दोनों पक्षों के निशाने पर रहे पलोक बसु

Faizabad Updated Fri, 07 Dec 2012 05:30 AM IST
अयोध्या। विवादित ढांचा ध्वंस की 20वीं बरसी पर हिंदू व मुस्लिम संगठनों की ओर से आयोजित कार्यक्रमों में पूर्व न्यायाधीश पलोक बसु की पहल पर आपसी सहमति से अयोध्या विवाद के हल की कोशिश निशाने पर रही। धर्म जागृति सम्मेलन में संतों ने इसे केंद्र व प्रदेश सरकार की साधु समाज में फूट डालने की कोशिश बताया, तो मुसलिमों ने भी सुलह के प्रयासों को भ्रमित करने वाला बताते हुए मसले का एक मात्र हल अदालती निर्णय को बताया।
हाईकोर्ट से अयोध्या विवाद पर 30 सितंबर 2010 को आए फैसले के बाद पूर्व न्यायाधीश पलोक बसु ने विवाद के आपसी सुलह-समझौते से सौहार्दपूर्ण हल की कोशिश शुरू की थी। लगभग दो वर्षों से चल रही हिंदू-मुसलिम समुदायों के बीच हर माह होने वाली बैठकों में चार बिंदुओं पर आम सहमति बनाने का फैसला लिया जा चुका है। कुछ माह पूर्व लाए गए इन प्रस्तावों में विवाद का हल सुलह के माध्यम से करने, जिसमें अयोध्या-फैजाबाद के लोग ही हों, विवादित ढांचे का दक्षिणी हिस्सा उद्यान के रूप में छोड़े जाने, आम सहमति से अधिगृहीत परिसर के यूसुफ आरा मशीन से सटे हिस्से में मसजिद निर्माण व विराजमान रामलला स्थल पर मंदिर का निर्माण और अयोध्या-फैजाबाद की जनता की आम सहमति के तैयार मसौदे पर अभियान चलाकर हस्ताक्षर कराने की बात शामिल है। हालांकि अभी तक इन प्रस्तावों पर जुटे दोनों पक्षों में आम सहमति तो नहीं बन सकी है, लेकिन सुलह की इस कोशिश का विरोध शुरू हो गया। छह दिसंबर की तिथि पर आयोजित कार्यक्रमों में पूर्व न्यायाधीश पलोक बसु की आम सहमति की यही पहल निशाने पर रही। कारसेवकपुरम में आयोजित धर्म जागृति सम्मेलन में संतों ने पलोक बसु को केंद्र की कांग्रेस व प्रदेश की सपा सरकार का दूत बताते हुए साधु-संतों में फूट डालने की साजिश रचने वाला बताया। वहीं टेढ़ी बाजार स्थित यौमेगम के कार्यक्रम में शामिल होने लखनऊ से आए हाईकोर्ट के अधिवक्ता मुश्ताक अहमद ने पलोक बसु के प्रयासों को भ्रमित करने वाला बताया। कहा कि विवाद का एक मात्र हल न्यायालय के द्वारा ही संभव है। बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी अयोध्या के संयोजक आफाक अहमद ने भी सहमति के किसी भी प्रयास को नकारते हुए न्यायालय से ही हल की उम्मीद जताई।

Spotlight

Most Read

Lucknow

ब्राइटलैंड स्कूल दो दिन के लिए बंद, छात्रा हुई जुवेनाइल कोर्ट में पेश

राजधानी के ब्राइटलैंड स्कूल में छात्र को चाकू मारने की घटना के बाद बच्चों में बसे खौफ को दूर करने के लिए स्कूल को दो दिनों के लिए बंद कर दिया है।

19 जनवरी 2018

Related Videos

जब रात में CM योगी के आवास के बाहर किसानों ने फेंके आलू

लखनऊ में आलू किसानों को जबरदस्त प्रदर्शन देखने को मिला। अपना विरोध जताते हुए किसानों ने लाखों टन आलू मुख्यमंत्री आवास, विधानसभा और राजभवन के बाहर फेंक दिया। देखिए आखिर क्यों भड़क उठा आलू किसानों का गुस्सा।

6 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper