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श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट: दो करोड़ में बैनामा, 10 मिनट बाद 18.5 करोड़ में एग्रीमेंट, पढ़ें पूरा मामला

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या Published by: लखनऊ ब्यूरो Updated Mon, 14 Jun 2021 11:40 AM IST

सार

अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट द्वारा जमीन की खरीद में घोटाले के आरोपों पर हंगामा मच गया है। यहां पढ़े पूरा मामला: 
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राम मंदिर के लिए चल रहा खोदाई कार्य। (फाइल फोटो)
राम मंदिर के लिए चल रहा खोदाई कार्य। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा दस मिनट पहले खरीदी गई दो करोड़ की जमीन का रजिस्टर्ड एग्रीमेंट 18.5 करोड़ में करा लिया गया। एक ही दिन हुए बैनामे व एग्रीमेंट में ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा व महापौर ऋषिकेश उपाध्याय गवाह रहे। यह आरोप रविवार को पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय ने सिविल लाइंस स्थित एक होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में लगाते हुए प्रधानमंत्री से मामले की सीबीआई जांच कराने व दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
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पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय ने कहा कि अयोध्या के बाग बिजेस्वर में स्थित 12080 वर्ग मीटर एक भूमि का बैनामा 18 मार्च, 2021 की शाम 07:05 बजे बाबा हरिदास ने व्यापारी सुल्तान अंसारी व रवि मोहन तिवारी को दो करोड़ रुपये में किया था। इसमें गवाह के रूप में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा व महापौर ऋषिकेश उपाध्याय मौजूद रहे। कहा कि इसी दिन 07:15 मिनट के करीब इसी भूमि का रजिस्टर्ड एग्रीमेंट सुल्तान अंसारी व रवि मोहन तिवारी से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 18.5 करोड़ रुपये में कराया लिया।




खास बात रही कि एग्रीमेंट में भी ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा व महापौर ऋषिकेश उपाध्याय गवाह के रूप में मौजूद रहे। ट्रस्ट ने 17 करोड़ रुपये सुल्तान अंसारी व रवि मोहन तिवारी के खाते में आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर किए हैं। पूर्व मंत्री ने सवाल किया कि जब पहले से इस जमीन का रेट ट्रस्टी व महापौर को मालूम था तो ऐसी कौन सी परिस्थिति आ गई, कि दो करोड़ में बैनामा कराई गई जमीन को 10 मिनट बाद ही 18.5 करोड़ में खरीदना पड़ा।

कहा कि देशवासियों ने भगवान श्रीराम के मंदिर निर्माण के लिए अपने खून-पसीने की कमाई में से चंदा दिया। उसका ट्रस्ट द्वारा बंदरबांट किया गया। रामभक्तों को ठगने का काम किया जा रहा है। ट्रस्ट के भ्रष्टाचार का इससे बड़ा प्रमाण नहीं हो सकता है। कहा कि बैनामे व एग्रीमेंट में ट्रस्टी और महापौर ही गवाह हैं, इससे जाहिर है कि सारा खेल महापौर व ट्रस्टी की जानकारी में हुआ है। पूर्व मंत्री ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि जमीन के नाम पर जो लूट की गई है। इसकी सीबीआई जांच करके दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही ट्रांसफर किए गए करीब 17 करोड़ रुपये की भी जांच कराई जाय कि यह पैसा किन-किन लोगों के खातों में गया, उसका कहां उपयोग किया गया।
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