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मूर्तियां बरामदगी के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम

Faizabad Updated Sun, 14 Oct 2012 12:00 PM IST
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फैजाबाद। गोरक्षपीठ के उत्तराधिकारी व गोरखपुर के सांसद योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 21 सितंबर की रात पौराणिक-ऐतिहासिक बड़ी देवकाली मंदिर से मां काली, मां लक्ष्मी व मां सरस्वती का विग्रह चोरी कर लिया गया। यह इकलौती घटना नहीं है। बहराइच, सीतापुर समेत अन्य जिलों में भी मूर्ति चोरी के मामले सामने आ चुके हैं। इसके पीछे कुछ अधर्मी लोगों की सोची-समझी साजिश है। 22 दिन बीत जाने के बावजूद प्रशासन चोरी गई मूर्तियों की तलाश नहीं कर सका। अभी तो वह संत-धर्माचार्यों के साथ विरोध मार्च कर चेतावनी देने आये हैं। 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि 15 अक्तूबर तक मूर्ति बरामद न हुई तो प्रशासन हिंदू समुदाय की भावनाओं के ज्वार को रोक नहीं पाएगा। प्रशासन को बड़े व निर्णायक आंदोलन के लिए तैयार रहना चाहिए। भाजपा सांसद शनिवार को बड़ी देवकाली मंदिर परिसर में आयोजित विरोध सभा को संबोधित कर रहे थे। इसके पूर्व अयोध्या के दिगंबर अखाड़े से वाहनों के काफिले के साथ मंदिर पहुंच उन्होंने गर्भगृह का अवलोकन किया और घटना के बाबत पूरी जानकारी हासिल की। श्री योगी ने कहा कि प्रशासन मामले में लगातार आश्वासन दे रहा है। आश्वासन से काम नहीं चलने वाला। लोग विग्रह की बरामदगी और उसी स्थान पर प्राण प्रतिष्ठा चाहते हैं। चेताया कि दूसरी मूर्ति स्थापना की बात भी प्रशासन न सोचे। सूबे के लखनऊ, फैजाबाद व वाराणसी की कचहरियों में सीरियल ब्लास्ट से जुड़े आतंकियों से सरकार मुकदमा वापस लेने की कार्रवाई कर रही है, जबकि आस्था व स्वाभिमान के लिए संघर्ष करने वाले हिंदुओं के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज किये जा रहे हैं। रामजन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य व पूर्व भाजपा सांसद डॉ. राम विलास दास वेदांती ने सूबे कीसरकार व नगर विधायक के कथित बयान पर हमला बोला। कहा कि सूबे में हिंदू विरोधी सरकार पदारूढ़ है। वारदात को सिमी व इंडियन मुजाहिदीन जैसे संगठनों ने साजिश के तहत अंजाम दिया। आजमगढ़ में छापेमारी के बाबत सूबे के एक प्रभावशाली मंत्री की नाराजगी के बाद प्रशासन ने बयान बदल लिया। रामजन्मभूमि पर आतंकी हमले में भी इसी पार्टी के झंडे लगे वाहन से आतंकवादी और विस्फोटक पहुंचाये गये थे, पुलिस ने चालक को वैसे ही छोड़ दिया। संतों के साथ बैठक में प्रशासन मूर्ति बरामदगी के करीब होने का दावा कर रहा था, आखिर दावा कहां गया? राम बल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास ने इस राक्षसी संस्कृति के पीछे शामिल लोगों को बेनकाब कर दंडित करने, विहिप के नगर अध्यक्ष बृजमोहन दास ने आस्था की प्रतीक मूतिर्यों की अविलंब बरामदगी, पुजारी रामदास ने संतों से आंदोलन के नेतृत्व का आह्वान, स्वामी करपात्री महराज ने घटना को हिंदू अस्मिता का प्रश्न बताते हुए लोगों से उठ खड़ा होने, महंत रामशरणदास ने सत्ता में बैठे लोगों को चेत जाने, कौशल किशोर शरण ने 15 तक मूर्ति बरामद न होने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी। भरत व्यास ने घटना को किसी भी दशा में बर्दाश्त न करने और दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास ने भारतीय संस्कृति व राष्ट्र की रक्षा के लिए संगठित होने का आह्वान किया। संचालन हिंदू युवा वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह ने किया। निर्वाणी अनी के श्रीमहंत धर्मदास, भाजपा के पूर्व विधायक लल्लू सिंह,बड़ी देवकाली मंदिर के राज राजेश्वरी ट्रस्ट के सरवराकार राजा दियरा रामानुज प्रताप शाही, कमलादास, महंत मनमोहन दास समेत अन्य मंचासीन रहे।
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