शकुंतला नगर में पानी को त्राहि-त्राहि

Etawah Updated Thu, 20 Sep 2012 12:00 PM IST
इटावा। नवीन मंडी के सामने स्थित शकुंतलानगर में पिछले चार दिन से पेयजल की आपूर्ति बंद है। पानी न आने के कारण मुहल्ले के लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। मुहल्ले में कोई हैंडपंप नहीं है। कुछ लोगों के घरों में लगे सबमर्सिबल पंप ही लोगों की प्यास बुझा रहे हैं। इस पेयजल संकट को लेकर लोगाें में आक्रोश है।
लाइनपार क्षेत्र में नवीन मंडी के सामने स्थित मुहल्ला शकुंतलानगर में पेयजल आपूर्ति फ्रेंड्स कालोनी स्थित पानी की टंकी के जरिए होती है। नगर पालिका की पाइप लाइन के जरिए लोगों ने अपने-अपने घरों में कनेक्शन करा रखे हैं। चार दिन से नलों मेें पानी नहीं आया। एक दिन तो घरों में स्टॉक पानी से काम चल गया लेकिन उसके बाद लोगों को मुहल्ले में लोगों के घरों में लगे निजी सबमर्सिबल पंप का सहारा लेना पड़ रहा है। मुहल्ले में एक भी हैडपंप नहीं है। लिहाजा निजी सबमर्सिबल पंप ही सहारा बने हैं।

मुहल्ले में गंदगी का भी साम्राज्य
शकुंतला नगर मुहल्ले में मुहल्ले भी अपनी कहानी सुना रही है। काफी समय से मुहल्ले की नालियों की सफाई करने के लिए सफाई कर्मी नहीं पहुंच रहे है। लिहाजा नालियां गंदगी से अटी पड़ी है। बरसात के चलते नालियों के जरिए गंदा पानी खाली पड़े प्लांटों में जमा हुआ है। मुहल्ले में दुर्गंध फैली रहती है। मच्छराें का प्रकोप भी बढ़ा हुआ है। इससे लोग खासे परेशान हैं।

दिनचर्या प्रभावित हुई
मुहल्ला निवासी सतीशचंद्र बताते हैं कि चार दिन से नलों से पानी न आने से दिनचर्या प्रभावित हो गई है। सुबह जल्दी जागकर निजी सबमर्सिबल पंपों के जरिए पानी भरने जाना पड़ता है। वहां भी इंतजार करना होता है क्योंकि जिसके घर में सबमर्सिबल लगा है वह पहले अपने यहां पानी की आपूर्ति लेता है।

भला हो सबमर्सिबल पंप वालों का
मुहल्ले के धर्मेंद्र यादव बताते हैं कि नगर पालिका से मिलने वाली पेयजल आपूर्ति पिछले चार दिन से मिल रही है। गनीमत है कि निजी तौर पर अपने घरों में लगाए सबमर्सिबल पंप वाले मुहल्ले के अन्य लोगों को पेयजल उपलब्ध करा रहे हैं नहीं तो उनको बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ता।

कपड़े धो नहीं पा रहे
मुहल्ले में रहने वाली सुषमा बताती हैं कि दूसरे के घरों में लगे सबमर्सिबल पंप से पानी भरकर लाने में काफी परेशानी होती है। अभी तक घर में ही पानी उपलब्ध हो जाता था। दूर से पानी भरकर लाने की आदत नहीं है। फलस्वरूप पीने व कुछ नहाने के लिए पानी ही ला पाते है। कपड़े आदि धोना तो मुश्किल हो रहा है।

महीनों ने नहीं हुई सफाई
बेबी बताती हैं कि पानी की समस्या के साथ गंदगी से भी परेशानी है। कई महीने हो गए हैं नालियों को साफ हुए। अब नालियों में गंदगी भरी है। महीनों से नाली की सफाई करने के लिए सफाई कर्मी नहीं आया। बारिश के बाद हालात और बिगड़ गए हैं।

Spotlight

Most Read

Chandigarh

हरियाणाः यमुनानगर में 12वीं के छात्र ने लेडी प्रिंसिपल को मारी तीन गोलियां, मौत

हरियाणा के यमुनानगर में आज स्कूल में घुसकर प्रिंसिपल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मामले में 12वीं के एक छात्र को गिरफ्तार किया गया है।

20 जनवरी 2018

Related Videos

यूपी में शौचालय भी हुए भगवा, पूर्व सीएम अखिलेश ने ली चुटकी

इटावा के एक गांव में बन रहे शौचालयों को भगवा रंग में रंगा जा रहा है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत बन रहे 350 शौचालयों में से सौ शौचालयों को भगवा में रंगा जा चुका है।

13 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper