छोटा कार्यकाल मगर पारी रही बेमिसाल

Faizabad Updated Fri, 02 Nov 2012 12:00 PM IST
फैजाबाद। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के 14वें कुलपति के रूप में प्रो. आरसी सारस्वत का कार्यकाल भले छोटा रहा हो, मगर उनकी तकरीबन डेढ़ साल की पारी अपने आप में बेमिसाल रही है। कुलपति प्रो. सारस्वत के कुशल निर्देशन में अविवि को पहली बार न सिर्फ प्रदेशस्तरीय बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा के आयोजन का मौका मिला, बल्कि प्रदेश में पहली बार हुई पीएचडी की संयुक्त प्रवेश परीक्षा भी इसी विश्वविद्यालय की मेजबानी में कराई गई। अच्छे प्रशासक के रूप में गिने जाने वाले प्रो. सारस्वत के निर्देशन का ही परिणाम रहा कि इतनी बड़ी परीक्षा का विवि ने सफल आयोजन किया। इससे प्रदेशस्तर पर विवि को ख्याति मिली। दूसरी ओर उनके कार्यकाल में ही पहली बार दो अंतर्विश्वविद्यालयीय खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन का मौका भी अविवि को मिला। इसी का नतीजा रहा कि कुलपति प्रो. सारस्वत के इस्तीफे की खबर सुनकर एकबारगी किसी को विश्वास नहीं हुआ। बीते साल अप्रैल में प्रो. सारस्वत ने अविवि की बागडोर ऐसे समय में संभाली, जब उत्तर पुस्तिकाओं की खरीद में भ्रष्टाचार के चलते मुख्य परीक्षा बाधित हो गई थी। हालत यह थी कि उत्तर पुस्तिकाएं समय से विवि न पहुंच पाने से पहली बार मुख्य परीक्षा को बीच में ही स्थगित कर देना पड़ा था। कुलपति बनने के उपरांत प्रो. सारस्वत ने उत्तर पुस्तिकाओं की खरीद में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया और पहले से भी सस्ती दर पर कॉपियों की खरीद कर विवि को आर्थिक लाभ पहुंचाया। इतना ही नहीं प्रो. सारस्वत ने व्यक्तिगत प्रयास कर विश्वविद्यालय के अंत: पाठ्यक्रमों में सेमेस्टर प्रणाली लागू कराई। सेमेस्टर प्रणाली लागू होने से विवि की शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार आया। अभी कुछ महीनों पूर्व ही कुलपति प्रो. सारस्वत ने विवि को हाईटेक करते हुए स्टूडेंट्स को ऑनलाइन मार्कशीट उपलब्ध करवायी। इससे विद्यार्थियों को घर बैठे अपना अंकपत्र हासिल कर पाने की सहूलियत हासिल हुई। इन उपलब्धियों के साथ ही प्रो. आरसी सारस्वत के कार्यकाल में अवध विश्वविद्यालय ने पहली बार अंतर्विश्वविद्यालयीय प्रतियोगिताओं में महिला क्रिकेट प्रतियोगिता और खो-खो महिला व पुरुष प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन कराया था।

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