अब लोहिया ग्रामों में बहेगी विकास की गंगा

Etawah Updated Thu, 07 Jun 2012 12:00 PM IST
इटावा। अंबेडकर ग्रामों की तर्ज पर अब लोहिया ग्रामों में विकास की गंगा बहेगी। इन गांवों में सरकारी स्कूल खुलेंगेे। पेयजल सप्लाई की व्यवस्था होगी। गांव के मुख्य मजरे का पक्का संपर्क मार्ग होगा। रोशनी के पर्याप्त प्रबंध होगे। शादी ब्याह आदि के लिए पंचायत घर बनेंगे। जिले में ऐसे विकास हीन राजस्व गांवों की खोजबीन इन दिनों तेजी से की जा रही है। माना जा रहा है कि इस माह के अंत तक लोहिया गांव चिंहित कर लिए जाएंगे।
मौजूदा सपा सरकार ने गांव के विकास के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया समग्र विकास योजना लागू की है। इस योजना में ऐसे गांव चिंहित किए जा रहे हैं। जो अब तक विकास की दृष्टि से अति पिछड़े हैं। दो चरणों में स्थलीय सर्वेक्षण करके सूची तैयार होगी। विभिन्न विभागों से प्राप्त रिपोर्ट के आंकड़ों को कंप्यूटर में फीड करने के लिए इन दिनों सीडीओ की देखरेख में देर रात तक डीपीआरओ कर्मचारी लगे हुए हैं।
686 राजस्व गांवों में से होगा चयन
लोहिया गांवों का चयन जिले के 686 राजस्व ग्रामों में से होगा। वैसे जिले में कुल 695 राजस्व ग्राम है, लेकिन 9 गांव गैर आबादी वाले हैं जो योजना से अलग हैं। जिले में ब्लाकवार राजस्व ग्रामों पर गौर करें तो सबसे अधिक महेवा में 117, बसरेहर में 97, बढ़पुरा में 95, भरथना में 92, जसवंतनगर में 90, सैफई में 68, चकरनगर में 64 व ताखा ब्लाक में 63 राजस्व गांव है। चयनित लोहिया ग्रामों में मूलभूत सुविधाएं जुटाई जाएंगी। खास बात यह है कि अंबेडकर गांव के चयन में जहां अधिसंख्य दलित आबादी को ध्यान में रख कर किया जाता था। जबकि लोहिया ग्रामों का चयन विकास के आधार पर होगा। जिन गांवों में सबसे कम विकास हुआ है, उन्हें लोहिया ग्राम का दर्जा मिलेगा।
अंकों के आधार पर बनेगी सूची
योजना के लिए अंकोें के आधार पर राजस्व ग्रामों की सूची बनाई जाएगी। शासन ने विकास कार्यों के लिए शून्य से तीन तक अंक निर्धारित किए हैं। मसलन यदि किसी गांव में संपर्क मार्ग कच्चा है तो उसे शून्य अंक दिए जाएंगे। खंड़जा है तो एक अंक और यदि पक्का है तो दो अंक। यदि संपर्क मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है तो तीन अंक दिए जाएंगे। इसी आधार पर आंतरिक गलियाें, पेयजल सुविधा, पाइप लाइन की दशा, विद्युतीकरण, स्वच्छ शौचालयों, पंचायतघरों व परिषदीय विद्यालयों की स्थिति के अंक निर्धारित किए गए हैं।
ऐसे होगा सर्वेक्षण और चयन
राजस्व ग्रामों में विकास कार्यों के परखने का दायित्व पहले जलनिगम, पीडब्लूडी, विद्युत, पंचायत व बेसिक शिक्षा विभाग के द्वारा किया गया है। जिसकी रिपोर्ट जिला पंचायतराज कार्यालय को प्राप्त कराई गई है। इसमें राजस्व ग्रामों को जो अंक दिए गए हैं। उसके सत्यापन के लिए जिला स्तरीय 122 अधिकारी लगाए गए हैं। इन सत्यापन अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद ही प्राप्त अंकों के आधार पर राजस्व ग्रामों की आरोही क्रम में सूची बनाई जाएगी। शासन द्वारा निर्धारित संख्या के आधार पर लोहिया ग्राम इसी सूची से चयनित किए जाएंगे।
14 जून की बैठक में मिलेगी रिपोर्ट
सत्यापन अधिकारी अपनी रिपोर्ट 14 जून को होनी वाली बैठक में देंगे। सीडीओ डॉ. अशोक चंद्र ने बताया कि इस वर्ष प्रदेश भर में 1600 लोहिया ग्राम चयनित होंगे। जिले के लोहिया ग्रामों की संख्या शासन से ही निर्धारित होगी। उसके बाद के वर्षों में लोहिया ग्रामों की संख्या 2100 निर्धारित की गई है। विकास कार्य संबंधित विभाग कराएंगे। उन्होंने बताया कि राजस्व ग्रामों की आरोही क्रम में बनी सूची में से ही निर्धारित संख्या में लोहिया ग्रामों का चयन कर लिया जाएगा।
बैठक में डीएम ने किया आगाह
कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को डीएम पी गुरुप्रसाद ने सत्यापन अधिकारियों की बैठक की। उन्होंने साफ तौर पर आगाह किया कि अधिकारी अंकों का निर्धारण किसी के प्रलोभन के आधार पर न करें। यदि ऐसा पाया जाएगा तो संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होगी। स्थलीय सर्वे में यदि कोई दिक्कत आती है तो बीडीओ से संपर्क कर लें।

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