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बैंक को विलय किए जाने के विरोध में उतरे ग्रामीण

etawah Updated Sat, 25 May 2019 11:49 PM IST
स्टेट बैंक की ददोरा शाखा शिफ्ट किए जाने के विरोध में कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीण ।
स्टेट बैंक की ददोरा शाखा शिफ्ट किए जाने के विरोध में कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीण । - फोटो : amar ujala
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इटावा। स्टेट बैंक की ददोरा शाखा को बंद करके लवेदी शाखा में विलय किए जाने के प्रयासों का ग्रामीण पुरजोर विरोध कर रहे हैं। बैंक के गेट पर इस संबंध में चस्पा किए गए नोटिस को देखने के बाद शनिवार को कई गांवों के करीब एक सैकड़ा लोग कलक्ट्रेट पहुंचे और सिटी मजिस्ट्रेट से इसकी शिकायत की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि केसीसी के तहत दिए गए लोन में गड़बड़ी हुई। इससे बैंक को घाटा हुआ। तभी बैंक शाखा हटाई जा रही है जबकि इसमें बैंक की ही मिली भगत रही है। ग्रामीणों के साथ आए भाजपा जिला महामंत्री करन सिंह राजपूत ने कहा कि वह प्रयास करेंगे, बैंक शाखा बनी रहे।
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कलक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि इकदिल थाना क्षेत्र के ददोरा गांव में खुली बैंक की इस शाखा से हजारों लोग जुड़े हैं। इनमें ज्यादातर किसानों के खाते हैं। दर्जन भर से अधिक स्कूल व कॉलेजों में पढ़ने वाले बच्चों की छात्रवृत्ति व मिड डे मील की रकम आती हैं। विभिन्न योजनाओं में लोगों की पेंशन पहुंचती है। ग्राम पंचायतों के खाते खुले हैं। बरहीपुरा, जोधपुरा, सितौरा, ईश्वरीपुरा आदि गांवों के लोगों के लिए यह बैंक शाखा बेहद जरूरी है लेकिन कुछ लोग इस शाखा को यहां से हटाने पर तुले हैं। इससे बुजुर्ग लोगों को बेहद परेशानी होगी।
गत शुक्रवार को बैंक के गेट पर नोटिस चस्पा किया गया कि इस बैंक शाखा का विलय लवेदी में किया जा रहा है जबकि ददोरा से लवेदी की दूरी करीब 8 किमी है और बीहड़ी क्षेत्र होने के कारण रास्ता भी ठीक नहीं है इसीलिए सभी लोग इस विलय का विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि करीब दो साल पहले भी इस तरह के प्रयास किए गए थे लेकिन तब भी विरोध के चलते बैंक का विलय नहीं हो पाया था। तमाम ग्रामीणों ने विलय के पीछे बैंक के केसीसी ऋण को जिम्मेदार बताया। ग्राम प्रधान ईश्वरीपुरा सोमनाथ व खाताधारक प्रताप सिंह ने कहा कि बीहड़ की जमीन को कृषि भूमि दिखाकर लोगों ने केसीसी लोन ले लिए। कमीशन के खेल को लेकर इसमें बैंक की भी मिलीभगत रही है। अब लोन डूब रहे हैं तो घाटा हो रहा। इसी आधार पर बैंक का विलय किया जा रहा। ग्रामीणों ने बताया कि सिटी मजिस्ट्रेट ने इस मामले में समुचित प्रयास करने का आश्वासन दिया है। यदि कोई कदम न उठाए गए तो वह सब कलक्टेट परिसर में जमा होकर धरना देंगे।


वजह घाटा नहीं, बैंक प्रशासन का है निर्णय
स्टेट बैंक ददोरा शाखा का विलय किसी घाटे की वजह से नहीं हो रहा। बैंक फायदे में चल रही है। यह निर्णय बैंक के प्रशासनिक स्तर पर लिया गया है। इस शाखा से दिए गए लोन में भी कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। ग्रामीण गलत आरोप लगा रहे हैं। जहां तक विलय से होने वाली परेशानी का सवाल है तो बैंक के करीब 15 हजार खाता धारकों की सहूलियत का ख्याल रखा जा रहा है। इस बैंक शाखा से महज 30 मीटर की दूरी पर ईश्वरीपुरा गांव में ग्राहक सेवा केंद्र खुला है। जहां से खाताधारक 10 हजार से नीचे का लेनदेन कर सकेंगे। बैंक शाखा से भी 90 प्रतिशत लेनदेन दस हजार से नीचे के ही होते रहे हैं।
रमन सिंह, शाखा मैनेजर, स्टेट बैंक ददोरा, इटावा

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