बीहड़ के अस्पतालों में डाक्टरों का टोटा

Etawah Updated Sat, 26 May 2012 12:00 PM IST
चकरनगर (इटावा)। बीहड़ क्षेत्र चकरनगर में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। यहां डाक्टरों और स्टाफ का टोटा है। विकास खंड की दो पीएचसी एवं एक उच्चीकृत प्राथमिक स्वास्थ्य कें द्र पर कुल 12 पद स्वीकृत है, लेकिन मात्र तीन चिकित्सक ही तैनात हैं। इस कारण इस क्षेत्र की जनता झोलाछाप डाक्टरों से इलाज करवाने को मजबूर है।
विकास खंड चकरनगर में राजपुर में उच्चीकृत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है। यहां चिकित्सक के नौ पद स्वीकृत हैं, लेकिन तैनाती सिर्फ एक की है। फार्मासिस्ट के तीन पद हैं, जिसमें से एक भी फार्मासिस्ट नहीं है। इसी विकास खंड के ग्राम कढ़ाकास्दा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक पद डाक्टर का है। वहां पर डा. दीपक त्रिवेदी तैनात हैं, जबकि फार्मासिस्ट का पद रिक्त है। ग्राम पिपरौली गढ़िया में दो चिकित्सक व एक फार्मासिस्ट का पद स्वीकृत है, इसमें से सिर्फ एक ही डाक्टर सत्यधीरज तैनात हैं। यहां एक डाक्टर एवं फार्मासिस्ट का पद रिक्त है।
पारपट्टी क्षेत्र के इन तीन अस्पतालों में कुल 12 चिकित्सक एवं 5 फार्मासिस्टों के पद रिक्त हैं। उच्चीकृत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राजपुर पर वार्डब्वाय से लेकर चिकित्साधिकारी तक का कार्य प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. सुशील कुमार को ही करना पड़ता है। यहां पर चिकित्साधिकारी एवं फार्मासिस्टों की भारी कमी है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. सुशील कुमार ने बताया कि विकास खंड में 13 उपकेंद्र हैं। जिनमें दो उपकें द्रों पर एएनएम की नियुक्ति नहीं है। इस पिछड़े क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर अस्पतालों के भवन तो बने हैं लेकिन यहां पर न चिकित्साधिकारी हैं न फार्मासिस्ट। इस संबंध में ब्लाक प्रमुख महिपाल सिह यादव का कहना है कि पिछली सरकार में इन क्षेत्र की उपेक्षा की गई है। शीघ्र ही इस क्षेत्र में शासन स्तर पर पहल कर चिकित्साधिकारियों की नियुक्ति करवायी जाएगी।

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