एक हजार का फेर, सारे अरमान ढेर

Etawah Updated Fri, 07 Sep 2012 12:00 PM IST
इटावा। प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए आय प्रमाणपत्र बनवाने वालों के एक हजार के फेर में सारे अरमान ढेर हो रहे हैं। उनके द्वारा मिनिमम आय प्रमाणपत्र का आवेदन करने के बाद जो प्रमाणपत्र उनके हाथ लग रहा है वह 36 हजार रुपए सालाना का है। जबकि शासन ने विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए मिनिमम आय 35 हजार सालाना निर्धारित कर रखी है। ऐसे में प्रमाणपत्र धारक परेशान हो उठे हैं। अफसरों ने भी मामले को संज्ञान में लिया है।
सदर तहसील में आय प्रमाणपत्र बनवाने के लिए लोगों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। जैसे-तैसे कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद आवेदकों के हाथ जो आय प्रमाणपत्र आया है उससे नई समस्या खड़ी हो गई। दरअसल, आवेदकों ने मिनिमम आय के लिए आवेदन किया था। लेखपालों, कानूनगो ने जांच पड़ताल के बाद जो रिपोर्ट लगाई उसमें तीन हजार रुपए मासिक आमदनी बताते हुए 36000 रुपए सालाना आय का प्रमाणपत्र बना दिया। यह प्रमाणपत्र जब आवेदकों के हाथ आया तो वे सन्न रह गए। उनकी सारी मेहनत बेकार होती दिखी, क्योंकि प्रदेश की अखिलेश सरकार ने इंटर पास छात्राओं को कन्या विद्या धन 30 हजार रुपए और अल्पसंख्यक समुदाय के निर्धन परिवार की कक्षा 10वीं पास बालिका को आगे की शिक्षा के लिए व विवाह के लिए इतनी ही धनराशि देने की योजना लागू की है। इन दोनों योजनाओं में केवल वह छात्राएं ही पात्र होंगी, जिनकी पारिवारिक वार्षिक आय 35 हजार रुपए से अधिक नहीं होगी। बीपीएल कार्डधारक परिवार की छात्रा को आय प्रमाणपत्र नहीं बनवाना है लेकिन जिस छात्रा के परिवार का बीपीएल कार्ड नहीं है और वह निर्धन है। उसका आय प्रमाणपत्र भी 36000 रुपए का बन गया है। ऐसे में वह योजना का लाभ कैसे पाएगी। हालांकि बेरोजगारी भत्ता के लिए निर्धारित न्यूनतम आय 36 हजार रुपए वार्षिक निर्धारित की गई है।
लेखपालों की मानें तो ज्यादातर आवेदक पहले 36 हजार रुपए वार्षिक आय दर्शाते रहे। अब उसे 35 हजार रुपए कैसे दर्शाया जा सकता है। उधर तरन्नुम सरायशाही, शीबा जुलाहपुरी, निशा मकसूद पुरा आदि कई छात्राओं ने बताया कि उन्होंने अल्पसंख्यक समुदाय की योजना के लिए आय प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आवेदन किया है। लेखपाल उनके परिवार की सालाना आय 36 हजार रुपए दर्शाने पर अड़े हैं। जबकि वह गरीब परिवार से हैं। इस तरह वह योजना के लाभ से वंचित हो जाएंगी।

किसी को निराश नहीं होने देंगे
नवागत सदर तहसीलदार दिनेश चंद्र ने बताया कि वार्षिक आय के निर्धारण संबंधी शिकायत उन्हें मिल चुकी हैं। इसे लेकर एसडीएम सदर ने लेखपाल व कानूनगो को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जांच में जो भी शासन से निर्धारित वार्षिक आय के दायरे में आए उसकी आय निर्धारित सीमा से ऊपर न लाएं। उन्होंने कहा कि जिसको भी शिकायत हो वह उनसे संपर्क कर सकता है। बीपीएल कार्डधारकों को आय प्रमाण पत्र बनवाने की जरूरत नहीं है।

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