नहीं चलेगा नमी का बहाना, लेना पड़ेगा धान

Faizabad Updated Wed, 24 Oct 2012 12:00 PM IST
फैजाबाद। प्रदेश सरकार ने अबकी बार की सरकारी धान खरीद में किसानों की सहूलियत के लिए नई व्यवस्था की है। इस बार 17 फीसद नमी वाला धान भी खरीदने के निर्देश केंद्र प्रभारियों को दिए गए है। इससे सेंटरों पर पहुंचने वाले किसानों को उल्टे पांव नहीं लौटना पड़ेगा। सेंटर प्रभारी धान न खरीदने के लिए कोई बहाना नहीं कर पाएंगे। अगर कोई किसान किसी कारणवश लौटाया भी जाता है, तो इसकी शिकायत मिलने पर केंद्र प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अन्यथा, केंद्र प्रभारी को स्पष्ट तौर पर किसान को लौटाने के कारण का उल्लेख करना होगा। शिकायत मिलने पर जांच होगी, वजह सही पाए जाने पर सेंटर प्रभारी के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं होगी। इसकी पुष्टि धान खरीद से जुड़े वरिष्ठ अफसरों ने भी की है। मालूम हो कि धान खरीद सत्र 2012-13 में शासन ने किसानों की सुविधा के मद्देनजर कई तरह की व्यवस्थाएं की हैं। अगर कोई किसान धान बेचने सेंटर पर पहुंचता है और उसके धान में नमी पाई जाती है, तो सेंटर प्रभारी को नमी मापक यंत्र से धान में अवशोषित नमी की जांच करनी होगी। अगर यह नमी 17 प्रतिशत तक ठहरती है, तो सेंटर प्रभारी को किसान का धान हर हाल में खरीदना पड़ेगा। यदि इससे ऊपर नमी की दशा में ही किसानों का धान नहीं खरीदा जाएगा। जबकि इसके पहले तक के खरीद सत्रों में सेंटर प्रभारी नमी का बहाना कर बेवजह किसानों को लौटा देते थे। निराश किसान को सरकारी खरीद के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ नहीं मिल पाता था। वह मजबूर होकर अपना धान औने-पौने दाम पर आढ़तियों को बेच देता था। अक्सर इस प्रकार की शिकायतें मिलने से शासन ने इस बार व्यवस्था बदल दी है। इसके अलावा सेंटर प्रभारी इलेक्ट्रॉनिक कांटे की खराबी या फिर कांटा खाली न होने का बहाना भी नहीं कर पाएंगे। इस पर अंकुश लगाने के लिए शासन ने प्रत्येक केंद्र पर दो-दो इलेक्ट्रॉनिक कांटे उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। शासन के निर्देश के तहत मंडी परिषद को सभी एजेंसियों के सेंटरों पर दो-दो इलेक्ट्रॉनिक कांटे उपलब्ध कराने को कहा गया है। दो कांटे होने से सेंटर प्रभारी ज्यादा मात्रा में तौल के लिए धान पड़े होने का बहाना भी नहीं कर सकेंगे। दूसरे, दो कांटे होने से एक की खराबी की स्थिति में क्रय केंद्र पर खरीद भी नहीं रुकेगी। वहीं सेंटर से किसानों को लौटाए जाने की स्थिति में केंद्र प्रभारी को एक रजिस्टर में किसान का नाम व पता, धान न खरीदने का कारण इत्यादि उल्लेख करना होगा। इस व्यवस्था से किसान के शिकायत करने की दशा में जांच होगी और सेंटर प्रभारी पर कार्रवाई की जा सकेगी।

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