फैक्ट्री में नहीं बनता खून आगे तो आना ही होगा

Etawah Updated Wed, 13 Jun 2012 12:00 PM IST
इटावा। संवेदनहीन होते जा रहे समाज में भानू शुक्ला जैसे लोग वट वृक्ष की छांव जैसे लगते हैं। आधुनिकता के दौर में भानू प्रताप शुक्ला (50) का मानव जीवन की रक्षा करने का तरीका मिसाल है। भानू ने अपनी रगों में बहते खून को जरूरतमंदों के नाम कर दिया। जरूरत पड़ी तो पसीने की कमाई भी गरीबों पर न्योछावर करने में पीछे नहीं हटे। भानू अब तक आधा सैकड़ा बार रक्तदान कर चुके हैं। अपनी क्वालिस गाड़ी मरीजों के सेवार्थ लगा दी।
शहर के मोहल्ला अशोक नगर में रहने वाले बस ट्रांसपोर्टर भानू प्रताप शुक्ला अध्यात्म में रुचि रखते हैं। खून की कमी से होने वाली मौतों की खबरों ने भानू के बहुत पीड़ा पहुंचाई। उन्होंने तय किया कि जब तक उनकी रगों में खून है वह उसका प्रयोग दूसरों की जान बचाने के लिए करेंगे। बस फिर शुरू हुआ रक्तदान का सिलसिला। अब तक आधा सैकड़ा बार रक्तदान करके न जाने किस-किस की जान बचा चुके हैं। भानू ने अपनी निजी क्वालिस कार को भी मरीजों की सेवा में समर्पित कर दिया। घर के बार यह कार जरूरतमंदों के इंतजार में खड़ी रहती है। निशुल्क ड्राइवर भी मुहैया कराते हैं। भानू कहते हैं कि खून किसी फैक्ट्री में नहीं बनता है।
जान बचाना कर्तव्य है
करीब 25 बार रक्तदान कर चुके विजय नगर निवासी अतुल कुमार शुक्ला का कहना है कि मनुष्य का कर्तव्य है कि वह दूसरे की जान बचाए। बीते पांच वर्ष से रक्तदान कर रहा हूं। अगर अपना बुरा न हो और दूसरे का भला हो जाए तो यह कार्य हर किसी को करना चाहिए।
खून का कर्ज खून से उतार रहे
फ्रेंड्स कालोनी निवासी युवा व्यवसाई अखिल अग्रवाल खून का कर्ज खून से उतार रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 1997 में एक एक्सीडेंट में घायल होने के बाद 13 लोगों ने रक्तदान करके उनका जीवन बचाया। तब से उन्होंने रक्तदान को अपना कर्तव्य मान लिया।
इससे सस्ती सेवा कुछ नहीं
नौरंगाबाद मोहल्ला निवासी प्रदीप शर्मा भी बीते कुछ समय से अब तक आठ से अधिक बार रक्तदान ब्लड बैंक में जाकर कर चुके हैं। उनका कहना है कि इससे सस्ती सेवा कुछ नहीं है।
आपका खून, बचा सकता है कई जान
रक्तदान से शरीर में कोई कमजोरी नहीं आती, बल्कि रक्तदान के बाद नई स्फूर्ति का एहसास होता है। जिला अस्पताल स्थित ब्लडबैंक में रक्तदान की हर समय व्यवस्था है। कोई भी व्यक्ति यहां आकर रक्तदान कर सकता है।-डॉ. के के तिवारी (प्रभारी ब्लडबैंक, पैथालाजिस्ट)

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