आखिरकार ‘आरआईटीसी’ के फंदे में फंसी कई फर्में

Faizabad Updated Sun, 30 Sep 2012 12:00 PM IST
फैजाबाद। फर्जी टैक्स इनवॉइस पर खरीद दिखा आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) क्लेम करने वाली जोन की कई फर्में आखिरकार फंदे में फंस गई हैं। अब वाणिज्य कर अफसरों ने फर्जी खरीद दिखाने वाली फर्मों के विरुद्ध आरआईटीसी (रिवर्स इनपुट टैक्स क्रेडिट) का जाल फेंका है। कुछ फर्मों ने इसी आरआईटीसी प्रक्रिया के तहत विभाग के खाते में लाखों रुपये जमा भी करा दिए हैं। इसके साथ ही गिरफ्त में आईं तीन-चार फर्मों ने जल्द रकम जमा कराने का वायदा किया है। आरआईटीसी प्रक्रिया के तहत विभाग को अब तक सिर्फ गोंडा जिले की तीन फर्मों से ही करीब 23 लाख रुपये मिल चुके हैं। जबकि चार-पांच फर्मों के टैक्स जमा की सूचना अभी जोन को नहीं मिली है। इन्होंने भी करीब पांच लाख रुपये जमा किए हैं। उधर गोंडा की आठ फर्मों के लाइसेंस भी निलंबित किए गए हैं।
मालूम हो कि पिछले दिनों फैजाबाद जोन के अफसरों ने बड़ा खुलासा करते व्यापारियों के एक रैकेट का पर्दाफाश किया था, जो फर्जी टैक्स इनवॉइस के जरिए विभाग से आईटीसी क्लेम कराने की फिराक में थे। कुछ ने तो विभागीय संलिप्तता से आईटीसी क्लेम भी करा लिया था। इसी खुलासे में अधिकारियों ने गोंडा, बाराबंकी व सुल्तानपुर की कई फर्मों का राजफाश किया है, जिन्होंने फर्जी टैक्स इनवॉइस पर माल की खरीद दिखाकर वाणिज्य कर विभाग से आईटीसी क्लेम किया था। करोड़ों की यह खरीदारी गजरौला, बस्ती व बाराबंकी की विभिन्न फर्मों से दिखाई थी। मगर दिलचस्प पहलू यह रहा कि फर्मों ने जिनसे माल की खरीद दिखाई थी, उन फर्मों ने विभाग को न तो बिक्री की सूचना दी थी और न ही नक्शा इत्यादि जमा किए थे। इतना ही नहीं फर्जी टैक्स इनवॉइस पर माल बेचने वालीं गाजियाबाद के गजरौला की तीन फर्में कृष्णा ट्रेडिंग कंपनी, शिवओम ट्रेडिंग कंपनी व राधेरमन ट्रेडिंग कंपनी जांच के दौरान अस्तित्वहीन पाई गईं। बिक्री की सूचना न देने वालीं उपरोक्त फर्मों ने विभाग को नियमानुसार टैक्स भी जमा नहीं किया था। ऐसे में अस्तित्वहीन फर्मों से टैक्स न मिलने की दशा में इनसे खरीद दिखाने वालीं फर्मों के पंजीयन निलंबित कर अधिकारियों ने वाणिज्य कर अधिनियम के तहत आरआईटीसी की कार्रवाई शुरू कर दी। इसी आरआईटीसी के फंदे में गोंडा की ज्यादातर फर्में फंस गई हैं। विभाग से पंजीयन रद्द न हो जाने के भयवश अब इन फर्मों की ओर से टैक्स जमा कराया जाना शुरू हो गया है। अभी तक विभाग को गोंडा की ही तीन फर्मों क्रमश: कमला ट्रेडर्स से एक लाख 37 हजार, तुलसी ट्रेडर्स से दो किश्तों में कुल चार लाख 94 हजार तथा सागर इंटरप्राइजेज से सबसे ज्यादा एकमुश्त 16 लाख रुपये मिल गए हैं। जबकि इसी जनपद की किरन ट्रेडिंग, त्रिवेणी ट्रेडिंग, किसान ट्रेडर्स, ओम ट्रेडर्स, गणपति ट्रेडिंग कंपनी आदि फर्मों ने जल्द जमा कराने का वादा किया है। जोन प्रभारी एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-एक उमेश प्रताप सिंह ने बताया कि जिन फर्मों ने फर्जी खरीद दिखाई है और आईटीसी क्लेम किया है। उन सभी की जांच चल रही है। अगर विक्रेता फर्मों से विभाग को टैक्स नहीं मिला है, तो आरआईटीसी के तहत खरीदने वालीं फर्मों से टैक्स जमा कराया जा रहा है।

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