बिजली रानी ने खूब रुलाया

Etawah Updated Thu, 26 Jul 2012 12:00 PM IST
इटावा। 13 की बारिश के चलते जिले की बिजली आपूर्ति व्यवस्था तो पूरी तरह से लड़खड़ा गई। जिला मुख्यालय के लोग भी बिजली को तरस गए। कुछ क्षेत्रों में तीन चार घंटे बाद बिजली आपूर्ति बहाल हो गई तो कुछ क्षेत्र में पूरी रात बिजली गुल रही। मंगलवार की रात से गहराया बिजली का संकट बुधवार को भी जारी रहा। अधिकारी कर्मचारी फाल्ट दूर करने में जुटे रहे।
कहने को तो मुख्यमंत्री का गृह जनपद होने के नाते यहां 24 घंटे बिजली मिल रही है लेकिन यह आपूर्ति सिर्फ 132 केवी कुनैरा सबस्टेशन तक सीमित है। उधर, मंगलवार की रात करीब साढ़े नौ बजे पानी बरसना शुरू हुआ कि बिजली गुल हो गई। कालीवाहन क्षेत्र से जुड़े फीडरों से तो बिजली की सप्लाई रात एक बजे के बाद होने लगी लेकिन सुंदरपुर, मैनपुरी क्रासिंग स्थित सबस्टेशनों से तो पूरी रात बिजली की सप्लाई नहीं हो सकी। सुंदरपुर सबस्टेशन से सुबह 9:00 बजे बिजली आपूर्ति बहाल हुई लेकिन कुछ मिनट बाद गुल हो गई और दोपहर दो बजे के बाद आई। मैनपुरी क्रासिंग स्थित सबस्टेशन से बिजली आपूर्ति बुधवार को पूरे दिन में बमुश्किल दो घंटे हुई। अन्य सबस्टेशनों से भी बिजली आपूर्ति का करीब यही हाल रहा।

अमर उजाला ने पहले ही चेताया था
इस तरह के हालातों में बिजली बाधित होना जर्जर लाइनों और पेड़ों की कटिंग न होने का नतीजा होता है। बीती रात बारिश के चलते लाइनें या तो टूट गईं या फिर उनमें फाल्ट आ गए। लाइनमैन जैसे तैसे फाल्ट सही करके लाइन चालू करते कि कुछ मिनट बाद फिर फाल्ट हो जाता। मुख्यालय के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में तो बिजली के दर्शन दुर्लभ हो गए। बरसात के चलते उभरे बिजली के संकट को लेकर अमर उजाला ने पहले ही चेताया था। शासन ने 24 घंटे की बिजली आपूर्ति सुनिश्चित तो करा दी लेकिन वितरण व्यवस्था में समय रहते सुधार नहीं कराया गया। सरकार बनने के कुछ दिन बाद ही एमडी ने सैफई में अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्देश दिए थे कि बिजली आपूर्ति सुधार के प्रस्ताव भेजें लेकिन अफसरों ने ध्यान नहीं दिया।

बीमारियों से बचकर रहना
इटावा। बरसात के साथ संक्रामक बीमारियों का बढ़ना तय है। चिकित्सकों की सलाह पर अमल किया जाए तो मौसमी बीमारियों को फैलने से रोका जा सकता है। बरसात में डायरिया, दस्त, उल्टी, बुखार, पीलिया, टाइफाइड, मलेरिया आदि की संभावनाएं ज्यादा रहती हैं। जरा सी सावधानी बरती जाए तो इन बीमारियों की चपेट में आने से बचा जा सकता है। शहर के चिकित्सक डॉ. एमएम पालीवाल का कहना है कि बरसात में साफ-सफाई पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। लोग ताजे और शुद्ध खाने का प्रयोग करें। खाना खाने से पहले हाथ अच्छी तरह साबुन से धोएं। कटे हुए फल व बाजार के खाने से परहेज रखें। घर के आसपास मच्छरों को न पनपने दें। बाहर बने चाट-पकोड़े, समोसे आदि के सेवन से बचें।

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