सेटेलाइट तस्वीरों से अब नगर निगम करेगा सर्वे

Lucknow Bureauलखनऊ ब्यूरो Updated Sat, 24 Oct 2020 08:42 PM IST
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अयोध्या नगर निगम।
अयोध्या नगर निगम। - फोटो : FAIZABAD

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अयोध्या। शहरी इलाकों में निर्मित मकानों का चिह्नांकन होगा। ये कार्य नगर निगम प्रशासन जियोग्रॉफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम के तहत कराया जाएगा। सर्वेक्षण में चिह्नित घरेलू व व्यवसायिक मकानों के अलग-अलग डाटा दर्ज किए जाएंगे। इससे नगर निगम इलाके में कितने मकान हैं। हर मकान का एरिया कितना है और कितने लोग टैक्स दे रहे हैं। इसकी सही संख्या का पता चल सकेगा।
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नगर निगम ने दो वर्ष पूर्व क्षेत्र का असेसमेंट किया था। इसमें नगर निगम में कुल मकानों की संख्या 41 हजार के आसपास दर्ज की गई थी। माना जा रहा है कि मकानों का ये आंकड़ा सही नहीं है। अब इन आंकड़ों का वेरिफिकेशन करने के लिए नगर निगम प्रशासन जीआईएस बेस पर सर्वे कराने जा रहा है। इसमें वार्डवार सेटेलाइट के आधार पर प्राप्त स्थानों का चिह्नीकरण किया जाएगा।
इसकी जिम्मेदारी एक निजी कंपनी को दी गई है। यह कंपनी जियोलॉजिकल ग्राफिक के आधार पर वार्डों में जाएगी और एक-एक भवन का असेसमेंट करेगी। निजी कंपनी पुराने व नए भवनों का पूरा डाटा एकत्र करेगी। इससे नगर निगम प्रशासन नए बने भवनों का मकान नंबर अलाट कर गृह व जलकर का निर्धारण करेगा।
साथ ही कंपनी को ये भी निर्देश हैं कि व्यावसायिक व घरेलू मकानों का अलग-अलग डाटा तैयार करें। नगर निगम सर्वे का काम पूरा होने के बाद अपने व जीआईएस सिस्टम के सर्वे के आंकड़े का तुलनात्मक अध्ययन करेगा। इसमें पुराने मकानों का असेसमेंट गलत पाए जाने पर नए सिरे से असेसमेंट करेगा। इससे नगर निगम के करदाताओं की संख्या बढ़ने का अनुमान है।
ताकि नगर वासियों को न आए कोई दिक्कत
नगर निगम प्रशासन ने सर्वे करने वाली निजी कंपनी को हिदायत दी है कि सर्वे में लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत न होने पाए। सर्वे करने वाले वही लोग जाएं, जो सरल, सौम्य व सभ्य हों। साथ ही भवन स्वामियों से किसी प्रकार के विशेष दस्तावेज न मांगे जाएं। नए भवन स्वामियों से सिर्फ आधार कार्ड देखकर ही उनके मकान का असेसमेंट कर लें। नपाई के लिए फीते का नहीं, बल्कि लेजर गन का प्रयोग करने की हिदायत दी गई है।
सर्वे के दौरान निजी कंपनी अपनी पूरी रिपोर्ट लाइव रखेगी। साथ ही हर घंटे पर इसका अपडेट होता रहेगा। साथ ही हर सप्ताह सर्वे की निजी कंपनी अपने एकत्रित किये गए रिकॉर्ड को नगर निगम को देती रहेगी। नगर निगम अपने डाटा व सर्वे कंपनी के डाटा का मिलान भी करता रहेगा।
नगर निगम इलाके का जियोग्रॉफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम के तहत सर्वे होने जा रहा हैै। इसमें नए मकानों के चिह्नीकरण व पुराने छूटे मकानों का असेसमेंट किया जाएगा। इसके लिए निजी कंपनी को जिम्मेदारी दी गई है।
. विशाल सिंह, नगर आयुक्त, अयोध्या नगर निगम
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