फिर चढ़ने लगा चंबल घाटी का पारा

Etawah Updated Fri, 22 Jun 2012 12:00 PM IST
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इटावा। कई दशकों से दस्युओं की बंदूकों की गर्जना से दहलने वाली चंबल घाटी पुलिस व क्षेत्रीय लोगों के सामूहिक प्रयास से करीब छह वर्ष पूर्व शांत हुई थी। एक बार फिर से चंबल घाटी का पारा चढ़ने लगा है। घाटी में इन दिनों एक नया गैंग पनप चुका है। फौजी गैंग के रूप में इस गैंग की आहट सुनाई देने लगी है।
चंबल यमुना घाटी में दस्यु दलों का इतिहास कई दशकों पुराना रहा है। मोहर सिंह, मान सिंह, तहसीलदार सिंह, मलखान सिंह, लालाराम, फूलनदेवी, सीमा परिहार, रामआसरे फक्कड़, निर्भय गूर्जर, रज्जन गूर्जर, सलीम गूर्जर, रामवीर गूर्जर, अरविंद गूर्जर, जगजीवन परिहार के अलावा कई छोटे गैंग जैसे पपोला, सपोला, नादिया, चंदन, कड़ोरी पाठक आदि दस्यु दलों ने चंबल-यमुना घाटी में दहशत की इबारत लिखी। प्रदेश के जिलों में ही नहीं बल्कि आसपास के कई प्रांतों में समानांतर सरकार चलाई। लोगों का अपहरण कर फिरौती वसूला जाना एक उद्योग बना।
वर्ष 2005-06 की अवधि ऐसी रही जिसमें दस्यु दलों के समूल नाश की प्रक्रिया तेजी से चली। उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश पुलिस के बढ़ते दबाव की खातिर कई नामचीन दस्यु सरगनाओं ने मध्य प्रदेश में आत्मसमर्पण कर दिया। जो रह गए उन्हें इटावा और औरैया पुलिस ने मुठभेड़ों में मार गिराया। सबसे अंत में दस्यु जगजीवन परिहार प्रदेश पुलिस के दबाव के कारण मध्यप्रदेश भाग निकला और वहीं उसको ढेर कर दिया गया।
पिछले छह वर्षों से चंबल यमुना की घाटियां दस्यु दलों के आतंक से शांत हो गई थीं। अब फिर चंबल घाटी में दस्यु दल की आहट सुनाई देने लगी। पूर्व फौजी रामचंद क ी अगुवाई में पनपे इस नवोदित गैंग की आहट ने क्षेत्रवासियों और पुलिस का चैन छीन लिया है।

आजीवन कारावास का सजायाफ्ता है फ ौजी रामचंद्र
बीहड़ में गैंग तैयार करने वाला फौजी रामचंद्र मूलरूप से थाना चकरनगर के ग्राम नगला कढ़ोरी का निवासी है। फौज में तैनाती के दौरान पंजाब में एक अफसर की मामूली कहासुनी के बाद गोली मारकर हत्या कर दी थी। पंजाब पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। कानूनी प्रक्रिया के दौरान उसे हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। वर्ष 2004 में रामचंद्र पैरोल पर अपने गांव नगला कढ़ोरी आया और उसके बाद से वह लौटकर पंजाब नहीं गया। पैरोल खत्म होने के बाद अदालत ने रामचंद को हाजिर होने के आदेश दिया लेकिन उसने धोखाधड़ी करके अपने को मृत घोषित कर दिया। वर्ष 2005 उसने ग्राम पंचायत बरेछा से प्रधानी का चुनाव लड़ा और उसमें जीत हासिल की।

गांव में हुए झगड़े के बाद हुआ फरार
वर्ष 2011 में उसका अपने ही गांव के लोगों से पहले झगड़ा हुआ बाद में फायरिंग हुई। इसमें एक युवती गोली लगने से घायल हो गई थी। इस मामले में हरवीर आदि ने रामचंद्र और उसके भाई रामलक्षन, लालसिंह व बलवीर के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कराया। इस मामले में रामलक्षन, लालसिंह व बलवीर ने जमानत करा ली लेकिन रामचंद्र अदालती कार्यवाही से दूर रहा। इसके बाद वह जगतौली की एक युवती को भगा ले गया। इस मामले में युवती के परिजनों ने चकरनगर थाने में रिपोर्ट लिखाई। वहीं उसके विरोधी हरवीर सिंह आदि ने पंजाब जाकर पुलिस को एफआईआर की नकल दिखाते हुए रामचंद के जीवित होने की बात पुलिस को बताई। इस पर पंजाब पुलिस ने उसके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया। पंजाब पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए कई बार उसके गांव आकर दबिश दी लेकिन वह पकड़ में नहीं आया।

भगाई गई युवती से रचाया विवाह
ग्राम जगतौली से भगाई गई युवती से उसने विवाह भी रचा लिया। उसके एक बच्चा भी पैदा होने की चर्चा है। बताते हैं कि जगतौली से भगाई गई युवती को लेकर वह बीहड़ में कूद गया। युवती से विवाह रचाने के बारे में चकरनगर थाना पुलिस को रजिस्टर्ड डाक से एक पत्र भेजा। इसमें उसने प्रेम विवाह करने की बात कही। युवती ने इस पत्र में रामचंद्र को निर्दोष बताया। पत्र प्राप्त होने की बात को चकरनगर थाना पुलिस ने भी स्वीकारी है लेकिन उसकी सत्यता पर कुछ भी कहने से इंकार किया है।

गैंग में 10-12 लोगों के होने की चर्चा
बीहड़ में रहने के दौरान ही उसने पूर्व दस्यु दलों के भटक रहे साथियों से संपर्क साधा और उन्हें साथ में लेना शुरू कर दिया। कहा जाता है कि एक-एक करके उसने अपने गैंग में दस से बारह सदस्य बना लिए हैं। भगाई गई युवती भी गैंग में है। बीहड़ के सूत्र बताते हैं कि गैंग के पास अत्याधुनिक असलहे हैं। गैग की गतिविधियां इटावा, औरैया व जालौन के साथ मध्य प्रदेश के भिंड जनपद के बीहड़ में बताई गई हैं।

रामचंद्र पर दस हजार का इनाम घोषित
फौजी रामचंद्र के फरार होने और उसकी तलाश के बावजूद भी उसके न मिलने पर पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए दस हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। पंजाब पुलिस ने कई बार दबिश दी लेकिन वह पकड़ में नहीं आया। इसके साथ ही जनपद पुलिस भी उसकी गिरफ्तारी के प्रयास में लगी है। गिरफ्तारी के लिए पुलिस बीहड़ों में कांबिंग कर रही है।

सूचीबद्ध नहीं हुआ गैंग
बीहड़ में फौजी गैंग की चर्चा तेजी से होने लगी है। पुलिस भी इससे पूरी तरह वाकिफ है इसीलिए उसकी गिरफ्तारी के लिए बीहड़ों में लगातार कांबिग कर रही है, लेकिन वह कुछ कहने से कतराती है। इसी कारण पुलिस ने अभी तक इस गैंग को सूचीबद्ध नहीं किया है।

रामचंद्र पर जिले में तीन व पंजाब में एक मामला
फौजी रामचंद का आपराधिक इतिहास फौज में तैनाती के दौरान अफसर की गोली मारकर हत्या कर दिए जाने से शुरू हुआ। इसके बाद उसने चालाकी से खुद को मृत घोषित किया। चकरनगर क्षेत्र के अपने गांव में झगड़े के दौरान दबंगई दिखाते हुए फायरिंग की। उसके खिलाफ चकरनगर थाने में पहला मामला अपराध संख्या 16/11 धारा 323, 504, 506, दूसरा मामला अपराध संख्या 17/11 धारा 307, 323, 504, 506, 7सीएलए का दर्ज किया गया। तीसरा मामला अपराध संख्या 38/11 धारा 363, 366 का दर्ज किया गया है। इन मामलों में वह फरार चल रहा है।
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अफसर बोले
फौजी डकैत गिरोह के बीहड़ में सक्रिय होने की सूचना है। जालौन और अन्य जिलों में उसने कुछ वारदातें भी की हैं, लेकिन इटावा में अभी तक किसी मामले में इस गैंग के शामिल होने की पुष्टि नहीं हुई है। गैंग की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए सरगना पर 10 हजार कर इनाम घोषित करवाया है। जल्द ही उसका सफाया कर दिया जाएगा-राजेश मोदक, एसएसपी

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