एक साथ 17 अस्पतालों पर छापे, मिलीं खामियां

अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 20 Dec 2017 11:38 PM IST
officer investigated 17 hospital
लंबे समय से मिल रहीं स्वास्थ्य विभाग की तमाम अनियमितताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए बुधवार सुबह एक साथ जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, मंडलीय अस्पताल सहित 17 सरकारी अस्पतालों पर अलग-अलग प्रशासनिक अधिकारियों की टीमों ने छापेमारी की।
छापेमारी से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया। जिला अस्पताल में 19 डॉक्टरों समेत तमाम सीएचसी पर अधीक्षक सहित कर्मचारी नदारद मिले। जांच में दवाओं की कमी, संसाधनों का दुरुपयोग, गंदगी सहित तमाम अनियमितताएं सामने आईं। कार्रवाई के लिए जांच टीम ने रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है।

जिलाधिकारी डॉ. अनिल कुमार पाठक के निर्देश पर बुधवार सुबह करीब 10 बजे अपर जिलाधिकारी नगर विंध्यवासिनी राय ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। सीएमएस डॉ. हरिओम श्रीवास्तव के कार्यालय पहुंचकर सबसे पहले एडीएम ने उपस्थिति रजिस्टर चेक किया।

जांच में डॉ. संतोष तिवारी, अर्पिता गोस्वामी, अरूण कुमार गौतम, सीपी सिंह, विकास भारद्वाज सहित 19 चिकित्सक व कर्मचारी अनुपस्थित रहे। उन्होंने औषधि भंडारण कक्ष का निरीक्षण किया। यहां बैलेंस दवाओं को रजिस्टर में खारिज न किए जाने पर चीफ फार्मासिस्ट व स्टोर इंचार्ज को कड़ी फटकार लगाई।

जिला महिला चिकित्सालय में एडीएम एफआर मदनचंद दूबे ने निरीक्षण के दौरान उपस्थिति पंजिका जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पाई। अनुपस्थित डॉक्टरों के बारे में बताया गया कि, उनका डे-आफ  है या इमेरजेंसी ड्यूटी दो बजे से है।

उधर, मंडलीय चिकित्सालय दर्शननगर में एडीएम प्रशासन शिवकुमार शर्मा ने करीब 10.30 बजे औचक निरीक्षण किया। उन्होंने ओपीडी एरिया, इंजेक्सन रूम, प्लास्टर कक्ष आदि देखा।

इसके बाद वे इमरजेंसी कक्ष से वार्डों में पहुंचे, यहां भर्ती मरीजों से अस्पताल की सेवाओं के बारे में पूछताछ की। इसके बाद सीएमएस डॉ. घनश्याम सिंह के कक्ष में पहुंचकर उपस्थिति पंजिका की जांच की।

इस दौरान बताया कार्यरत 20 चिकित्सकों में 17 चिकित्सक उपस्थित मिले, जबकि तीन चिकित्सक अवकाश पर रहै। यहां कच्छप गति से निर्माणाधीन दो सौ शैय्या के अस्पताल के निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यदायी संस्था के ठेकेदार को निर्माण कार्य तेजी से लाने का निर्देश दिया।

नगर मजिस्ट्रेट सीएल मिश्र ने राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय रामनगर घोसियाना का निरीक्षण किया। चिकित्सालय परिसर में जानवर बंधे मिले, जिन्हें चौकी इंचार्ज को सुपुर्द किया गया। बेड की चादर गंदी मिली, आयुर्वेदिक चिकित्सालय प्राइवेट भवन में संचालित जर्जर हालत में मिला। दवा रजिस्टर में काफी गड़बड़ी मिली, स्टाक रजिस्टर में दवा शून्य दिखाई गई।

श्रीराम चिकित्सालय अयोध्या में रेजीडेंट मजिस्ट्रेट अयोध्या अशोक कुमार ने निरीक्षण किया। यहां डॉ. अनुपम मिश्रा अनुपस्थित रहे, डॉ. प्रतिमा धीर एक माह से अनुपस्थित चल रही हैं। संविदाकर्मी डॉ. एस पल्लवी श्रीवास्तव, डॉ मनजीत वर्मा सहित आठ तृतीय व चुतर्थ श्रेणी कर्मचारी अनुपस्थित रहे।

सीएचसी मिल्कीपुर का एसडीएम अरुण कुमार मिश्रा ने निरीक्षण किया, जिसमें आईसीटीसी संदीप कुमार व लैब टेक्निशियन अनुपस्थित मिले। सीएचसी बीकापुर पर एसडीएम प्रमोद कुमार तिवारी ने करीब 10:30 बजे निरीक्षण किया।

प्रभारी अधीक्षक डॉ सतीश चंद्रा, महिला चिकित्सक डॉ. अंजली गुप्ता, वार्ड बॉय सहित आधा दर्जन से अधिक स्वास्थ्यकर्मी अनुपस्थित मिले। जननी सुरक्षा योजना के पैसे का कई प्रसूताओं को समय से भुगतान न होने पर फटकार भी लगाई। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चौरेबाजार का भी निरीक्षण किया, जहां डॉ. फहीम अख्तर 2012 से अनुपस्थित पाए गए।

एसडीएम सदर मधुसूदन ने सीएचसी मसौधा का औचक निरीक्षण किया, जहां अधीक्षक डॉ. आशाराम जानकारी नहीं दे सके कि कौन से डॉक्टर या कर्मचारी किस पटल या कक्ष में बैठते हैं।

निरीक्षण के दौरान डॉ. आदित्य प्रकाश, विपिन कुमार, ब्रिजेश व पवन कुमार बाहर धूप सेंकते मिले, जबकि मरीज अंदर मौजूद थे। महिला चिकित्सक डॉ. बहार गुप्ता अनुपस्थित मिली। डीआरए मनीषा का आकस्मिक अवकाश प्रार्थना-पत्र पर उनका हस्ताक्षर नहीं मिला तो उपस्थिति पंजिका और प्रार्थना पत्र साथ ले गए।
 
तहसीलदार रुदौली रामजन्म यादव ने सीएचसी मवई और पीएचसी पटरंगा का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में महिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. अर्चना वर्मा सहित करीब आधा दर्जन कर्मचारी नदारद मिले। तहसीलदार ने बताया कि सीएचसी मवई में एआरवी नहीं मिला।

जांच में पता चला कि यहां एक्सरे मसीन नहीं है लेकिन टेक्नीशियन शिवशंकर तैनात हैं, जो गैर हाजिर पाए गए। स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी गिरजेश सैनी, ब्लाक लेखा प्रबंधक श्यामबाबू, ब्लाक कम्युनिटी कार्यक्रम प्रबंधक विनोद सिंह, एसटीएस अरसद और चिकित्सा प्रभारी डॉ अखिलेश उपाध्याय, चिकित्सा अधीक्षक डॉ रविकांत वर्मा, डॉ राजीव उपाध्याय और वार्ड ब्याय दिलीप कुमार गैर हाजिर मिले।

तहसीलदार ने बताया कि डॉ रविकांत वर्मा और डॉ राजीव अवकाश पर बताए गए हैं। सीएचसी सोहावल पर तहसीलदार राजीव कुमार शुक्ला ने निरीक्षण किया। 
तहसीलदार सोहावल द्वारा सीएचसी सोहावलए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मुबारागंज का निरीक्षण किया गया। जिसमे प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. एके सिंह, एक वार्ड बॉय, सहायक चिकित्सा अधिकारी सहित कई कर्मचारी गैरहाजिर मिले।

तहसीलदार ने पीएचसी बड़ागांव व मुबारकगंज का भी निरीक्षण किया। यहां भी कई कर्मचारी अनुपस्थित मिले। सीएचसी रुदौली का एसडीएम पंकज सिंह ने निरीक्षण किया। यहां भी अधीक्षक सहित आधा दर्जन से अधिक कर्मचारी अनुपस्थित रहे। जीवन रक्षक तमाम दवाएं भी नहीं पाई गईं। एसडीएम ने बताया कि डा. कुलदीप, डा. रंजीता, कमलेश भारती, संतोष तिवारी, सुपर वाइजर रमेशकुमार, राजरानी, स्टाफ  नर्स सुषमा, प्रगतिपाल अनुपस्थिति रहे।

तहसीलदार विनीत कुमार ने सीएचसी तारुन का निरीक्षण किया। जिसमें अधीक्षक एवं डार्करूम सहायक का हस्ताक्षर तो रजिस्टर पर था, लेकिन ये अस्पताल से नदारद थे। निरीक्षण के दौरान अस्पताल के शौचालय, मूत्रालय बेहद गंदे एवं निष्प्रयोज्य पाये गये। एडीएम सिटी विंध्यवासिनी राय ने बताया कि अस्पतालों के साथ सीएचसी-पीएचसी पर स्वास्थ्य सुविधाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए अफसरों ने जांच पड़ताल की है। इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जा रही है। 

जिलाधिकारी डॉ. अनिल कुमार पाठक ने कहा कि सभी 12 टीमों ने एक साथ सरकारी अस्पतालों की जांच की है। जांच रिपोर्ट कंपाइल कराई जा रही है। अनुपस्थित डॉक्टरों समेत स्टाफ से स्पष्टीकरण के बाद कार्रवाई होगी। अस्पतालों में मिली खामियों और लापरवाही पर भी प्रभारियों से जवाब तलब होगा।

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