पांच चावल मिलें काली सूची में

Faizabad Updated Sat, 25 Aug 2012 12:00 PM IST
फैजाबाद। भारतीय खाद्य निगम ने घटिया चावल आपूर्ति करने के आरोप में पांच बड़ी राइस मिलों को डिबार कर दिया, इन मिलों में चार फैजाबाद की और एक अमेठी की मिल है। इनमिलों पर धान खरीद सत्र में कस्टम चावल की आपूर्ति करने पर रोक लगा दी गई है। शुक्रवार को एफसीआई की इस कार्रवाई की जानकारी मिलते ही राइस मिलरों में हड़कंप मच गया। उधर अधिकार को लेकर खाद्य विभाग व एफसीआई अफसरों में भी रार छिड़ गई है। सूत्रों के मुताबिक डिबार की कार्रवाई रद करने के लिए दोनों ओर से एक-दूसरे को पत्र लिखा गया है। सरकारी खरीद के तहत पिछले धान खरीद सत्र में जिले की कई राइस मिलों की ओर से एफसीआई में भंडारित कराया गया चावल (सीएमआर) काफी मात्रा में रिजेक्ट किया था। गद्दौपुर गोदाम में भंडारित इस चावल को एफसीआई की विभागीय टीम ने निरीक्षण के दौरान गुणवत्ताविहीन पाया था। रिजेक्टेड चावल में करीब 200 लॉट बीआरएल (बिलो रेशियो लाइन) पायी गयी थीं। इसमें करीब 5400 टन चावल शामिल था। जिले की ऐसी कोई राइस मिल नहीं बची थी, जिनका चावल रिजेक्ट न किया गया हो। बाद में टीम द्वारा रिजेक्टेड चावल को राइस मिलरों ने उठवाकर इसके बदले दूसरा चावल आपूर्ति किया था। इसके बाद मामला यहीं पर सुलझ गया था। कई महीनों बाद अब इस मामले का जिन्न फिर बोतल से बाहर आया है। अधोमानक चावल की आपूर्ति करने के आरोप में एफसीआई ने बीते दिनों पांच बड़ी राइस मिलों को डिबॉर घोषित कर दिया। जिले की चार राइस मिलें क्रमश: मेसर्स मोक्षदा राइस मिल हैरिंग्टनगंज, मेसर्स एके फूड राइस मिल हरीपुर जलालाबाद इंडस्ट्रियल एरिया, मेसर्स गंगारथी राइस मिल पूराबाजार व मेसर्स सागर इंडस्ट्रीज गोसाईंगंज तथा अमेठी जनपद की एक राइस मिल मेसर्स बाबा इंडस्ट्रीज शामिल हैं। डिबार की जानकारी मिलते ही जिले के राइस मिलर्स में हड़कंप मच गया है। मिलरों ने इस संदर्भ में एफसीआई के एरिया मैनेजर से मिलकर अपना पक्ष रखा और कई अन्य मिलों के उनसे ज्यादा चावल रिजेक्ट होने की बात कही, तो उन्होंने डिबार की कार्रवाई रद करने की बात कही है।

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