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भगवान महावीर की प्रतिमा का मस्तिकाभिषेक

Etawah Updated Tue, 01 May 2012 12:00 PM IST
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इटावा। मुनिश्री प्रमुख सागर महाराज की प्रेरणा से नगर के दक्षिणी छोर स्थित अतिशय क्षेत्र नसियां जी मंदिर पर स्थापित की गई भगवान महावीर की 21 फुट ऊंची प्रतिमा का सोमवार को मस्तिकाभिषेक किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में उमड़े श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर भगवान का अभिषेक किया। इस दौरान जयकारे व णमोकार महामंत्र गूंजता रहा।
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करीब एक पखवाड़ा पूर्व ही मंदिर पर 21 फुट ऊंची भगवान महावीर की प्रतिमा स्थापित की गई थी। पिछले दिनों पंचकल्याणक महोत्सव में इसकी प्राण प्रतिष्ठा कराई गई। रविवार को पंचकल्याक महोत्सव का समापन होने के बाद सोमवार को आचार्य श्री चंद्रसागर महाराज, मुनिश्री अमितसागर महाराज, मुनिश्री अरुण सागर महाराज और मुनि श्री प्रमुख सागर महाराज क ी उपस्थिति में नुमायश पंडाल से वापसी जुलूस प्रारंभ हुआ।

गाजे बाजे से निकला यह जुलूस नगर भ्रमण करता हुआ अतिशय क्षेत्र नसियां जी पर पहुंचा। मुनि प्रमुख सागर महाराज ने रविवार को ही घोषणा कर दी थी कि नसियां जी मंदिर पर स्थापित भगवान महावीर की प्रतिमा का सोमवार को मस्तिकाभिषेक किया जाएगा।
मुनिसंघ के निर्देशन में प्रतिष्ठाचार्य पं. अजीत कुमार शास्त्री ने विधि विधान से मस्तिकाभिषेक कराया। सबसे पहले प्रतिमा का मस्तिकाभिषेक सौधर्म इंद्र बने कानपुर के प्रदीप कुमार ने किया। उसके बाद मूर्ति दातार प्रमोद कुमार जैन ने परिवार सहित अभिषेक किया। फिर तो मस्तिकाभिषेक का सिलसिला काफी देर तक चलता रहा। बाद में शांतिधारा की गई। इस दौरान श्रद्धालु तीर्थंकर भगवान के जयकारों के साथ णमोकार महामंत्र का जाप भी करते रहे।
आयोजन में प्रमुख रूप से महाराष्ट्र हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति केयू चांदीबाल के अलावा पं. महेंद्रकुमार जैन उपस्थित रहे। नसियां जी समिति के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश जैन, महामंत्री सनतकुमार जैन, कोषाध्यक्ष अरविंद्र जैन पोद्दार, चक्रेश जैन एलआईसी, जितेंद्र जैन हैप्पी, सुदर्शन जैन, अरविंद जैन, कमल जैन आदि का सहयोग रहा।
दर्शनीय स्थल बना नसियां जी
वैसे तो अतिशय क्षेत्र नसियां जी मंदिर जनपद के जैन श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आस्था का केंद्र है ही लेकिन मुनि प्रमुख सागर महाराज की प्रेरणा से यह दर्शनीय स्थल बन गया है। इस अतिशय क्षेत्र पर अब जिले की सबसे ऊंची भगवान महावीर की प्रतिमा विराजमान हो गई है। साथ ही सुंदर छटा बिखेरने वाले समवशरण की रचना भी हो गई। इसके अतिरिक्त यहां पर ध्यान केंद्र की भी व्यवस्था की गई है जिसके लिए चौबीसी भी प्रतिष्ठित हो चुकी है।
अगाध श्रद्धा व दृढ़ निष्ठा के केंद्र हैं मुनि प्रमुख सागर
इटावा। समाजवादी व्यापार सभा के जिलाध्यक्ष मनीष जैन ने कहा कि युवा मुनि प्रमुख सागर धर्म के प्रति अगाध श्रद्धा एवं दृढ़ निष्ठा के केंद्र हैं। विश्व शांति पंचकल्याणक महोत्सव को महानता के चरमोत्कर्ष पर प्रतिष्ठित करने के लिए इटावा के इतिहास में उनका नाम स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा।
उन्होंने कहा कि पंचकल्याणक महोत्सव में ऐसे चमत्कार दिखे जिन्हें देखकर लोग आश्चर्य चकित रहे। सासांरिक विपत्तियों से मुक्ति मुनि संगति से ही संभव है। यह भी इस महोत्सव में जानने को मिला। महोत्सव में नर से नारायण बनने की प्रक्रिया की अविरल धारा प्रवाहित होती रही। मुनि द्वारा किए गए उपकार के लिए जैनकुल को आभारी होना चाहिए।

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