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रामनगरी में िदखा कुंभ जैसा नजारा

Faizabad Updated Tue, 12 Feb 2013 05:30 AM IST
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अयोध्या। मौनी अमावस्या स्नान के लिए प्रयाग महाकुंभ को गए श्रद्धालुओं की भीड़ रामनगरी लौटी तो अयोध्या में कुंभ जैसा नजारा उभर आया। स्नान घाटों से लेकर प्रमुख मठ-मंदिरों तक ही नहीं, नगरी के मार्गों तक जैसे श्रद्धालुओं का सागर उमड़ पड़ा हो। भले ही सोमवार को कोई महत्वपूर्ण तिथि व पर्व न रहा हो लेकिन नगरी के हालात प्रमुख मेलों के मुख्य पर्व की तरह रहे। प्रशासन की ओर से किए गए सारे इंतजाम नाकाफी साबित होते नजर आए। आम श्रद्धालुओं की मानें तो सुरक्षा व सुविधा राम भरोसे ही रही।
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रविवार को प्रयाग महाकुंभ में मौनी अमावस्या पर्व पर संगम में डुबकी लगाने के बाद श्रद्धालुओं का रेला वापसी के लिए मुड़ा तो रेलवे स्टेशन व रोडवेज बस स्टेशन फिर से गुलजार हो गए। ट्रेनें-बसें रुकीं और इनसे श्रद्धालुओं का सैलाब उतरा और सिर पर गठरी उठाए, बुजुर्गों और बच्चों का हाथ थामें आसपास के जनपदों के श्रद्धालुओं की भीड़ रामनगरी की ओर चल पड़ी। रात भर मुख्य मार्गों पर रामनगरी की ओर आने वालों का कुछ ऐसा ही मंजर नजर आया। रामनगरी में कुंभ जैसे हालात पैदा होने की खबर पर अधिकारियों की बेचैनी बढ़ गई। सुरक्षा व व्यवस्था के लिए तैनात किए गए अधिकारियों व कर्मचारियों की फौज को सतर्क जरूर कर दिया गया। भोर हुई तो सरयू के स्नान घाटों पर श्रद्धालुओं का रेला था। श्रद्धालुओं ने सरयू में डुबकी लगा अर्घ्य दिया और दान किया। बगल स्थित राम की पैड़ी पर थोड़ी देर विश्राम व भीगे वस्त्रों को सुखाने के बाद श्रद्धालुओं का रेला प्रमुख मठ-मंदिरों की ओर बढ़ चला। कुछ नागेश्वरनाथ की ओर तो कुछ ने हनुमानगढ़ी की ओर रुख किया। श्रद्धालुओं की सैलाब उमड़ने के चलते प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी, नागेश्वरनाथ, कनक भवन आदि मंदिरों पर की गई सुरक्षा व व्यवस्था चरमराती नजर आई। मौजूद अधिकारी आस्था की ओर बढ़ रहे कदमों को संभालने के बजाए भीड़ को अपनी मंशा के मुताबिक रवाना होने देने की स्थिति में दिखे। श्रद्धालुओं ने विवादित परिसर स्थित विराजमान राम लला समेत प्रमुख मठ-मंदिरों में दर्शन-पूजन किया। रामनगरी के प्रमुख पर्व व मेलों के गवाह रहे लोगों का कहना था कि प्रशासन की व्यवस्थाएं नदारद थीं। सभी जानते हैं कि अयोध्या आने वाले लोग हनुमानगढ़ी व नागेश्वरनाथ समेत प्रमुख मठ-मंदिरों में दर्शन-पूजन करते हैं लेकिन सोमवार को कोई खास इंतजाम नहीं दिखे। यह अलग बात है कि प्रशासन की ओर से मेले जैसी व्यवस्था की बात कही गई थी। दावा किया गया था कि पूरे क्षेत्र को छह जोन व 24 सेक्टर में बांट कर जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेटों के साथ सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। सरयू में स्नान के दौरान हादसे को रोकने के लिए पीएसी की बाढ़ राहत कंपनी व लाइफ जैकेट की उपलब्धता का दावा भी किया गया था। हालांकि यह व्यवस्थाएं पूरी तरह जमीन पर नहीं दिखी। विवादित परिसर पर सुरक्षा व्यवस्था चौकस थी लेकिन हनुमानगढ़ी व नागेश्वरनाथ पर भीड़ को संभालने व सुरक्षा के लिए पुलिस के चंद जवान ही नजर आए।

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