इस सत्र से बदला प्रश्नपत्र का पैटर्न ऊहापोह में छात्र

Faizabad Updated Fri, 24 Jan 2014 05:46 AM IST
अयोध्या। साकेत महाविद्यालय में वर्ष 2013-14 सत्र की शिक्षण व्यवस्था अव्यवस्थाओं व उपद्रवी छात्रों की अराजकता में उलझ कर रह गई है। जनवरी माह में भी महाविद्यालय की कक्षाएं सुचारु रूप से नहीं शुरू हो सकी हैं। यह स्थिति तब है जब फरवरी के तीसरे सप्ताह में सत्रावसान हो जाएगा और मार्च में विश्वविद्यालय से लिखित परीक्षाएं प्रस्तावित हों। कॉलेज में प्रवेश ले चुके छात्र-छात्राएं यहां अव्यवस्थित शिक्षण व्यवस्था से परेशान हैं। वहीं विश्वविद्यालय से इस सत्र से प्रश्नपत्रों के बदले पैटर्न से ऊहापोह की स्थिति में हैं।
साकेत महाविद्यालय में नए सत्र की शुरुआत 17 से 18 अगस्त तक होती रही है। पिछले वर्ष तक यह व्यवस्था सुचारु रही लेकिन इस वर्ष सत्र 2013-14 अगस्त माह से आरंभ नहीं हो सका। कॉलेज प्रशासन से छात्र-छात्राओं के लिए शुरू की गई नई प्रवेश व्यवस्था शुरुआती दौर में सत्र आरंभ से ही रोड़ा बनी हुई है। ऑनलाइन प्रवेश के लिए छात्र-छात्राओं के साथ व्यवस्था से जुड़े लोग भी परेशान हैं। कॉलेज में बीए द्वितीय, तृतीय व एमए फाइनल की कक्षाओं में प्रवेश पूरे नहीं हो सके हैं। नए साल में कॉलेज में छात्रों की बढ़ती गतिविधियों के उपद्रवी छात्रों से पैदा की जा रही अराजकता जैसे-तैसे चल रही कक्षाएं भी बाधित हो रही हैं। पखवारे भर से अधिक समय से कॉलेज परिसर अराजक छात्रों का अखाड़ा सा बन गया है। बीते दिनों कॉलेज प्रशासन व पुलिस की मौजूदगी में ही छात्र गुटों से मारपीट ने कॉलेज प्रशासन के अनुशासन पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
छात्र नेताओं का कहना है कि कॉलेज में आधे से अधिक छात्रों को परिचय पत्र भी नहीं जारी हो पाया है। इसके कारण कॉलेज लाइब्रेरी से छात्रों को पुस्तकें नहीं मिल पा रही हैं। छात्र मानसभूषण मणिराम त्रिपाठी का कहना है कि अवध विश्वविद्यालय के कुलपति से लिखित परीक्षाएं मार्च में करवाए जाने की घोषणा और प्रश्नपत्रों के पैटर्न बदलने के बाद छात्र-छात्राएं भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति में हैं।

Spotlight

Most Read

Gorakhpur

पद्मावत फिल्म का प्रदर्शन रोकने को सड़क पर उतरी करणी सेना

पद्मावत फिल्म का प्रदर्शन रोकने को सड़क पर उतरी करणी सेना

22 जनवरी 2018

Related Videos

जब रात में CM योगी के आवास के बाहर किसानों ने फेंके आलू

लखनऊ में आलू किसानों को जबरदस्त प्रदर्शन देखने को मिला। अपना विरोध जताते हुए किसानों ने लाखों टन आलू मुख्यमंत्री आवास, विधानसभा और राजभवन के बाहर फेंक दिया। देखिए आखिर क्यों भड़क उठा आलू किसानों का गुस्सा।

6 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper