मुफ्त के बाद भी एक्स-रे के वसूले गए पैसे

Faizabad Updated Wed, 22 Jan 2014 05:46 AM IST
सीन : एक
स्थान : जिला अस्पताल
समय : दोपहर 12:30 बजे
साहब, हमसे तो लिए हैं 41 रुपये
- साहब हम सुबह 10:30 बजे आ गए थे, एक्सरे के लिए 41 रुपये जमा किए तो रसीद मिली। हमें नहीं पता था कि आज से पैसा नहीं लगेगा, जबकि हमारे बाद आए लोग बिना पैसा जमा किए ही एक्सरे करा रहे हैं। यह कहना था हितलाल का, जिसके हाथ में रसीद संख्या 1701 थी। सनेथु की सीमा भी 41 रुपये जमा की रसीद लेकर एक्सरे कराई, लेकिन यह पर्चा 17 जनवरी का कटा था, जिस दिन उसका नंबर नहीं आया। एक्सरे प्रभारी सीबी पांडेय का कहना था कि 11 बजे फैक्स से आदेश आया, तब जाकर एक्सरे की रसीद काटनी बंद की गई।

सीन : दो
स्थान : सीएचसी बीकापुर
समय : अपरान्ह 2 बजे
यहां डीएम का निर्देश ही काम कर गया
- सुबह से दोपहर दो बजे तक छह लोगों का एक्सरे हुआ। उमरपुर के अरविंद कुमर और रुरुखास की रामप्यारी का कहना था कि कोई रसीद नहीं कटी, पहले 41 रुपये लिए जाते थे। आखिर यहां किसका आदेश काम कर गया, जवाब दिया अधीक्षक डा. वीके गुप्ता ने। कहा कि परसों पल्स पोलियो की बैठक में डीएम साहब ने निर्देश दिया था कि सोमवार से कोई भी सरकारी अस्पताल एक्सरे का पैसा नहीं लेगा। शासन ने इसे मुफ्त कर दिया है। लेकिन लिखित में कोई आदेश अभी तक नहीं मिला है।

अमर उजाला ब्यूरो
फैजाबाद। प्रदेश कैबिनेट में पिछले बृहस्पतिवार को दी गई 20 जनवरी से सरकारी अस्पतालों में मुफ्त एक्स-रे की मंजूरी की जमीनी हकीकत चौंकाने वाली रही। हालांकि स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन ने पहले ही इसकी घोषणा कर रखी थी। फिर भी अस्पतालों तक आदेश पहुंचने में सोमवार को इंतजार होता रहा। नतीजतन दर्जनों लोगों को पैसे देकर एक्स-रे कराने पड़े। जिला अस्पताल में देर से पहुंचने वाले मरीजों को मुफ्त एक्स-रे का लाभ मिल गया। वे बेहद खुश थे। सीएमएस डॉ. एनकेपी सिंह का कहना था कि फैक्स आते ही एक्स-रे विभाग को भेजा गया और पैसा जमा कराना बंद करा दिया गया।
जिला अस्पताल व महिला जिला अस्पताल में सुबह आठ बजे ही मरीजों की कतारें दवा पर्ची काउंटर पर लग गई थीं। एक्स-रे कराने वाले मरीज जब एक रुपये की पर्ची पर जांच कराने पहुंचे, तो उन्हें रसीद कटवाने की बात कह लौटा दिया गया। इसी में एक शहर के हितलाल थे, उन्होंने 41 रुपये की रसीद कटवाई तो एक्सरे कक्ष में जा पाए। बाकी मरीज डॉक्टरों व सीएमएस से मिलकर सरकार के मुफ्त एक्सरे की घोषणा पर जवाब मांगने में जुटे थे। यही हाल जिला महिला अस्पताल का था, हालांकि यहां भर्ती मरीजों के ही एक्सरे किए जाते हैं। एक्स-रे प्रभारी सीबी पांडेय ने बताया कि कुल 66 एक्सरे दोपहर तक हुए हैं, लेकिन 11 बजे आदेश आने के बाद किसी से पैसा नहीं लिया गया है।

कोट्स
सीएमओ बोले, नहीं मिला आदेश
- सीएमओ डॉ. राकेश कुमार यादव का कहना है कि अखबारों से पता चला था कि प्रदेश कैबिनेट ने 20 जनवरी से सरकारी अस्पतालों में एक्स-रे को मुफ्त कर दिया है। लेकिन लिखित आदेश नहीं मिला है। सीएचसी पर एक्स-रे के लिए पैसा लिया गया या नहीं पता करके ही बता पाएंगे। सीएमओ से यह पूछने के लिए सीएचसी से क्या रिपोर्ट मिली है, दोबारा एक घंटे बाद पांच बार कॉल करने पर भी उनका मोबाइल नहीं उठा।

इन्हें मिला मुफ्त एक्स-रे का तोहफा
- जिले के सिरौल गांव निवासी नकछेद के बाई हाथ का एक्सरे सोमवार को 12 बजे मुफ्त हुआ, तो वे बेहद खुद थे। बोले पहले भी 30 रुपये लेने की बात लोग कहते थे, जबकि रसीद 41 रुपये की कटती थी। सुल्तानपुर के प्रदीप शुक्ला का कहना था कि सुबह आए तो पैसा मांगा जा रहा था, लेकिन साढ़े ग्यारह बजे एक रुपये की पर्ची पर एक्सरे हुआ। सीमा मौर्या खुशनसीब नहीं थी, 17 जनवरी की रसीद पर एक्सरे कराना पड़ा, बोलीं काश आज आए होते तो 41 रुपये बचता। बीकापुर के मयाराम को भी मुफ्त एक्सरे की खुशी थी।

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