पहले ही दिन फ्लाप हुआ ‘जनता दर्शन’

Etawah Updated Tue, 15 May 2012 12:00 PM IST
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इटावा। जिले में ‘जनता दर्शन’ पहले ही दिन फ्लाप साबित हुआ। रविवार को शासन ने सभी जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए हैं कि वह अपने कार्यालय में सुबह 10 बजे से 12 बजे तक नियमित रूप से मौजूद रहकर जनता की समस्याएं सुनें और उनका निस्तारण करें। यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री के ‘जनता दर्शन’ की तर्ज पर होगा। ‘अमर उजाला’ ने सोमवार को सुबह 10 से 12 बजे तक कलेक्ट्रेट परिसर के दफ्तरों का जायजा लिया तो हालात चौंकाने वाले मिले। कमोबेश सभी दफ्तरों के बाहर फरियादी टहलते नजर आए, लेकिन उनकी फरियाद सुनने वाले अफसर अपनी कुर्सी से नदारद रहे।
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डीएम कार्यालय
सुबह 10 से 11 बजे तक जिलाधिकारी नहीं आए थे। फरियादी अपनी समस्याएं लिए इधर-उधर टहल रहे थे। बसरेहर से आई मीना ने बताया कि वह कई रोज से आ रही है लेकिन डीएम साहब से मुलाकात नहीं हो पा रही। एक बुजुर्ग दंपति ने बताया कि पेंशन के लिए समाज कल्याण विभाग के अफसर चक्कर लगवा रहे हैं। डीएम से शिकायत करनी थी लेकिन वे नहीं मिले। भीड़ बढ़ने पर डीएम कार्यालय के कर्मचारी ने बताया कि साहब किसी काम से बाहर गए हैं। करीब 11:15 बजे एडीएम विद्याशंकर सिंह ने पहुंचकर फरियादियों की समस्या सुनी।
एसएसपी कार्यालय
यहां न तो एसएसपी थे और नहीं उनके स्थान पर फरियादियों की समस्या सुनने के लिए कोई अन्य अफसर। दूर दराज से आए फरियादी एसएसपी की बाट जोहते मिले। बकेवर से आए रामऔतार सिंह ने बताया कि पड़ोस में एक परिवार ने उनसे मारपीट की थी। थाने गए तो पुलिस ने कार्रवाई करने से इंकार कर दिया। अब आरोपी पक्ष धमकी देता है। एफआईआर दर्ज करने की गुहार लगाने आया था। करीब सवा घंटे बाद सीओ सिटी रामयज्ञ पहुंचे तब जाकर फरियादियों की समस्या सुनी गई।
जिला आपूर्ति कार्यालय
जिला आपूर्ति कार्यालय में दो महिला क्लर्क मिलीं। बाकी सारा स्टाफ नदारद था। इकदिल से आए रमेश प्रजापति ने बताया कि राशन कार्ड खो गया है लेकिन कोटेदार नया बनाने को तैयार नहीं। आपूर्ति अधिकारी से मिलने आया था लेकिन वह हैं नहीं। दरअसल यहां आपूर्ति अधिकारी की नियुक्ति ही नहीं है। आपूर्ति निरीक्षक को पदभार सौंपा गया है, लेकिन वे मौजूद नहीं थे। एक महिला स्टाफ से आपूर्ति निरीक्षक का नाम पूछा तो उसने उल्टा काम पूछ लिया।
समाज कल्याण कार्यालय
समाज कल्याण अधिकारी का दफ्तर भी अफसर विहीन मिला। कर्मचारी मौजूद थे लेकिन समाज कल्याण अधिकारी की कुर्सी खाली थी। उनके कमरे के बाहर तीन चार बुजुर्गों समेत अन्य फरियादी समस्या लिए बैठे थे। बीना के गणेशपुरा निवासी बसंती देवी अपने नेत्रहीन बेटे के साथ आई थी। बताया कि वह कई चक्कर लगा चुके हैं लेकिन अफसर से मुलाकात नहीं हो रही। उसके बेटे की पेंशन अचानक बंद हो गई है। नेत्रहीन होने की वजह से वह कुछ कामकाज नहीं कर पाता। इसकी पेंशन से ही घर चलता था। दफ्तर के एक कर्मचारी ने बताया कि किसी नए अधिकारी ने ज्वाइन किया है लेकिन वे अभी तक आए नहीं हैं।
प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय
जिला प्रोबेशन कार्यालय के बाहर कुछ फरियादी खड़े थे। रामनगर से आई पूनम ने बताया कि उसकी पेंशन काट दी गई है। कई बार शिकायत की लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। जिला प्रोबेशन अधिकारी के इंतजार में वह सुबह 9 बजे से बैठी है। कर्मचारी कु छ बताने को तैयार नहीं।
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