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अपनी सुरक्षा खुद करिए, इनके सहारे न रहिए

Etawah Updated Thu, 21 Jun 2012 12:00 PM IST
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इटावा। इटावा में कानून व्यवस्था की बदहाली और आए दिन हत्या, लूट, चोरी की वारदातें किसी से छिपी नहीं है। पूरे जनपद में वारदातों की बाढ़ सी आई हुई है। बेखौफ अपराधी पुलिस अफसरों के चेकिंग अभियान के दौरान लूटपाट, छिनैती, चोरी की घटनाओं को अंजाम दे जाते हैं। हालात ऐसे प्रतीत होेते हैं मानों जिले की पुलिस का रसूख गर्त में चला गया हो और अपराधियों का हौसले बुलंद हों। गली मोहल्लों में अपराधों की बाढ़ सी आई है। अमर उजाला ने शहर की पुलिस चौकियों के हाल जानने की कोशिश की तो सारी हकीकत सामने आ गई। कहीं ताला लटका मिला तो कहीं खाली कुर्सियां स्वागत करती दिखीं। चौकी इंचार्ज तो जैसे फोन न उठाने की कसम खाए हैं।
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समय 01:30 बजे
नौरंगाबाद पुलिस चौकी
चौकी के अंदर प्रवेश किया तो चारों ओर सन्नाटा नजर आया। चौकी में न प्रभारी मिले, न ही कोई स्टाफ। मेनगेट कोई था ही नहीं। एक कमरे में ताला लटक रहा था। चौकी के बाहर बैठे दुकानदार ने बताया कि साहब फील्ड में होंगे। चौकी में एक कागज लटका था, जिस पर प्रभारी के अलावा 18 कांस्टेबलों के नाम अंकित थे। चौकी की बिल्डिंग काफी जर्जर थी। करीब बीस मिनट तक रुकने के बाद कोई पुलिस कर्मी नहीं मिला तो चौकी प्रभारी राजकुमार यादव के मोबाइल नंबर 945186028 पर लगातार 5 कॉल कीं। फोन नहीं उठा।
समय 02:10 बजे
नया शहर पुलिस चौकी
नया शहर पुलिस चौकी में सिपाही मुकेश यादव दो भाइयों के बीच हुए झगड़े में सुलह करा रहे थे। चौकी में बिजली और पंखा भी दिखाई नहीं दिया। फरियादियों के लिए बैठने, पानी का इंतजाम नहीं दिखा। 16 लोगों के स्टाफ में एक ही कांस्टेबिल मिला। सिपाही मुकेश ने बताया कि चौकी प्रभारी हरिओम सिंह व स्टाफ फील्ड में है। फील्ड में कहां, यह नहीं पता। चौकी प्रभारी हरिओम सिंह के मोबाइल नंबर 9457441207 पर फोन मिलाया गया तो कोई रिस्पांस नहीं मिला। पांच बार कॉल की गई फोन नहीं उठा।
समय 02:30 बजे
स्टेशनरोड पुलिस चौकी
बाहर से ही चौकी का सन्नाटा नजर आ रहा था। बाहर कुछ-एक टूटी कुर्सियां पड़ी थीं। अंदर अलग-अलग कमरों में चार सिपाही सोते मिले। आवाज देने पर एक कमरे से एक सिपाही बाहर निकलकर आया। चौकी में अन्य किसी की मौजूदगी पर उन्होंने बताया कि चौकी प्रभारी सहित अन्य सभी स्टाफ क्षेत्र में गश्त पर हैं। कहां गश्त कर रहे हैं वहीं मिल लिया जाए तो बोले येे तो पता नहीं। सो रहे सिपाहियों के संबंध में बताया कि इनकी ड्यूटी रात में है। इस सिपाही से चौकी प्रभारी आरके अवस्थी का मोबाइल नंबर पूछा गया तो वह नहीं बता पाए। चौकी इंचार्ज का मोबाइल नंबर कहीं लिखा भी नहीं था।
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