सबसे बड़ी सामाजिक बुराई है नशा

Etawah Updated Wed, 27 Jun 2012 12:00 PM IST
इटावा। अंतर्राष्ट्रीय मादक पदार्थ विरोधी दिवस पर शहर के एक होटल में गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में प्रशासनिक अधिकारियों व सामाजिक व्यक्तियों ने नशे के हानिकारक परिणामों पर चर्चा की। वक्ताओं ने नशा को सबसे बड़ी सामाजिक बुराई बताया।
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अशोक चंद्र ने बताया कि बच्चों में अच्छे संस्कार डालकर नशे की बुराई से दूर रखा जा सकता है। नशा समाज की सबसे बड़ी बुराई है। नशे से केवल एक व्यक्ति प्रभावित नहीं होता बल्कि उसका पूरा परिवार प्रभावित होता है। नशे से मुक्त होने के बाद व्यक्ति को पारिवारिक सहानुभूति की आवश्यकता होती है। डीआईओएस ओमप्रकाश ने कहा कि समाज के सभी लोग एकजुट हो जाएं तो नशा रूपी बुराई को जड़ से समाप्त किया जा सकता है।
गोष्ठी में उपस्थित वरिष्ठ कवि नेम सिंह नमन ने नशा के प्रभावों को कविता के माध्यम से बताया। गोष्ठी को हैंवरा महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य जयवीर सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी एनपी गुप्ता, प्रदीप मिश्र, महेशचंद्र शर्मा, सीएमओ डा. एसएच जायसी आदि ने भी संबोधित किया। इससे पूर्व नशा मुक्ति केंद्र के व्यवस्थापक रामनरेश आचार्य, परियोजना निदेशक दामोदर बाथम, डा. श्रीकांत आदि ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सपा नेता अशोक यादव ने की।

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