एडवांस में साइन : भई कमाल है

Etawah Updated Fri, 29 Jun 2012 12:00 PM IST
इटावा। नगर पालिका से जुड़े कर्मचारी दफ्तर के बाहर शहर की जनता को धोखा रहे हैं और दफ्तर में अपने अफसरों को। लबे समय से शिकायत मिल रही थी पालिका कार्यालय से कर्मचारी गायब रहते हैं। फील्ड में भी नहीं दिखाई देते। शहर की समस्याएं मुंह बाए खड़ी हैं। तो ये कर्मचारी रहते कहां हैं? अमर उजाला ने पड़ताल की तो चौंकाने वाली हकीकत सामने आई। दरअसल सबसे बड़ा दोष अफसरों का है। कर्मचारी तो महज अफसरों की लापरवाही का फायदा उठा रहे हैं। हालात ये हैं कि पालिका में कर्मचारी आते नहीं और उपस्थिति रजिस्टर एडवांस में मेंनटेन रहता है। गैरहाजिर कर्मचारी उपस्थिति पंजिका में एडवांस में साइन कर जाते हैं। अमर उजाला ने अपनी लाइव रिपोर्ट में इस हकीकत को पकड़ा तो अफसरों के भी होश उड़ गए। गुरुवार को ऐसे तीन कर्मचारी रहे जिन्होंने गुरुवार को ही 29 जून के कॉलम में हस्ताक्षर कर दिए थे। अमर उजाला टीम ने अधिशाषी अधिकारी से राजस्व विभाग कार्यालय में कर अधीक्षका के कार्यालय में मौजूद न होने की सूचना दी। ईओ ने तत्काल उपस्थिति रजिस्टर तलब किया? जब उसमें तीन कर्मियों के हस्ताक्षर 29 जून के कॉलम में देखे तो वह भी हतप्रभ रह गए।
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समय 11.30 बजे
बाबू की कुर्सी पर ऊंघते मिले चपरासी
- नगर पालिका परिषद कार्यालय में पहुंची अमर उजाला टीम को अधिशाषी अधिकारी जनार्दन राय अपने कक्ष में तो उपस्थित मिले लेकिन वह अखबार की सुर्खियों को देखने में मशगूल दिखे। इसके इतर राजस्व कार्यालय में अन्य कर्मचारी तो उपस्थित मिले पर कर अधीक्षिका सुधा दीक्षित अपनी सीट से नदारद थीं। पूछने पर बताया गया कि वह अभी आई नहीं है। उनके बगल के कमरे स्थित जलकल कार्यालय में जलकल अभियंता किसी कार्य से अपने कक्ष निकलकर बाहर क्या गए कि मौजूद कर्मचारियों की मौज बन गई। बाबू की पड़ी कुर्सी पर एक चतुर्थ श्रेणी कर्मी ऊंघता दिखा। उनके समीप पड़ी एक कुर्सी पर एक महिला कर्मी भी उसका अनुशरण करती दिखी। हालांकि मुख्य लिपिक अपने कार्य में व्यस्त दिखे। पालिका परिषद के ऑडिट कक्ष का भी यही आलम था। कक्ष में मौजूद एक चतुर्थ श्रेणी कर्मी अपने अफसरों की अनुपस्थिति में ऊंघता दिखा। हालांकि स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग, जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण विभाग के अलावा लेखा विभाग आदि में कर्मचारी अपने अपने कार्यो में व्यस्त मिले।
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व्यवस्थित नहीं है शिकायत प्रकोष्ठ
- आम जनता की समस्याओं के बना शिकायत प्रकोष्ठ व्यवस्थित नहंी मिला। चेयरमैन के अभी तक न चुने जाने के कारण कक्ष बंद पड़ा है। ईओ ने शिकायत प्रकोष्ठ को कक्ष संख्या में चार में संचालित होना बताया लेकिन, वहां सिर्फ डाक को डिस्पैच करने की व्यवस्था मिली। डिस्पैच बाबू का कहना रहा कि कोई भी लिखित शिकायत आती है तो डिस्पैच में ही रिसीव की जाती है। हालांकि वहां पर शिकायतों को दर्ज करने का अलग से कोई रजिस्टर नहीं मिला।
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नहीं दिखा कोई फरियादी
-नगर पालिका परिषद कार्यालय में निकाय चुनाव के कारण ही फरियादी भी नहीं दिखे। क्योंकि पिछले दिनों चुनाव के चलते कार्यालय से फरियादी यही कहकर लौटाए जाते रहे कि चुनाव बाद ही कोई काम होगा। लिहाजा फरियादियों ने आना ही बंद कर दिया। अलबत्ता अपने कक्ष की सीट से नदारद कर अधीक्षिका सुधा दीक्षित जरूर टीम के आने की सूचना पर 12.55 बजे कार्यालय में उपस्थित हुईं।
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न वोट और न सुविधाएं फिर भी कर का नोटिस
-नगर पालिका परिषद कार्यालय में फरियादियों के नाम पर सिर्फ विकास कालोनी प्रथम व द्वितीय के कर संबंधी जारी नोटिस से परेशान लोग दिखे। नोटिस के अनुसार आज उनको सुना जाना था। इसीलिए वह कार्यालय में पहुंचे। लेकिन उनको सही ढंग से नहीं सुना गया। इन दोनों कालोनियों से आए गजेंद्र सिंह, रामौतार त्रिपाठी, देशदीपक दुबे, आशुतोष, श्याम नारायण आदि ने बताया कि न तो उनका नगर पालिका क्षेत्र की मतदाता सूची में शामिल किया गया और न ही कोई सुबिधाएं दी गई। कालोनियों में बिजली के तार बल्लियों के सहारे लगे है। नगर पालिका की ओर से कोई गली भी नहंी बनवाई गई। यहां तक कि पेयजल आपूर्ति के लिए हम लोग स्वयं अपनी अपनी निजी व्यवस्थाएं किए हुए है। पालिका की ओर से कोई पाइपलाइन नहीं डलवाई गई है। सफाई करने के लिए किसी भी कर्मचारी को भी नियुक्त नहीं किया। जब नगर पालिका उनको कोई सुबिधा नहीं दे सकती तब कर के नोटिस को जारी करने का क्या औचित्य है। उन्होंने ईओ से वार्ता भी की लेकिन कोई हल नहीं निकल सका।
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इन कर्मियों ने किए एडवांस साइन
-नगर पालिका परिषद के अधिशाषी अधिकारी जनार्दन राय ने उपस्थिति रजिस्टर चेक करते समय पाया कि कर्मचारी आशादेवी, हसीन बेगम तथा जमील ने 28 जून के साथ साथ 29 जून के कॉलम में ही हस्ताक्षर कर दिए, जबकि कर अधीक्षका सुधा दीक्षित तथा फरुद्दीन के 28 जून के कॉलम में हस्ताक्षर नहीं मिले।
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वर्जन
-जो कर्मचारी अनुपस्थित रहे हैं उनकी अनुपस्थिति लगा दी गई है और जिन कर्मचारियों ने गुरुवार को ही 29 जून के कॉलम में एडवांस में हस्ताक्षर कर दिए हैं उनसे स्पष्टीकरण मांगे जाने के निर्देश दिए हैं। शिकायत प्रकोष्ठ खुला है इस प्रकोष्ठ में फोन के जरिए शिकायत दर्ज कराने की सुबिधा है। लिखित शिकायत डिस्पैच में रिसीव कराए जाने की व्यवस्था है।
-जनार्दन रॉय
अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका परिषद, इटावा

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