शासनादेश के फेर में कमीशन एजेंटों के फंसे करोड़ों रुपए

Etawah Updated Sat, 23 Jun 2012 12:00 PM IST
फर्रुखाबाद। शासनादेश के आधार पर किसानों से गेहूं खरीद कर और उन्हें मूल्य भुगतान कर कमीशन एजेंट करोड़ों रुपए की चपेट में आ गए। खरीदे गए गेहूं को करीब एक माह पूर्व ही कमीशन एजेंटों से सुपुर्दगी में लेना एफसीआई के गोदामों में बंद कर दिया और अब आढ़तियों से गेहूं खरीद की व्यवस्था खत्म कर देने का शासनादेश भी जारी हो जाने से कमीशन एजेंटों की लंबी रकम फंस गई है।
गौरतलब है कि क्रय केंद्रों पर किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद में हो रही लापरवाही और बिचौलियों के अलावा आढ़तियों के भी सक्रिय होने पर प्रदेश सरकार ने आढ़तियों को गेहूं खरीद समर्थन मूल्य पर करने और उसके बदले ढाई प्रतिशत कमीशन देने का शासनादेश जारी किया गया था। जिले के विभिन्न क्रय केंद्र स्थलों पर ऐसे 17 आढ़तियों ने गेहूं खरीद का लाइसेंस मंडी शुल्क और वाणिज्य कर जमा करने के बाद प्राप्त किया था। इसके बाद किसानों से गेहूं खरीद जबर्दस्त तरीके से चालू कर दी गई थी कमीशन एजेंटों ने 12-15 हजार कुंटल गेहूं की खरीद कर ली। तभी मई के महीने में कमीशन एजेंटों का गेहूं ट्रक और ट्रैक्टरों पर लदकर कायमगंज स्थित गोदाम में पहुंचा तो वहां उक्त गेहूं सुपुर्दगी में लेने से मना कर दिया गया। आढ़तियों की मानें तो गोदाम के बाहर बोर्ड लगा दिया गया कि कमीशन एजेंटों का गेहूं नहीं लिया जाएगा। जबकि इसका कोई विशेष कारण नहीं बताया गया। सातनपुर मंडी परिषद में बैठने वाले कमीशन एजेंट चेतराम वर्मा और नीरज ने बताया कि गोदाम पर गेहूं लदे ट्रक व ट्रैक्टर कई-कई दिन खड़े रहे। उसका एक हजार रुपए प्रतिदिन के हिसाब से हाल्टिंग चार्ज उन्हें अपनी जेब से देना पड़ा। हाल्टिंग चार्ज में ही पचासों हजार रुपए की चपत लगी। नीरज ने बताया कि किसी तरह से गेहूं गोदामों में लिया भी गया तो मार्केटिंग विपणन विभाग के केंद्र प्रभारी विजय सिंह के निलंबित हो जाने के बाद अभी तक गेहूं की बिलिंग नहीं की गई। जिससे उनका 12 से 15 लाख रुपए फंसा है। कुछ ऐसा ही हाल चेतराम का भी रहा। उन्होंने कहा कि लाखों रुपए फंसा है और हजारों रुपए हाल्टिंग चार्ज में चले जाने से लंबा नुकसान हुआ इसलिए उन्होंने किसानों से गेहूं खरीदना ही काफी पहले बंद कर दिया था।
राजेपुर प्रतिनिधि के अनुसार राजा ट्रेडिंग कंपनी के प्रोपराइटर सत्य प्रकाश गुप्ता और एस.ट्रेडर्स के सचेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि कायमगंज गोदाम पर गेहूं लदे ट्रक व ट्रैक्टर कई दिन खड़े रहे जिसका उन्हें हाल्टिंग चार्ज अपनी जेब से देना पड़ा। बताया कि लंबी रकम अभी फंसी है। मोहम्मदाबाद, कमालगंज सहित कुछ अन्य क्षेत्रों में भी कमीशन एजेंटों की हालत पतली हो गई है। अब आढ़तियों से गेहूं लेने की व्यवस्था भी खत्म कर दिए जाने से कमीशन एजेंटों को तगड़ा झटका लगा है।

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