करें रक्तदान, बचाएं लोगों की जान

Faizabad Updated Thu, 14 Jun 2012 12:00 PM IST
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फैजाबाद। ‘अपने लिए जिए तो क्या जिए’ यह जिंदगी तो दूसरों के लिए जीने को मिली है। खून की कुछ बूंदें देकर किसी का अमूल्य जीवन बचा ले जाएं तो इससे बड़ी दूसरी खुशी हो ही नहीं सकती। रक्तदान करने से न ही कोई दिक्कत होती और न ही किसी प्रकार की कमजोरी आती है। सच तो यह है कि शरीर से पुराना खून निकलने पर नया खून तेजी से बनता है तथा पहले से कहीं अधिक एनर्जी मिलती है। इसलिए दूसरों की जान बचाने के लिए अपना खून आराम से दान करिए। ‘विश्व रक्तदान दिवस’ की पूर्व संध्या पर यह कहना था शहर के ‘खिदमत चैरिटेबल ट्रस्ट’ से जुड़े नवयुवकों और समाजसेवियों अतहर शम्सी, मोहम्मद आरिफ, नितिन कुमार, दानिश अहमद अंसारी, सुएब खान और वैभव वांटू का। यह सभी समाजसेवी अब तक एक-दो नहीं, छह से लेकर 11 बार तक खून दूसरों को दान कर चुके हैं। बड़े जोश से कहते भी हैं कि मरीजों, घायलों को रक्त देने और उनकी जिंदगी बच जाने पर बहुत आत्मिक संतोष मिलता है। खून देने पर किसी तरह की कमजोरी नहीं होती, बल्कि एनर्जी मिलने के साथ ही शरीर भी स्वस्थ रहता है। खिदमत की तरह ही नेहरू युवा केंद्र, सत्य साईं संगठन और जूनियर इंजीनियर एसोसिएशन से जुड़े लोग राष्ट्रीय पर्वों पर एकत्र होकर रक्तदान करते रहते हैं। जिला अस्पताल के अलावा शहर में एक और ब्लड बैंक स्थापित था, लेकिन अब यह बंद किया जा चुका है।

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