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दीवार पर मुखर हो सकता है आंदोलन!

Etawah Updated Sun, 03 Jun 2012 12:00 PM IST
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इटावा। फर्रुखाबाद फाटक पर अंडरब्रिज बनाने की मांग को लेकर कई सालों से चल रहा आंदोलन के फिर से सिर उठाने की संभावना है। क्रासिंग को पूरी तरह से बंद करने के लिए रेलवे कंक्रीट की दीवार बनाने जा रही है। क्षेत्रीय लोगों ने इस सीसी दीवार का विरोध करना शुरू कर दिया है। लाइनपार संघर्ष समिति ने साफ कह दिया है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के दीवार बनी तो विरोध किया जाएगा। क्षेत्रीय लोगों के साथ समिति की पदाधिकारी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेंगे।
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गुरुतेगबहादुर फ्लाईओवर बनने के बाद बंद फर्रुखाबाद क्रासिंग गेट नंबर-27 पर रेलवे क्रासिंग के दोनों ओर सीसी दीवार बनाने जा रहा है। दीवार बनाने के लिए रेलवे ने क्रासिंग पर गिट्टी आदि सामग्री डलवा दी है। क्रासिंग पर दीवार बनने की खबर सुनकर क्षेत्रीय लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि दीवार बनने से पैदल यात्री को भी फाटक के इस ओर से उस ओर जाने के लिए करीब दो किलोमीटर का चक्कर काटना पड़ेगा। बीते रविवार को क्षेत्रीय महिलाओं ने क्रासिंग पर एकत्रित होकर सीसी दीवार का विरोध किया था। सोमवार को क्षेत्रीय लोगों ने जिलाधिकारी सहित रेलवे के आला अधिकारियों को मांग पत्र भेजकर वैकल्पिक रास्ते की मांग की।

आंदोलन की दी चेतावनी
लाइनपार संघर्ष समिति के संयोजक वाचस्पति द्विवेदी ने बताया कि रेलवे को दीवार बनाने से पहले क्षेत्रीय लोगों के लिए वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था करनी चाहिए। वैकल्पिक रास्ते के निर्माण के बिना रेलवे ने दीवार बनाना शुरू किया तो समिति क्षेत्रीय लोगों के साथ लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगी।
15 जून 2010 से आंदोलन
जून 2010 को फर्रुखाबाद फाटक पर फ्लाईओवर बनने के बाद रेलवे प्रशासन ने क्रासिंग को बंद कर दिया था। क्षेत्रीय लोगों ने क्रासिंग खोले जाने की मांग को लेकर लाइन पार संघर्ष मोर्चा का गठन किया और 15 जून 2010 को रेलवे ट्रैक जाम कर आंदोलन करने लगे। पुलिस ने लाठीचार्ज कर ट्रैक खाली कराया था। बाद में रेलवे एक्ट के तहत पचास लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
पुल से आवागमन सुरक्षित नहीं
क्रासिंग पर फ्लाईओवर तो बना है लेकिन मानकों पर खरा नहीं है। इसकी पुष्टि स्वयं कैग रिपोर्ट में हुई। फ्लाईओवर की कम चौड़ाई और फुटपाथ न होने के कारण पैदल यात्रियों को खतरा बना रहता है। वहीं रात के समय पुल पर अंधेरा रहने से लूटपाट का डर सताता है। ऐसे में लाइनपार के बाशिंदे ट्रैक पार करके ही आना जाना करते हैं।

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