कहीं ताला, कहीं टीवी का मजा

Etawah Updated Fri, 22 Jun 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें
इटावा। यहां एक नहीं, सभी पुलिस चौकियों की हालत एक जैसी है। अमर उजाला ने अपनी पड़ताल के दूसरे दिन भी शहर की तीन प्रमुख चौकियों का जायजा लिया। हालात जस के तस थे। कहीं निगरानी करने वाले सिपाही की जगह ताला लटकता मिला। तो कहीं जेब्रा मोबाइल पुलिस कर्मी टीवी पर फिल्म देखते मिले। सभी ने अपने-अपने तरीके से सफाई भी दी। एक जगह तो मारपीट की शिकार महिला पुलिस का इंतजार करती मिली। संवाददाता को पुलिस वाला समझ महिला बिलख उठी। उसकी हालत पर तरस आया लेकिन क्या करें। चौकी पर कोई शिकायत लिखने वाला या फिर समस्या सुनने वाला नहीं था। अमर उजाला ने पुलिस चौकियों के हालात पर पहले दिन लाइव रिपोर्ट के जरिए अफसरों को आइना दिखाया लेकिन कोई भी आला अफसर चौकियों की व्यवस्था सुधारने को तत्पर नहीं दिखा। अब देखिए शहर की कुछ और चौकियों का हाल।
---
समय 01:30 बजे
तकिया पुलिस चौकी
जर्जर बिल्डिंग के पहली मंजिल पर चौकी तो मिली लेकिन कोई सिपाही तक नजर नहीं आया। चौकी के दरवाजे बंद थे। बिल्डिंग में नीचे दुकानदार ने बताया कि स्टाफ तिराहे पर मिलेगा। तिराहे पर पहुंचे तो यहां पुलिस चौकी का बोर्ड लगा था और कुछ खाली कुर्सियां पड़ी थीं। करीब दस मिनट बाद एक सिपाही आया। उससे पूछा, क्या यहां आपकी ड्यूटी है। जवाब दिया नहीं, मैं तो तामील में हूं। तो निगरानी में कौन है। जवाब मिला, निगरानी में किसी की ड्यूटी नहीं है। चौकी प्रभारी कहां हैं। उसने बताया, क्षेत्र में होंगे। क्षेत्र में कहां। बोला, पता नहीं, उनका ही तो इंतजार है। बाकी स्टाफ कहां है। जवाब मिला पता नहीं। मोबाइल से चौकी प्रभारी आनंद नारायण त्रिपाठी को फोन किया। आपसे मुलाकात करनी थी, चौकी में आप मिले नहीं। क्या करूं भाई फील्ड भी देखना पड़ता है। निगरानी की क्या है व्यवस्था। उधर से आवाज आई, कोई व्यवस्था नहीं है। फरियादी आएगा तो कहां जाएगा। जब आऊंगा तब सुनूंगा और क्या।
--
समय 02:00 बजे
अस्तल पुलिस चौकी
चौकी के मुख्य दरवाजे पर जेब्रा नंबर-9 की गाड़ी खड़ी है। अंदर दो सिपाही बैठे टीवी पर चल रही फिल्म का आनंद ले रहे थे। एक सिपाही तो सामने वाली कुर्सी पर आराम से पैर फैलाए था। वर्दी पर नेम प्लेट भी नहीं लगी थी। पूछा, आपका नाम क्या है। जवाब मिला, आपसे मतलब। पहले आप बताएं आप हैं कौन। मैं रिपोर्टर हूं। रिपोर्टर हो तो घटनाओं के बारे में पूछो, स्टाफ के बारे में नहीं। चौकी प्रभारी कौन हैं। चंद्रप्रकाश तिवारी हैं। रात में ड्यूटी की है इसलिए सो रहे हैं। निगरानी ड्यूटी पर कोई है। जवाब, नहीं है। वैसे पुलिस के बारे में जायजा लेने का अधिकार आपको नहीं हैं। हमारे अफसर जायजा ले सकते हैं। पूछा, जेब्रा ड्यूटी पर हो तो फील्ड में नहीं गए। फील्ड से ही तो आ रहा हूं, आराम भी तो करना पड़ेगा। चौकी प्रभारी का फोन नंबर क्या है। लिखें, 9455739178। चौकी से फोन मिलाया, तो जवाब मिला कि नंबर गलत है। मैं तो बाराबंकी से बोल रहा हूं।
--
समय 2:45 बजे
पुराना शहर पुलिस चौकी
पुलिस चौकी में चारों ओर सन्नाटा। कुर्सियां खाली पड़ी हुईं थीं। थोड़ी देर बाद सीढ़ियाें पर चढ़ती हुई एक महिला आई, साहब चौकी यही है। हां। आप क्या यहीं काम करते हैं। नहीं। दरोगा जी कहां हैं। महिला को परेशान देख पूछा कि क्या हुआ। अरे, काफी देर से नीचे बैठीं हूं, मोहल्ला बरही टोला में रहती हैूं। पति की मौत हो गई। ससुरालीजन घर से निकालना चाहते हैं। अभी थोड़ी देर पहले मुझे पीटा भी। दिलासा दिया, यहीं बैठो कोई आता होगा। थोड़ी देर बाद जेब्रा नंबर-दो के सिपाही चौकी पहुंचे। महिला ने उन्हें आपबीती सुनाई। सिपाही बोले चौकी इंचार्ज बहादुर सिंह कोतवाली गए हुए हैं। आप कोतवाली चली जाओ और वहीं उनसे मिलकर शिकायत कर देना। चौकी पर प्रभारी का कहीं मोबाइल नंबर नहीं लिखा था। जेब्रा पुलिस के सिपाही से उनका नंबर लिया। पूछा, कहां है साहब। उधर से जवाब मिला, कोतवाली में काम था। वहीं से साढ़े तीन बजे वापस आया हूं। पूछा, चौकी पर तो सन्नाटा था। निगरानी में भी कोई नहीं था, फरियादी कैसे समस्याएं बताएंगे। उधर से आवाज आई, भई क्या करें, चेकिंग जोरों पर है। सभी कि ड्यूटी कहीं न कहीं लगी है। अभी निगरानी नहीं हो रही है। ऊपर से भी मौखिक आदेश है। पूछा, क्या ऐसा आदेश है कि चौकी खाली छोड़ दो। नहीं भाई, ये कहीं लिखित में थोड़े ही होता है।
अमर उजाला फालोअप

इनकी सेहत पर असर नहीं
नहीं सुधरे चौकियों के अजब हाल
दूसरे दिन चौकी में आराम फरमाती मिली आधा दर्जन गायें
इटावा। पुलिस चौकियों के अजब-गजब हाल पर पुलिस अधिकारियों की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ा। दूसरे दिन भी उन तीनों चौकियों में से दो चौकियाें में सन्नाटा ही पसरा मिला, जहां की तश्वीर अमर उजाला टीम ने बीते दिन दिखाई थी। सिर्फ नया शहर पुलिस चौकी एक कांस्टेबिल से आबाद मिली।
गुरुवार की दोपहर नया शहर पुलिस चौकी में सिपाही बालेश्वर सिंह मिले। पूछने पर बताया कि निगरानी पर ड्यूटी है। चौकी प्रभारी बस स्टैंड तिराहे पर अन्य स्टाफ के साथ चेकिंग कर रहे हैं। इसके बाद नौरंगाबाद पुलिस चौकी तो चौकी कम गौशाला ज्यादा नजर आई। चौकी के भीतर सिपाहियों की जगह करीब आधा दर्जन गायें आराम फरमा रही थीं। यहां कोई मिला नहीं सो कोई सवाल जवाब नहीं हो पाया। इसके बाद टीम स्टेशन रोड पुलिस चौकी पहुंची तो यहां के हालात भी बुधवार की तरह ही दिखाई दिए। नाइट ड्यूटी करने वाले सिपाही सो रहे थे। आवाज दी तो बोले आप फिर आ गए। बोेले, फोन नंबर दे दो, कोई आएगा तो बात करवा देंगे। थोड़ी देर में चौकी प्रभारी राजकुमार यादव भी आ गए। पूछा, चौकी खाली पड़ी है, समस्याएं कौन सुनेगा। बोले, क्या करूं सारा पुलिस बल चौराहों पर चेकिंग में लगा है। निगरानी के लिए कोई नहीं है। स्टाफ कम है। निगरानी ड्यूटी न लगाने के उच्च अधिकारियों के आदेश भी हैं। पूछा, पीड़ित की कैसे सुनेंगे। वह यहां आकर सीधे मोबाइल पर कॉल करे, कोई न कोई आ जाएगा। मेरा फोन तो उठा नहीं था। अरे नहीं भाई कहीं बिजी होंगे।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Delhi NCR

ग्रेटर कैलाश में एक निर्माणाधीन की दीवार गिरी, 5 लोग हुए घायल 1 की मौत

ग्रेटर कैलाश में एक निर्माणाधीन इमारत के तहखाने की दीवार गिर गई।

23 जून 2018

Related Videos

VIDEO: आग से राख हुआ गांव

इटावा के एक गांव में भीषण आग लग गई जिसमें आधे से ज्यादा गांव जलकर खाक हो गया। घरों के साथ मवेशी भी इस आग में जिंदा जल गए।

16 जून 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen