खुद आंकलन करके देना होगा अपने घर का टैक्स

Etawah Updated Sat, 26 May 2012 12:00 PM IST
इटावा। नगरपालिका क्षेत्र में रहने वाले लोगों को अब खुद आंकलन करके अपने घर का टैक्स चुकाना होगा। नगरपालिका प्रशासन ने स्वकर प्रणाली लागू करने की पूरी तैयारी कर ली है। एक माह के अंदर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
अभी तक गृहकर की वसूली नगरपालिका प्रशासन द्वारा तय किए गए वार्षिक किराया मूल्य (एआरवी)के आधार पर की जाती है लेकिन अब इस एआरवी का निर्धारण नगरपालिका प्रशासन नहीं करेगा। बल्कि खुद गृह स्वामी अपने मकान की एआरवी तय करके निर्धारित फार्म में भरकर जमा करेगा। ईओ जनार्दन राय ने बताया कि यह स्वकर प्रणाली वर्तमान के गृहकर के स्थान पर लागू होगी। यानि जो गृहकर अभी लिया जा रहा है उसके स्थान पर नया आंकलन होगा और उसी के अनुसार गृहकर देना होगा।
एआरवी के लिए जगह के रेट तय
इस एनुअल रेंट वैल्यू (एआरवी) का निर्धारण करने के लिए नगरपालिका क्षेत्र की जगह को तीन हिस्सों में विभाजित किया गया है। जिसका मकान जितनी अधिक चौड़ी सड़क बना है और पक्का है, उसकी वैल्यू सबसे अधिक होगी।
12 मीटर तक की सड़क पर बने मकान की वैल्यू 90 पैसा वर्ग फुट होगी।
12 से 24 मीटर तक की यह वैल्यू एक रुपया
24 मीटर तक सड़क की वैल्यू 1.25 रुपया निर्धारित की गई है।
इसमें मकान की स्थिति पर भी गौर किया जाएगा। आरसीसी, ईट व कच्चे मकान के आधार पर एआरवी तय की जाएगी। खुद गृह स्वामी के द्वारा निर्धारित एआरवी पर 10 फीसदी गृहकर अदा करना होगा।
एक साल बाद लागू हो रही प्रणाली
स्वकर प्रणाली गत वर्ष बसपा सरकार में एक्ट में संशोधन करके लागू की गई थी। लेकिन अब तक यह ठंडे बस्ते में पड़ी थी। अब इसे लागू करने की मजबूूरी पैदा हो गई है। लिहाजा नगरपालिका प्रशासन ने हाथ पैर मारने शुरू कर दिए हैं। ईओ जनार्दन राय के अनुसार यदि स्वकर प्रणाली लागू न की गई तो 13वें वित्त आयोग से ग्रांट प्राप्त नहीं होगी।
जुर्माने का भी है प्रावधान
स्वकर प्रणाली के फार्म नगरपालिका परिसर से बेचे जाएंगे। ईओ श्री राय के अनुसार फार्म छपने जा रहा है। उसकी कीमत 10 रुपए रखी गई है। निर्धारित प्रारूप के इस फार्म में ही गृह स्वामी को एआरवी अंकित करनी होगी। जो गृह स्वामी एक वर्ष के भीतर फार्म जमा नहीं करेगा। उस पर एक हजार रुपया जुर्माना लगेगा।
एआरवी की जांच भी होगी
यूं तो गृह स्वामी को क्षेत्र वाइज निर्धारित जमीन की वैल्यू के आधार पर अपने घर की एआरवी तय करनी है। यदि कोई शिकायत मिलती है तो नगरपालिका प्रशासन अपने संसाधन से इसकी जांच भी करवा सकता है। ईओ श्री राय के मुताबिक सिर्फ कवर्ड एरिया पर ही एआरवी प्रभावी होगी। खुले एरिया का आंकलन नहीं किया जाना है।

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