नर्सिगिं स्टाफ ने प्रसूता के तीमारदारों को पीटा

Etawah Updated Sun, 01 Jul 2012 12:00 PM IST
इटावा। जिला महिला अस्पताल में कार्यरत नर्सिगिं स्टाफ ने सेवा शुल्क न देने पर प्रसूता के तीमारदारों के साथ जमकर मारपीट की। इसके बाद तो अन्य प्रसूताओं के तीमारदारों ने अवैध वसूली का विरोध करते हुए जमकर हंगामा किया। जिला महिला अस्पताल में यह चार दिन की भीतर दूसरा मामला है जब अवैध वसूली के विरोध में तीमारदारों ने हंगामा कियो। डीएम के आदेश पर इस पूरे प्रकरण की जांच सीएमओ ने की है।
शुक्रवार की रात जिला महिला अस्पताल में मिट्ठो पत्नी रामराज निवासी हबिलिया अजीतमल औरैया को प्रसव लिए परिजनों ने भर्ती कराया। सुबह करीब पांच बजे महिला ने बच्ची को जन्म दिया। जन्म के बाद नर्सिगिं स्टाफ ने सेवा शुल्क के रूप में एक हजार रुपए मांगे। इस पर तीमारदारों से विवाद हो गया। पैसे न देने पर नर्स सरिता कुशवाह ने अन्य स्टाफ के साथ प्रसूता की जेठानी उर्मिला देवी की पिटाई कर दी। इसके बाद जमा हुए अन्य परिवारीजनों ने जमकर हंगामा काटा। उर्मिला ने आरोप लगाया कि बेटी होने के बाद नर्स ने उनसे एक हजार रुपए की मांग की। उन्होंने देने से मना कर दिया। वह जब अंदर अपने मरीज के पास थीं तभी नर्स सरिता कुशवाह सहित अन्य स्टाफ ने आकर उनके साथ मारपीट की। प्रसूता से परिवार वालों को दो घंटे तक मिलने भी नहीं दिया गया।
हंगामा के बीच अवैध धन उगाही का अन्य तीमारदारों ने भी विरोध किया। विरोध कर रहीं आशा ऊषा देवी निवासी व्यासपुर ने भी स्टाफ पर गाली गलौज के साथ धक्कामुक्की करने का आरोप लगाया। कई अन्य तीमारदारों ने भी सेवा शुल्क मांगे जाने की बात कही। मीडिया के पहुंचने के बाद अस्पताल स्टाफ परिजनों पर लगातार दबाव बनाता रहा। जब इस संबंध में हमारे संवाददाता ने जिलाधिकारी से मुलाकात की तो उन्होंने तत्काल मुख्य चिकित्साधिकारी को जांच के निर्देश दिए। डीएम के आदेश पर सीएमओ डा. एसएच जायसी ने पहुंचकर जांच पड़ताल की। उन्होंने मारपीट की शिकार महिला के बयान दर्ज किए।
चार दिन में दूसरा मामला
महिला अस्पताल में सेवाशुल्क के विरोध में हंगामा होने का यह पहला मामला नहीं है। कई बार तीमारदारों ने अवैध रूप से धन वसूली का विरोध किया है। अभी चार दिन पहले ही 27 जून को जागेश्वर सिंह निवासी नगला जैक ने भी अवैध वसूली के विरोध में जमकर हंगामा किया था। समाचार पत्रों में छपने के बाद अस्पताल प्रशासन लगातार उस पर दबाव बनाकर लिखित मांगता रहा।


पूरे मामले की जांच सीएमओ को सौंप दी गई है। दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
पी. गुरुप्रसाद, डीएम

प्रथम दृष्टया दोनों पक्षों को सुनने के बाद पता चला कि लेबर रूम में घुसने को लेकर तीमारदारों का विवाद हो गया। उन्हें बाहर निकालने के लिए स्टाफ की कहासुनी हो गई। हालांकि महिला ने पैसे मांगने और मारपीट का आरोप लगाया है। जांच पूरी होने पर जो दोषी पाया जाएगा उस पर कार्रवाई होगी।
डा. एसएच जायसी, सीएमओ

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