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... तो इस बार भी नहीं होगी हाई-ब्रीड धान की खरीद

Faizabad Updated Sun, 14 Oct 2012 12:00 PM IST
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फैजाबाद। जिन किसानों ने ज्यादा उत्पादन हासिल करने के मकसद से अपने खेतों में हाई ब्रीड प्रजातियों का धान रोपा था और सरकारी खरीद में धान बेचकर मुनाफा कमाने की सोचे बैठे हैं, उनको यह खबर निराश कर सकती है। दरअसल, पिछले खरीद सत्र की तरह इस बार भी धान की सरकारी खरीद में हाई ब्रीड धान खरीदे जाने पर ऊहापोह कायम है। हाई ब्रीड धान खरीदा जाना है कि नहीं, इस संबंध में सीधे तौर पर कुछ कहने के बजाय अफसर एफसीआई के मानकों का हवाला दे रहे हैं। कहा जा रहा है कि स्पष्ट रूप से शासन से हाई ब्रीड धान खरीदने की मनाही नहीं है, बशर्ते ऐसी प्रजाति का धान खरीदा जाएगा, जो एफसीआई के मानक 67 प्रतिशत चावल रिकवरी पर सही ठहर सके। अन्यथा, इससे नुकसान सहना पड़ेगा। खरीफ विपणन सत्र 2012-13 के लिए प्रदेश में एक अक्तूबर से औपचारिक रूप से धान खरीद शुरू हो गई है। हालांकि अभी एकाध संभाग में ही अभी धान खरीदा गया है, लेकिन जैसे-जैसे धान खरीद सत्र बीत रहा, हाई ब्रीड धान की खरीद होगी या नहीं, इसे लेकर संशय की स्थिति बन रही है। इसका कारण बीते खरीद सत्र 2011-12 में हाई ब्रीड प्रजातियों के धान को लेकर हुई उठापटक है। गौरतलब है कि पिछली बार सेंटरों पर धान की आवक शुरू होने के कुछ दिनों बाद सेंटर प्रभारियों ने हाई ब्रीड की खरीद पर मनाही की बात कहकर किसानों के धान खरीदने से हाथ खड़े कर दिए थे। बताया गया था कि शासन ने रोक लगाई है। इसके बाद शासन स्तर से हाई ब्रीड धान की खरीद से पहले परीक्षण के लिए आदेश जारी किए गए। फिर सभी संभागों में आरएफसी की अध्यक्षता में डिप्टी आरएमओ की ओर से चुनिंदा राइस मिलों में एफसीआई अफसरों व अन्य की मौजूदगी में परीक्षण करवाया गया था। परीक्षण में ज्यादातर हाई ब्रीड प्रजातियों से 60 प्रतिशत से ऊपर चावल रिकवर नहीं हुआ था। किसी में 61 प्रतिशत, तो किसी से 62-63 या फिर इससे भी नीचे चावल रिकवर हुआ था। जानकार बताते हैं कि हाई ब्रीड धान के पतले होने से किसी भी प्रजाति से 67 प्रतिशत चावल नहीं प्राप्त हुआ था। बाद में किसी तरह एफसीआई अधिकारियों की सहमति से खरीद शुरू हुई थी, लेकिन ज्यादातर सेंटरों पर फिर भी नहीं खरीदा गया था। ठीक वैसी ही स्थिति इस बार भी बन रही। अभी तक जिलों को छोड़िए, संभाग स्तर पर कोई स्पष्ट निर्देश नहीं है। मंडलस्तरीय अधिकारियों का कहना है कि हाई ब्रीड के बारे में स्पष्ट कोई आदेश नहीं है। सिर्फ इतना निर्देश है कि एफसीआई के मानक पर खरा उतरने वाला धान खरीदना है।
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