बोले कि राममंदिर निर्माण के साथ ही साथ नव्य अयोध्या का भी निर्माण हो रहा है, हम सब इसके साक्षी बन रहे हैं। यह प्रत्येक भारतीय के लिए गौरवशाली व ऐतिहासिक क्षण है और अनंतकाल तक रहेगा।

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