अयोध्या में भूमिपूजन सरकारी कार्यक्रम नहीं, राममंदिर आंदोलन के पुरोधाओं से सजेगी नगरी

धीरेंद्र सिंह, अयोध्या Updated Sat, 01 Aug 2020 07:44 PM IST
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राम मंदिर
राम मंदिर - फोटो : अमर उजाला

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सार

  • पूरा आयोजन श्रीरामजन्मभूमि ट्रस्ट के हवाले, सरकारी कार्यक्रम रद्द
  • पीएम मोदी संग आडवाणी, जोशी, कल्याण भी होंगे मंच पर मेहमान

विस्तार

मुझे श्रीरामजन्मभूमि ने बुलाया है...कुछ इसी अंदाज में अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच अगस्त को राम मंदिर का भूमिपूजन करते दिखेंगे। अब पूरा आयोजन श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के हवाले हो गया है, जिसके मुख्य अतिथि मोदी होंगे। शासन-प्रशासन ने उद्घाटन और शिलान्यास की फाइलें दाखिल दफ्तर करते हुए पट्टिकाएं सजाने का कार्य रद्द कर दिया है। अब कार्यक्रम में राम मंदिर आंदोलन के पुरोधाओं की संख्या ज्यादा दिखेगी। मंच पर मोदी के साथ आडवाणी, जोशी और कल्याण सिंह को भी जगह मिल सकती है।
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जिला प्रशासन को साफ संदेश पीएमओ से आ चुका है कि पीएम मोदी सरकारी दौरे पर अयोध्या नहीं जा रहे हैं, बल्कि वह श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के न्योते पर भूमिपूजन कार्यक्रम का हिस्सा होंगे। ऐसे में मंच से कोई भी सरकारी कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी रोक दी गई है। प्रशासन के आलाअधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है। शिलान्यास/उद्धाटन की तैयारी के लिए नोडल अफसर बनाए गए परियोजना निदेशक कमलेश सोनी ने बताया कि पीएमओ के निर्देश के बाद कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है। उधर, दूसरा सरकारी कार्यक्रम संस्कृति विभाग की प्रदर्शनी को भी रद्द कर दिया गया है।
माना जा रहा है कि धार्मिक ट्रस्ट के मंच से सरकारी कार्य पर आपत्ति उठ सकती है, इसलिए ऐसा निर्णय लिया गया है। यहां शुक्रवार को आए केंद्रीय पर्यटन मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल भी ट्रस्ट महासचिव चंपत राय से बातचीत में इसका संकेत दिया था। सूत्रों का कहना है कि पीएम मोदी अब दोबारा अयोध्या आकर हजारों करोड़ों की पर्यटन, सड़क, वायु व जल परिवहन समेत 84 कोस में विस्तारीकरण योजना का शुभारंभ कर सकते हैं। 

उधर, ट्रस्ट की ओर से राममंदिर आंदोलन के खास शख्सियत रहे पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को न्योता मिल चुका है, वे एक दिन पहले 4 अगस्त को अयोध्या आ जाएंगे। जबकि उमा भारती व साध्वी ऋतंभरा तीन दिन की पूजा में शामिल होने की इच्छा रखतीं है। ट्रस्ट सूत्रों के अनुसार अब केंद्रीय मंत्रियों अमित शाह, राजनाथ सिंह आदि का आना भी रद्द हो गया है। 

इसे देखते हुए अयोध्या समेत अन्य प्रमुख धर्मस्थलों के बड़े-बड़े संत-धर्माचार्यों के नाम सूची में जोड़े गए हैं। उनकी उपलब्धता तीन दिन पहले ही सुनिश्चित करने की तैयारी है, बाहरी संतों के ठहरने की व्यवस्था मठ-मंदिरों में की जा रही है। संघ प्रमुख मोहन भागवत के लिए कारसेवकपुरम में कमरा तैयार किया जा रहा है। इसबीच राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख हस्तियों के आने से सुरक्षा घेरा बेहद सख्त कर दिया गया है।
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