केंद्रों पर दुत्कारे जा रहे हैं किसान

Etawah Updated Mon, 11 Jun 2012 12:00 PM IST
ऊसराहार(इटावा)। कटौती कराओ अथवा खर्चा दो अन्यथा केंद्र से भाग जाओ। यह जुमले इन दिनों खरीद केंद्रों पर किसानों को सुनने को मिल रहे है। आम किसान का गेहूं तो केंद्र पर खरीदा नहीं जा रहा है। बाबजूद इसके केंद्रों पर रात के अंधेरे में तौल की जा रही है। यह तौल किसान के गेहूं की नहीं वरन विचौलिए के जरिए आने वाले गेहूं की हो रही है। किसान तो सरकारी खरीद के नाम पर सिर्फ लुट ही रहा है।
यह एक कड़वी सच्चाई है जिससे जिला प्रशासन भी अंजान नहीं है कि गेहूं खरीद केंद्रों पर लाख कोशिशों के बाबजूद भी किसानों का गेहूं नहीं तुल पा रहा है। यदि तौल हो भी जाए तो पूरे मूल्य का भुगतान हो पाना टेड़ी खीर साबित होता है। विपणन विभाग के खरीद केंद्र पर ऊसराहार निवासी सत्यप्रकाश गुप्ता छह चक्कर लगा चुके हैं परंतु उन्हें टोकन नहीं मिला। नगला गंगे निवासी छोटे प्रजापति ने बताया कि उससे कटौती मांगी गई जब उसने मना किया तो उसको केंद्र प्रभारी ने दुत्कार कर भगा दिया। एक तरफ जहां किसान को बारदाना नहीं है कहकर केंद्रो से लौटाया जा रहा है वहीं उन्हीं केंद्रों पर लालटेनों की रोशनी में गेहूं तौला जाता है। उदाहरण के लिए मोहरी के किसान मुनव्वर खां और रशीदा वेगम क ो विपणन विभाग के केंद्र से 4 जून का टोकन मिला था। फिर भी आज तक उनका गेहूं केंद्र पर नहीं तौला गया। उनका कहना है कि उनके परिवार में कार्यक्रम है मजबूरीवश उन्हें औने पौने दामों में बाजार में गेहूं बेचना पड़ा। मोहरी निवासी किसान पूर्व प्रधान मोहनलाल मिश्रा के पुत्र रम्मू मिश्रा का कहना है कि ऊसराहार के विपणन विभाग के केंद्र पर उनसे 85 रुपए कुंतल का खर्चा मांगा जा रहा है। केंद्र प्रभारी का स्पष्ट कहना है कि खर्चा उन्हें देना पड़ता है इसलिए बिना कटौती के गेहूं नहीं तुलेगा। कटौती देने से इंकार करने के कारण उनका गेहूं नहीं बिक पा रहा है।
डीएम से शिकायत के बाद भी नहीं मिला पूरा भुगतान
- विपणन विभाग के गेहूं खरीद केंद्र पर सेना से कैप्टन पद से रिटायर्ड कर्मी जगत सिंह चौहान निवासी नगला झाबर ने अपना 23 कुंतल गेहूं बेचा। उसके भुगतान की चेक इसलिए रोक दी गई क्योंकि उसने 85 रुपए प्रति कुंतल का खर्चा देने से इंकार कर दिया था। उसने इसकी शिकायत डीएम से की थी। डीएम ने तत्काल जिला विपणन अधिकारी को पूरा भुगतान कराने के निर्देश दिए थे इसके बाबजूद भी उन्हें पूरा भुगतान नहीं मिला। जगतसिंह कहते हैं कि ऐसा भ्रष्टाचार कहीं नहीं देखा। जहां अधिकारियों के आदेश के बाबजूद उनको एक कुंतल की कटौती करके भुगतान दिया गया।

Spotlight

Most Read

Bareilly

बच्चो! 100 रुपये में स्वेटर खा लो

नकारा सिस्टम सरकारी योजनाओं को तो पलीता लगाता ही है, उसे गरीब बच्चों से भी कोई हमदर्दी नहीं है। सर्दी में बच्चों को स्वेटर बांटने की व्यवस्था ही देख लीजिए..

20 जनवरी 2018

Related Videos

यूपी में शौचालय भी हुए भगवा, पूर्व सीएम अखिलेश ने ली चुटकी

इटावा के एक गांव में बन रहे शौचालयों को भगवा रंग में रंगा जा रहा है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत बन रहे 350 शौचालयों में से सौ शौचालयों को भगवा में रंगा जा चुका है।

13 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper