बिना पहचान बताए करो नेट का इस्तेमाल

Etawah Updated Sat, 25 Aug 2012 12:00 PM IST
इटावा। इंटरनेट से सुरक्षा बंदोबस्त को खतरा है इससे वीआईपी जिले के पुलिस-प्रशासन को परवाह नहीं है। शहर में अधिकांश इंटरनेट कैफे मनमाने तरीके से चल रहे हैं। संचालक आईटी एक्ट और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन नहीं करते। यहां ग्राहकों से पहचान पत्र तक नहीं लिया जाता है। किसी का भी मकान नंबर व मोबाइल नंबर लिखाओ और इंटरनेट पर सर्फ करो। अमर उजाला टीम ने शहर के कुछ प्रमुख साइबर कैफे पर जाकर बिना किसी आईडी के इंटरनेट इस्तेमाल कर इस पूरे मामले की पड़ताल की। कहीं पर भी किसी भी तरह का कोई नोटिस बोर्ड तक नजर नहीं आया। नीलेश शर्मा की रिपोर्ट

समय 02:10 बजे, यश कैफे।
संवाददाता ने नेट इस्तेमाल की इच्छा कैफे संचालक से जाहिर की। संचालक ने नाम और मोबाइल नंबर पूछा और एक रजिस्टर पर लिख लिया। कैफे संचालक ने न कोई सवाल पूछा और न ही कोई आईडी मांगी। पांच मिनट नेट इस्तेमाल करने के बाद संवाददाता ने पूरे एक घंटे का चार्ज दिया। काउंटर पर बैठे व्यक्ति ने अपना नाम चिंटू बताया। पहचानपत्र देखने के बारे में बोला, ऐसा महानगरों में होता है यहां ऐसा कुछ नहीं होता। पूछा कि ऐसे तो कोई भी व्यक्ति इंटरनेट का दुरुपयोग कर सकता है। वह बोला, हम इंट्री कर तो रहे हैं।

समय 02:25 बजे, तुलसी कैफे
अंदर ज्यादातर नाबालिग लड़के नेट का इस्तेमाल कर रहे थे। संवाददाता ने कैफे संचालक से नेट इस्तेमाल के लिए कंप्यूटर मांगा। जवाब मिला की रजिस्टर पर नाम और मोबाइल नंबर लिख दो और उस खाली सिस्टम पर बैठ जाओ। संवाददाता ने अपना निक नेम लिखा और काफी समय से बंद चल रहा मोबाइल नंबर लिखा। यहां पर भी न तो पहचान पत्र ही मांगा गया न ही पहचान संबंधी कोई अन्य जानकारी कैफे संचालक द्वारा ली गई। जो भी यूजर आ रहा था अपने हाथ से अपना नाम और मोबाइल नंबर लिखकर नेट इस्तेमाल कर रहा था।

समय 03:30 बजे, जैन कैफे
नया शहर चौराहे पर पुराने बस स्टैंड जाने वाली रोड पर खुले इस कैफे पर भी व्यवस्थाएं अन्य कैफे की तरह ही दिखाई दीं। एक रजिस्टर रखा था जिस पर यूजर्स चाहे जो लिख दे उसी को संचालक सच मान रहे थे। न किसी का पहचान पत्र देखा जा रहा था न कोई सवाल किए जा रहे थे। संचालक को नियम कानून की जानकारी नहीं थी।

समय 04:00, बालाजी कैफे
चौगुर्जी स्थित बालाजी साइबर कैफे में भी पहचान पत्र लिए जाने की कोई व्यवस्था लागू नजर नहीं आई। आने वालों का नाम और मोबाइल नंबर पूछकर कंप्यूटर पर बिठाया जा रहा था। यूजर्स जो नाम व मोबाइल नंबर लिखा रहा है वह सही है या गलत यह पता नहीं किया जा रहा था। कहीं किसी दूसरे का नाम लिखकर उसके इसका दुरुपयोग तो नहीं किया जाएगा।

समझ की बात
यूजर्स की मूल आईडी देखी जानी चाहिए।
हो सके तो आईडी की फोटोप्रति सुरक्षित रखें।

कैफे संचालकों को नियमों का पालन करना चाहिए। अगर कहीं से कोई शिकायत मिलती है या फिर साइबर क्राइम की सूचना मिलती है तो पुलिस उस पर कार्रवाई करेगी।
ऋषिपाल सिंह, एएसपी

Spotlight

Most Read

Budaun

संरक्षित स्मारक रोजा को मजहबी रंग देने की कोशिश

संरक्षित स्मारक रोजा को मजहबी रंग देने की कोशिश

21 जनवरी 2018

Related Videos

यूपी में शौचालय भी हुए भगवा, पूर्व सीएम अखिलेश ने ली चुटकी

इटावा के एक गांव में बन रहे शौचालयों को भगवा रंग में रंगा जा रहा है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत बन रहे 350 शौचालयों में से सौ शौचालयों को भगवा में रंगा जा चुका है।

13 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper