‘अज्ञेय संदर्भ बिंदु तो रहेंगे पर अनुकरणीय नहीं’

Etawah Updated Wed, 26 Sep 2012 12:00 PM IST
इटावा। कर्मक्षेत्र महाविद्यालय में चल रहे अज्ञेय-प्रदेय एवं वैशिष्ट्य विषय के तीन दिवसीय राष्ट्रीय परिसंवाद के दूसरे दिन और तीसरे सत्र में अज्ञेय और उनके कथा साहित्य पर हिंदी विज्ञानों ने अपने मत रखे। साहित्य मनीषियों का स्पष्ट कहना रहा कि समालोचनाएं भी पूर्वाग्रह से विलग नहीं रही हैं। अज्ञेय भी ऐसे आलोचकों से अछूते नहीं रहे।
मंगलवार को साहित्यकार डा. वीरेंद्र यादव ने कहा कि हिंदी साहित्य में अपनी दीर्घकालीन उपस्थिति के चलते अज्ञेय संदर्भ बिंदु तो बने रहेंगे, लेकिन अनुकरणीय नहीं, क्योंकि उनकी कहानियां और उपन्यास प्रेमचंद्र की तरह आमजन के बजाय एक खास तरह के अभिजात्य समाज का ही प्रतिनिधित्व करती हैं।
नगर निवासी कहानीकार डा. दिनेश पालीवाल ने अज्ञेय की रचना बारह खंभा और अपने-अपने अजनबी उपन्यासों को जिक्र करते हुए कहा कि गैली का एक वाक्य है कि ‘अभागा है वह देश जिसका अपना नायक नहीं होता’ गलत है, अभागा है वह देश जिसे नायकों की जरूरत पड़ती है। डॉ. पालीवाल ने कहा कि यही बात साहित्य के क्षेत्र में अज्ञेय की उपस्थिति को लेकर है। इसके पूर्व महाविद्यालय के प्राचार्य डा. मोकम सिंह ने आए हुए सभी अतिथियों का स्वागत किया। डा. हिमांशु कुमार ने संचालन सभी हिंदी साहित्य के विद्वानजनों का परिचय दिया। कार्यक्रम संयोजक डा. स्नेहलता शुक्ला, डा. पुष्पलता श्रीवास्तव, डा. सुनीता तिवारी, प्रो. आरके अग्रवाल, डा. चित्रा यादव, डा. दीप शिखा, साधना वर्मा, ज्योति वर्मा, सुमनलता, डा. राजीव कुमार आदि का सहयोग रहा।

Spotlight

Most Read

Dehradun

देहरादून: 24 जनवरी को कक्षा 1 से 12 तक बंद रहेंगे सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र

मौसम विभाग की ओर से प्रदेश में बारिश की चेतावनी के चलते डीएम ने स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद करने के निर्देश जारी किए हैं।

23 जनवरी 2018

Related Videos

यूपी में शौचालय भी हुए भगवा, पूर्व सीएम अखिलेश ने ली चुटकी

इटावा के एक गांव में बन रहे शौचालयों को भगवा रंग में रंगा जा रहा है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत बन रहे 350 शौचालयों में से सौ शौचालयों को भगवा में रंगा जा चुका है।

13 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper