रेलवे के 194 आवासों पर अवैध कब्जा

Faizabad Updated Fri, 24 Aug 2012 12:00 PM IST
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फैजाबाद। कई रेल कर्मचारी आवास न मिलने का रोना रो रहे हैं। इसके उलट रेलवे के 194 आवासों पर अवैध कब्जे हो गये हैं। कई तो बाकायदा परिवार के साथ रह रहे हैं। कुछ कर्मी तबादले के बाद दूसरे शहरों में नौकरी कर हैं, लेकिन यहां का आवास किराए पर उठाए हुए हैं। कई रिटायर हो गए, लेकिन आवास खाली करने के बजाय किराए पर दे रखा है। कुछ में बाहरी तत्वों ने कब्जा कर रखा है। खाली आवासों में आतंकी आकर ठौर बना लें, अवैध धंधेेबाज इनका लाभ उठाने लगें, तो कोई ताज्जुब नहीं। मजे की बात यह भी है कि अवैध कब्जे की चपेट में उन कालोनियों के भी कई आवास हैं, जो सीडीओ और एईएन के अधीन हैं।
रेलवे की विभिन्न यूनियनों से जुड़े कई पदाधिकारी भी ऐसे आवासों पर कब्जा कराने में आगे हैं। अयोध्या, फैजाबाद, सोहावल, गोसाईंगंज, सलारपुर, अलनाभारी व कटेहरी रेलवे स्टेशनों पर बने ऐसे आवासों में रेलवे की बिजली और पानी का इस्तेमाल हो रहा। अवैध कब्जे में घोसियाना के निकट फैजाबाद की लोको कालोनी सबसे आगे है।
इन आवासों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने, रेलवे की बिजली और पानी बचाने के लिए बिजली विभाग के वरिष्ठ खंड अभियंता ने इस बाबत एक नहीं, तीन बार सहायक मंडल अभियंता, सीनियर सेक्शन इंजीनियर और वरिष्ठ मंडल अभियंता विद्युत को पत्र लिखा लेकिन किसी स्तर से कोई पहल नहीं हुई। ऐसे आवासों की बिजली कई बार काटी गई, लेकिन शातिर लोगों ने सप्लाई लाइन से कटिया जोड़ ली।

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