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मखौल बनीं परिषदीय विद्यालयों में सालाना परीक्षाएं

Etawah Updated Fri, 04 May 2012 12:00 PM IST
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इटावा। परिषदीय विद्यालयों में सालाना परीक्षाएं गुरुवार को शुरू हो गईं। पहले ही रोज परीक्षा के नाम पर मखौल दिखा। प्रश्नपत्र बने ब्लैक बोर्ड से छात्रों ने पहले प्रश्नों को कापी में उतारा, फिर उसे हल किया। कहीं-कहीं ब्लैक बोर्ड पर शिक्षक की लिखावट को लेकर छात्र परेशान दिखे। कहीं शिक्षकों की कमी से समस्या खड़ी हुई तो छात्र बिना शिक्षक की मौजूदगी में ही इम्तहान देते दिखे। कहीं किसी कक्षा के छात्र को अपनी बारी आने का इंतजार करना पड़ा। गुरुवार को ‘अमर उजाला’ ने परिषदीय स्कूलों में परीक्षा का हाल जानने के लिए जायजा लिया तो कुछ इसी तरह का नजारा देखने को मिला।
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सुबह 9:30 बजे
प्राथमिक विद्यालय पक्का तालाब में एक कमरे में कक्षा एक व दो, दूसरे में कक्षा चार तथा तीसरे में कक्षा पांच के छात्र परीक्षा देते मिले। एक अन्य कमरे में तीसरी कक्षा के छात्र अपनी बारी आने का इंतजार करते दिखे। परीक्षा का समय सुबह 7 से 9:30 बजे तक था। ब्लैक बोर्ड पर प्रश्नपत्र लिखा था, छात्र उसी को देखकर सवाल हल कर रहे थे। प्रधानाध्यापिका ब्रह्मादेवी ने बताया कि विद्यालय में उन्हें मिलाकर तीन शिक्षिकाएं हैं। शिक्षक की कमी के कारण ही कक्षा तीन के छात्रों को इंतजार करना पड़ा।
उधर, इसी परिसर में संचालित उच्च प्राथमिक विद्यालय में प्रथम पाली की परीक्षा हो चुकी थी। दूसरी पाली में पर्यावरण की परीक्षा होनी थी। छात्र मिड डे मील का इंतजार कर रहे थे। 9:55 बजे तक छात्रों को खाना नहीं मिल सका था। प्रधानाध्यापिका रमाशशि इस बारे में बताती हैं कि आज के मीनू में रोटी-सब्जी है। रोटी सेंकने में समय लगता है, इसलिए देरी हुई।
सुबह 10:03 बजे
प्राथमिक विद्यालय सराय दयानत में कुछ छात्र विद्यालय से निकल कर घर जा रहे थे तो कुछ अंदर खाना खा रहे थे। बताया गया कि पहली पाली क ी परीक्षा करा ली गई और भोजन खिलाने के बाद छात्रों की छुट्टी कर दी गई। ड्यूटी पर मौजूद सहायक अध्यापक से पूछा कि मौखिक परीक्षा नहीं कराई तो उनका जवाब था कि मौखिक परीक्षा कार्यक्रम में है ही नहीं।
सुबह 10:15 बजे
प्राथमिक विद्यालय कुनैरा में छात्र बाहर खेलते मिले। विद्यालय में लिखित परीक्षा हो चुकी थी और मौखिक चल रही थी। इस विद्यालय में भी शिक्षकों का टोटा दिखा। प्रभारी प्रधानाध्यापिका नीना चौहान ने बताया कि उनको मिलाकर दो शिक्षकाएं हैं, इन्हीं स्थितियों में परीक्षा जैसे-तैसे परीक्षा करानी है।
वहीं इसी परिसर में स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में तीन कक्षों में कक्षा 6,7 व 8 की परीक्षा चल रही थी। यहां शिक्षकों का अभाव दिखा। कक्षा 6 व 7 के छात्र बगैर कक्ष निरीक्षक के परीक्षा दे रहे थे जबकि कक्षा 8 में इंचार्ज प्रेमनारायण मौजूद थे। उनका कहना है कि वह अकेले ही तो हैं, इसलिए तीनों कक्षों में जा जाकर परीक्षा करा रहे हैं।
समय 10:45 बजे
उच्च प्राथमिक विद्यालय पचावली में तीन शिक्षिकाएं परीक्षाएं कराती मिलीं और कमरों कमी देखने को मिली। एक कक्ष में कक्षा सात की और दूसरे में कक्षा 6 व 8 की परीक्षा चल रही थी। कक्षा 8 के छात्रों को प्रश्नपत्र व कापियां दी गई परंतु कक्षा 6 व 7 के बच्चे घर से लेकर आए साधारण कापियों पर परीक्षा दे रहे थे। उनके पास प्रश्नपत्र भी नहीं थे और नहीं ब्लैक बोर्ड पर लिखे थे। प्रधानाध्यापिका भागवती देवी ने बताया कि बुकसेलर से प्रश्नपत्र लेकर आए लेकिन उसमें सिर्फ कक्षा आठ के ही प्रश्नपत्र निकले।
उधर, इसी परिसर में संचालित प्राथमिक विद्यालय पचावली में छात्र खेलते मिले। दो शिक्षकाएं व एक शिक्षामित्र एक ही कक्ष में मौजूद थीं। यहां पर कक्षा 1 से 4 तक के छात्रों को भरने वाला प्रश्नपत्र दिया गया जबकि कक्षा 5 के छात्रों के लिए ब्लैक बोर्ड पर प्रश्नपत्र लिखा गया। मौखिक परीक्षा के संबंध में प्रधानाध्यापिका ऊषा राजपूत ने बताया कि कल ही मीटिंग में उन्हें इस संबंध में बताया गया। अब मौखिक परीक्षा कराने जा रही हैं।
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